नीरव और माल्या की मंजिल आर्थर रोड जेल!

लंदन में बैठकर हिंदुस्थानी जांच एजेंसियों को मुंह चिढ़ानेवाले लीकर किंग विजय माल्या और ‘डायमंड किंग’ नीरव मोदी को अब उनकी औकात पता चल गई है। दोनों को यह एहसास हो गया है कि उनकी मंजिल आर्थर रोड जेल की वही बैरकें होंगी, जिनमें आतंकी कसाब और शस्त्र अधिनियम के तहत कभी संजय दत्त ने भी दिन गुजारे थे। उम्मीद है कि हिंदुस्थानी एजेंसियां जल्द ही माल्या और मोदी को हिंदुस्थान लाने में सफल होंगी और ये दोनों भगोड़े आर्थर रोड जेल की एक ही बैरक में मेहमान बनेंगे। इसकी चर्चा  लंदन की कोर्ट में भी सुनाई दी।
बता दें कि विजय माल्या पर हिंदुस्थानी बैंकों को ९ हजार करोड़ रुपए जबकि पीएनबी महाघोटाले के मुख्य आरोपी नीरव मोदी पर १४ हजार करोड़ रुपए का चूना लगाने का आरोप है। लंदन भागने में कामयाब हुए भगोड़े माल्या और मोदी को वापस हिंदुस्थान लाने के लिए हिंदुस्थानी जांच एजेंसियां हरसंभव प्रयास कर रही हैं। ब्रिटेन की वेस्टमिंस्टर मजिस्ट्रेट कोर्ट में शुक्रवार को नीरव मोदी के प्रत्यर्पण सुनवाई के दौरान उस समय सभी के चेहरों पर मुस्कान छा गई, जब सुनवाई कर रहीं जज एमा आर्बुथनॉट ने पूछा कि हिंदुस्थान प्रत्यर्पित होने की दशा में क्या मोदी को भी विजय माल्या के साथ मुंबई की आर्थर रोड जेल की उसी बैरक में रखा जाएगा? सुनवाई शुरू होते ही जज आर्बुथनॉट ने पिछले साल दिसंबर में माल्या के प्रत्यर्पण का आदेश देने को याद करते हुए कहा कि उन्हें इस मामले (नीरव मोदी केस) में ‘देजा-वू’ जैसा अहसास हो रहा है। हिंदुस्थान की तरफ से पेश ब्रिटिश सरकार की क्राउन प्रॉसीक्यूशन सर्विस के वकील ने जज एमा को बताया कि मोदी को भी माल्या की ही जेल बैरक में रखा जाएगा, जिसका वीडियो देखकर अदालत पहले ही वहां की सुविधाओं से संतुष्ट हो चुकी है। गौरतलब हो कि शराब कारोबारी विजय माल्या को हिंदुस्थान को सौंपने के मामले में ब्रिटेन की वेस्टमिंस्टर मजिस्ट्रेट कोर्ट ने पहले ही मंजूरी दे दी है। विजय माल्या को जब हिंदुस्थान लाया जाएगा तो उसे मुंबई की आर्थर रोड जेल में रखा जाएगा, माल्या के लिए अदालत की तरफ से तय मानकों पर हाई सिक्योरिटी वाली बैरक को दोबारा तैयार किया गया है। उच्च सुरक्षा वाली यह बैरक अन्य कोठरियों से अलग है। इसमें लगातार सीसीटीवी की निगरानी होती है और अत्याधुनिक हथियारों के साथ सुरक्षाकर्मी तैनात रहते हैं। मुंबई की आर्थर रोड जेल दुनिया के सर्वश्रेष्ठ कारावासों में से एक है। फांसी दिए जाने से पहले तक २६/११ मुंबई हमले का आतंकी अजमल कसाब को कड़ी सुरक्षावाली इसी बैरक में रखा गया था।