" /> फुटपाथ पर रहकर, १०वीं  फतह!

फुटपाथ पर रहकर, १०वीं  फतह!

‘रुकावटें आती हैं सफतला की राहों में, यह कौन नहीं जानता फिर भी वह मंजिल पा ही लेता है, जो हार नहीं मानता…!’ जी हां, किसी शायर की इस शायरी को आसमा शेख नामक लड़की ने हकीकत में तब्दील कर दिखाया है। आसमा ने फुटपाथ पर गुजर-बसर करते हुए १०वीं की परीक्षा पास कर ली है। इसके साथ ही वह अपने परिवार की पहली शिक्षित लड़की बन गई है।
बुधवार को १०वीं का रिजल्ट आया और आसमा ४० प्रतिशत नंबर के साथ पास हुई। यह खबर उसके परिजनों को मिलते ही सभी के आंखों से खुशी के आंसू निकल पड़े। आसमा का पूरा परिवार वर्षों से मुंबई के आजाद नगर पुलिस चौकी के सामने की फुटपाथ पर प्रेस क्लब के पास रहता है। वहीं उसका आशियाना है। पिता सलीम शेख, मां रोशनी तथा भाई सरवर के साथ आसमा भी इसी फुटपाथ पर रहती है। सलीम शेख यहीं पर नींबू शर्बत बेचने का कार्य करते हैं। आसमा मस्जिद बंदर के एच.आर.एल.एस गर्ल्स हाई स्कूल में पढ़ती थी। आसमा ने बताया कि लॉकडाउन की वजह से शर्बत बेचने का व्यवसाय तो बंद हो गया है, अब उसके पिता कभी-कभार हमाली का कार्य करते हैं, जिससे उनका गुजर-बसर होता है। सोशल मीडिया पर आसमा के १०वीं पास होने और उसकी माली हालत की खबर वायरल होते ही शिवसैनिक उसकी मदद के लिए आगे आए। ओवला माजीवाड़ा विधानसभा क्षेत्र के शिवसेना विधायक प्रताप सरनाईक व मुंबई युवासेना के कार्यकर्ता ने आसमा के आगे की पढ़ाई का पूरा खर्च उठाने व उसकी नौकरी की जिम्मेदारी उठाने का वचन दिया है।

मुंबई में फुटपाथ पर रहनेवाली एक लड़की आसमा ने १०वीं की परीक्षा पास की है। यह एक बहुत बड़ी उपलब्धि है। इस उपलब्धि पर आसमा, उसके पिता सलीम शेख के साथ ही शिवसेना विधायक प्रताप सरनाईक ने अपनी बात कही है।
ग्रैजुएशन करना है!
मेरे पिताजी ने बहुत परेशानी उठाकर मुझे १०वीं तक पढ़ाया है। मेरे १०वीं पास होने की खबर सुनकर वे रो-पड़े। मैं आगे ग्रैजुएशन तक की पढ़ाई पूरी कर कोई अच्छी नौकरी करना चाहती हूं, ताकि मैं अपने पिताजी के लिए एक घर खरीद सकूं। मैं उन्हें फुटपाथ पर नहीं रहने देना चाहती।
– आसमा शेख
मैं बहुत खुश हूं!
परिस्थितियों के कारण मैं तो पढ़ाई नहीं कर सका, लेकिन मेरी इच्छा थी कि मेरे बच्चे पढ़-लिखकर एक सभ्य जीवन जिएं इसलिए मैंने मेहनत करके परेशानी उठाकर अपने दोनों बच्चों को पढ़ाया। आसमा १०वीं पास हुई है। मेरे पूरे परिवार में ये पहली लड़की है, जो १०वीं पास हुई। मेरा लड़का सरवर अभी ७वीं में पढ़ रहा है। मैं बहुत खुश हूं।
– सलीम शेख (आसमा के पिता)
घर दिलवाना है!
मैंने आसमा से बात की तो उसने बताया कि पढ़ाई का खर्चा युवासेना उठाने को तैयार हो गई है। हमें घर की जरूरत है। आसमा की परिस्थिति को देखते हुए मैं मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे, नगरविकास मंत्री एकनाथ शिंदे व गृह निर्माण मंत्री जितेंद्र आव्हाड को पत्र लिखकर निवेदन करूंगा कि जिस तरह से हमने ठाणे महानगरपालिका और मीरा-भाइंदर महानगर पालिका क्षेत्र अंतर्गत सड़क विस्तारीकरण में बाधित लोगों को म्हाडा व एमएमआरडीए के प्रोजेक्ट में घर दिए हैं, वैसे ही आसमा के परिवार को भी एक घर दें, जिससे की आनेवाली पीढ़ी के समक्ष एक मिसाल कायम हो। इसके अलावा मैंने मुंबई फोर्ट परिसर में ही आसमा को पार्ट टाईम जॉब दिलाने की बात कही है, जिसके लिए आसमा ने अपनी स्वीकृति भी दी है।
-प्रताप सरनाईक
(शिवसेना विधायक, ओवला माजीवाड़ा)