राज्य के १,६०० स्कूलों में नहीं है गर्ल्स टॉयलेट

राज्यभर में १,६४७ स्कूल ऐसे हैं, जहां अब भी छात्राओं के लिए गर्ल्स टॉयलेट नहीं हैं। ऐसे में छात्राओं की निजता, स्वास्थ्य और सुरक्षा दांव पर है। इतना ही नहीं राज्य शिक्षा विभाग ने राज्य के तमाम सरकारी स्कूलों के शौचालय की मरम्मत, रख-रखाव और साफ-सफाई पर भी ध्यान देने को कहा है।
बता दें कि स्कूलों में लड़कियों के लिए शौचालय न होने के कारण कई छात्राओं ने स्कूल छोड़ दिया। शिक्षा विभाग ने इस बात को गंभीरता से लेते हुए सरकारी, जिला परिषद और मनपा स्कूलों के अधिकारियों को परिपत्रक जारी कर आदेश दिया है कि वे केंद्र सरकार द्वारा दिए जानेवाला `समग्र शिक्षा अभियान’ या फिर सीएसआर फंड के जरिए छात्राओं के लिए शौचालय बनाएं। कुल ६६,७५० स्कूलों में से ६५,१०३ स्कूलों में शौचालय है लेकिन शेष स्कूलों में अब भी छात्राओं के लिए अलग से शौचालय नहीं है। सभी स्कूलों को यह भी कहा गया है कि शौचालय में शीशा, बैग टांगने के लिए हुक, कूड़ेदान और लाइट की सुविधा होनी चाहिए।