" /> कर्नाटक के सीएम से बोली युवती …सड़क नहीं तो शादी नहीं!

कर्नाटक के सीएम से बोली युवती …सड़क नहीं तो शादी नहीं!

♦ मुख्‍यमंत्री बोम्मई को भेजा ईमेल
♦ बस सेवा शुरू करने की भी मांग

जनता अपनी मांग को मंगवाने के लिए जिला अधिकारियों से लेकर सीएम और पीएम तक को पत्र लिखते हैं लेकिन कर्नाटक की एक महिला ने सीएम बसवराज बोम्मई को पत्र लिखकर अपनी मांग मनवाने के लिए ऐसी शर्त रख दी कि लोग हैरान रह गए। युवती ने कहा कि वह तब तक शादी नहीं कर सकती जब तक उसके गांव में सड़क नहीं बन जाती और वहां बस सेवा की शुरुआत नहीं हो जाती। उसने यह भी लिखा है कि उनके अधिकारों के लिए लड़ने वाला गांव में कोई नहीं है। गौर करने की बात है कि सरकार ने तुरंत कार्रवाई शुरू भी कर दी है।
गांव की इकलौती पोस्ट ग्रेजुएट
बता दें कि जिले के अफसर गुरुवार को उसके गांव पहुंचे और उसकी मांग पर काम किए जाने का वादा किया। कर्नाटक के दावणगेरे जिले के एच. रामपुरा गांव की रहनेवाली बिंदु आर.डी. अपने गांव की इकलौती पोस्ट ग्रेजुएट युवती ने कहा कि वह शादी नहीं कर सकती और सड़क बनने तक अपने पैतृक स्थान को नहीं छोड़ सकता। मैं गांव से गई तो उस गांव के लिए लड़नेवाला कोई नहीं बचेगा। बिंदु ने कहा कि उसे अपनी शिक्षा के लिए अपनी युवावस्था के दौरान एक हॉस्‍टल में रहने के लिए मजबूर होना पड़ा क्योंकि गांव से आने-जाने के लिए सड़कें और बसें नहीं थीं। एच. रामपुरा गांव दावणगेरे शहर से करीब ३७ किमी दूर स्थित है। इसमें करीब ६० घर हैं। यहां ३०० लोगों की आबादी है।

अधिकांश युवतियों ने छोड़ी पढ़ाई
बता दें कि गांव में स्कूल और स्‍वास्‍थ्‍य सेवा केंद्र भी नहीं है। इसके लिए गांववालों को ७ किमी दूर मायाकोंडा गांव जाना पड़ता है। बिंदु का कहना है कि उसके गांव में कक्षा ५ तक का स्कूल है लेकिन अगर किसी को उससे अधिक पढ़ना होता है तो उसे दिन में १४ किमी पैदल चलना होता है। यही कारण है कि उसके गांव की अधिकांश लड़कियों ने स्कूली पढ़ाई छोड़ दी थी। गुरुवार को दावणगेरे जिले के डिप्‍टी कमिश्‍नर ने एच. रामपुरा का दौरा किया था। उन्‍हें गांव तक पहुंचने के लिए २ किमी चलना पड़ा था। इसके बाद उन्‍होंने स्‍थानीय अफसरों को शुक्रवार से संपर्क मार्ग बनाने का काम शुरू करने के निर्देश दिए।