एनडीए सरकार का वाइब्रेशन! आईआईटियन के लॉ ने बताया जीत का फॉर्मूला

लोकसभा चुनाव के ६ चरण पूरे हो चुके हैं और मतगणता की तारीख २३ मई नजदीक आती जा रही है। इसके साथ ही लोगों की उत्सुकता अपने चरण पर पहुंचती जा रही है कि अबकी बार किसकी सरकार? फिलहाल सातवां और आखिरी चरण का मतदान १९ तारीख को होना है। मगर पूरे देश में जो माहौल है, उसके आधार पर विभिन्न सर्वेक्षण और भविष्यवाणियां की जा रही हैं और हर जगह एनडीए की बढ़त ही नजर आ रही है। मगर यह बढ़त कितनी होगी? एनडीए को कितनी सीटें आएंगी? ये कुछ ऐसे सवाल हैं जिनका जवाब हर कोई जानना चाहता है। सोशल मीडिया पर भी काफी कुछ लिखा-पढ़ा जा रहा है। अब एक नया दावा किया गया है जिसमें कहा गया है कि इस चुनाव में एनडीए सरकार का वाइब्रेशन आ रहा है।
वाइब्रेशन का हिंदी अर्थ कंपन होता है। मगर यहां इसका इस्तेमाल विशेषण के तौर पर समझना चाहिए। वाइब्रेशन का अर्थ आहट से लगाया जा सकता है। यानी एनडीए सरकार के वापस आने की आहट महसूस की जा रही है। सोशल मीडिया के अनुसार एक आईआईटीयन के बनाए लॉ ने जीत का फॉर्मूला बताया है। आईआईटी रुड़की के अपने समय के इस टॉपर का नाम प्रविंद्र ठकराल है और वे भौतिकशास्त्र के प्रोफेसर रह चुके हैं। तर्कशास्त्र और अंकशास्त्र के प्रयोग से ठकराल लॉ ऑफ वाइब्रेशन इजाद किया है और उनका कहना है कि इसके अनुसार चुनाव बाद केंद्र में एनडीए की सरकार ही बनेगी।
२०१९ की लोकसभा में कांग्रेस हो जाएगी आधा
आगामी २३ मई को केंद्र में एक बार फिर एनडीए की सरकार बनेगी। सट्टा बाजार का आकलन तो एनडीए की जीत का इशारा कर ही रहा है। ग्रह-नक्षत्र के आधार पर भी केंद्र में एनडीए सरकार के आने की भविष्यवाणी विभिन्न ज्योतिषियों ने की है। अब सोशल मीडिया पर आईआईटी रुड़की के एक टॉपर प्रविंद्र ठकराल के बनाए लॉ ऑफ वाइब्रेशन के आधार पर दावा किया जा रहा है कि केंद्र में एक बार फिर एनडीए की सरकार आ रही है। कहा जा रहा है कि यह भविष्यवाणी काफी हद तक वैज्ञानिक निष्कर्षों पर आधारित है। इस भविष्यवाणी की सबसे खास बात यह है कि इसमें २०१४ के मुकाबले कांग्रेस को आधी सीटें मिलने का दावा किया है।
प्रविंद्र भौतिकशास्त्र के प्रोफेसर रह चुके हैं। गणित पर उनकी अच्छी पकड़ है और उन्होंने अंकशास्त्र के आधार पर कुछ गणना की है और एनडीए सरकार के आने की भविष्यवाणी की है। उनकी भविष्यवाणी के अनुसार एनडीए को ३२६ सीटें या ३२८ सीटें आएंगी जबकि कांग्रेस का हाल और भी बुरा होगा और उसका ग्राफ गिरकर २२ सीटों पर सिमट जा सकता है। ठकराल के अनुसार उन्होंने १९९९ से २०१४ तक एनडीए के सबसे बड़े घटक दल भाजपा को मिलनेवाली सीटों का अध्ययन किया है और पाया कि भाजपा के लिए ८ और ४ का अंक काफी महत्वपूर्ण है। १९९९ में भाजपा को १८२ सीटें मिली थी। २००४ में १३८ और २००९ में ११६ सीटें मिली थीं। १९९९ में मिली सीटों में २००४ में मिली सीटों का घटा दिया जाए तो वह ४४ आता है। इसका योग ८ होता है। इसी तरह २००४ में मिली सीटों में से २००९ में मिली सीटों को घटा दें तो यह २२ आता है जिसका योग ४ होता है। इसी तरह अगर २०१४ में मिलीं २८२ सीटों में से २००९ की ११६ सीटों को घटा दिया जाए तो यह १६६ होता है। इसका योग १३ होता है और १३ का योग ४ होता है। अब हमारे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जीवन का मूल अंक भी १३ है और १३ का योग करें तो यह भी ४ आता है। अब इस अंकशास्त्र के आधार पर प्रविंद्र ठकराल के हवाले से दावा किया जा रहा है कि २३ मई को केंद्र में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में एक बार फिर एनडीए की सरकार बनने जा रही है।