" /> आउट ऑफ पैवेलियन…इसको कहते हैं धोनी होना

आउट ऑफ पैवेलियन…इसको कहते हैं धोनी होना

बहुत कम ऐसे खिलाड़ी होते हैं, जो पूरे समर्पित भाव से अपनी टीम के लिए जुड़ते हैं। पैसा कमाना लगभग हर खिलाड़ी की मंशा रहती है और वे कमाते भी हैं। संन्यास के बाद भी वो धन कमाने के रास्ते अख्तियार करते हैं। महेंद्र सिंह धोनी ऐसे खिलाड़ी हैं, जिन्होंने भी खूब कमाया है, परंतु ऐसा नहीं है कि हर जगह से कमाई करें। अब देखिए न उन्हें हिंदुस्थानी टीम का मेंटर बनाया गया है। इसके लिए भी बोर्ड पारिश्रमिक रखता है, मगर धोनी ने अपनी टीम की सेवा के लिए पैसे लेने से मना कर दिया है और ये बात भी सचिव जय शाह ने बताई है। इसीलिए तो कहते हैं कि धोनी होना हर किसी खिलाड़ी के बस की बात नहीं है। बीसीसीआई के सचिव जय शाह ने धोनी के मेंटर बनने को लेकर खुलासा किया है। महेंद्र सिंह धोनी टीम की मेंटरिंग के लिए कोई भी पैसा नहीं लेंगे। हिंदुस्थानी टीम को अपना विश्वकप अभियान पाकिस्तान से भिड़ कर शुरू करना है और ऐसे में धोनी की सलाह टीम के लिए बहुत उपयोगी साबित होने वाली है। उनकी गाइडेंस में यदि टीम खेलती है तो निश्चित रूप से इस बार कुछ अलग ही नजारा देखने को मिलेगा।

छीनी गई मुझसे कप्तानी

ये दर्द है। पीड़ा है। भले ही हिंदुस्थान की तारीफ करने से न अघाते हों मगर कोई पद बिना किसी कारण के छीन लेना दु:ख भी देता है। अब देखिए न आईपीएल २०२१ के पहले चरण में डेविड वॉर्नर को कप्तानी से हटाकर न्यूजीलैंड के केन विलियमसन को सनराइजर्स हैदराबाद की कमान सौंपी गई थी। अब जब टीम का १४ वें सीजन में सफर खत्म हो चुका है, तब आखिरकार डेविड वॉर्नर ने पूरे मामले में अपनी चुप्पी तोड़ी है। ऑस्ट्रेलिया के स्टार बल्लेबाज ने दावा किया कि सनराइजर्स हैदराबाद प्रबंधन ने आईपीएल के इस सत्र में उन्हें कप्तानी से हटाने का कोई कारण नहीं बताया। कप्तान बदलने के बावजूद सनराइजर्स के प्रदर्शन में सुधार नहीं आया और टीम आईपीएल अंकतालिका में सबसे नीचे रही। उन्होंने कहा टीम मालिकों, ट्रेवर बेलिस, लक्ष्मण, मूडी और मुरली के प्रति पूरा सम्मान रखते हुए मैं कहूंगा कि कोई भी पैâसला सर्वसम्मति से होता है। मेरे लिए निराशाजनक बात यह भी रही कि मुझे बताया ही नहीं गया कि कप्तानी से क्यों हटाया गया है।

हिमा को कोरोना

देखिए कोरोना अभी खत्म नहीं हुआ है। जिस तरह से देश में कोरोना के प्रति सुरक्षित रहने की कवायद कम हुई है, वो चिंताजनक है। भले ही वैक्सीन करोड़ों लोगों ने ले रखी हों मगर ये रोग खत्म नहीं हुआ है और लोगों को ही नहीं, बल्कि स्टार खिलाड़ियों को अब भी हो रहा है, जो बेहद कड़ी निगरानी में भी रहते हैं साथ ही खुद भी हिदायतों का पालन करते हैं। अब देखिए न, देश की स्टार महिला एथलीट हिमा दास महामारी कोरोना वायरस की चपेट में आ गई हैं। वो एनआईएस पटियाला ट्रेनिंग शुरू करने के लिए लौटी थीं। टोकियो ओलिंपिक के लिए क्वॉलिफाई नहीं कर पाने वाली हिमा की जांच हुई थी, जिसमें वह कोविड पॉजिटिव पाई गई हैं। हालांकि उनकी तबीयत ठीक है। २०१८ में ४०० मीटर में अंडर-२० वर्ल्ड चैंपियनशिप की चैंपियन हिमा हैमिस्ट्रिंग इंजरी की वजह से थोड़े समय के लिए खेल से दूर थीं। वो दो दिन पहले १० अक्टूबर को पटियाला लौटी थीं।

आईपीएल की खान से निकला आवेश

लीजिए आईपीएल की खान से निकला आवेश खान अब हिंदुस्थानी टीम से जुड़ रहा है। दिल्ली कैपिटल्स के तेज गेंदबाज आवेश खान को भारतीय क्रिकेट बोर्ड (बीसीसीआई) ने इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) के बाद यूएई में ही रुकने और नेट गेंदबाज के रूप में हिंदुस्थानी टीम की टी-२० विश्वकप टीम से जुड़ने को कहा है। कश्मीर के तूफानी तेज गेंदबाज उमरान मलिक के बाद २४ साल के आवेश दूसरे तेज गेंदबाज हैं, जिसे टीम से जुड़ने को कहा गया है। टीम अपने अभियान की शुरुआत २४ अक्टूबर को पाकिस्तान के खिलाफ करेगी। क्रिकेट जगत में चर्चा है कि राष्ट्रीय चयनकर्ताओं ने आवेश को भी टीम के साथ जोड़ने का पैâसला किया है। अभी वो नेट गेंदबाज के रूप में शामिल होंगे लेकिन अगर टीम प्रबंधन को लगता है तो उसे मुख्य खिलाड़ियों में शामिल किया जा सकता है। आवेश के खाते में आईपीएल के अब तक २८ विकेट हैं और वो पर्पल वैâप की रेस में हैं।

(लेखक सम सामयिक विषयों के टिप्पणीकर्ता हैं। ३ दशकों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं व दूरदर्शन धारावाहिक तथा डाक्यूमेंट्री लेखन के साथ इनकी तमाम ऑडियो बुक्स भी रिलीज हो चुकी हैं।)