" /> पाकिस्तान को रास न आई ग्लैमरस गर्ल!, फिगर की वजह से टीचर को किया बेरोजगार

पाकिस्तान को रास न आई ग्लैमरस गर्ल!, फिगर की वजह से टीचर को किया बेरोजगार

पड़ोसी देश पाकिस्तान की कहानी भी अजीब है। वहां लाहौर में एक अजीब घटना हुई। एक टीचर को उसके स्कूल से सिर्फ इसलिए निकाल दिया गया कि वह बहुत ग्लैमरस लगती है। उसे स्कूल के प्रबंधक की ओर से बर्खास्तगी का एक पत्र मिला जिसमें उसे बताया गया कि वह बहुत ‘फिट’ और ‘कामुक’ है। इसलिए उसे नौकरी छोड़नी पड़ेगी। मजे की बात ये है कि ३० वर्षीया वह टीचर शादीशुदा है और उसके दो बच्चे भी हैं। यही नहीं, वह टीचर स्कूल में शालीन वस्त्र सलवार कमीज पहनकर आती थी। टीचर का नाम आसिया जुबैर है और उसने अपना यह दुख ट्विटर पर शेयर किया है।
मिली जानकारी के अनुसार टीचर आसिया के ग्लैमरस फिगर के कारण उसे बेरोजगार कर दिया गया। आसिया पिछले १२ वर्षों से एक टीचर के रूप में काम कर रही थी। मंगलवार, ११ अगस्त, २०२० को उसे माध्यमिक शिक्षा के छात्रों को पढ़ाने के लिए ‘बहुत ग्लैमरस’ होने के आधार पर स्कूल से निकाल दिया गया था। आसिया ने अब ट्विटर पर अपना दुख व्यक्त करते हुए इस बेतुके आधार पर उसे नौकरी से हटाने के लिए प्रबंधन की आलोचना की। आसिया ने कहा कि उसे स्कूल से एक पत्र मिला है, जिसमें उसे नौकरी से हटाने की सूचना दी गई है। पत्र में प्रबंधक ने बताया है, कि मेरा शरीर उसके लिए बहुत ‘फिट’ या ‘कामुक’ है। आसिया ने लिखा कि माध्यमिक स्कूल के छात्रों को पढ़ाने के लिए हम आम तौर पर अपने स्कूल में दुपट्टे के साथ सभ्य सलवार कमीज पहनते हैं और मुझे पता नहीं है कि वे मुझसे और क्या चाहते थे? हास्यास्पद।’ आसिया के अनुसार, टीचर आमतौर पर स्कूल में अपनी ड्यूटी टाइमिंग के दौरान शालीन पोशाक पहनती हैं और अगर इससे भी मदद नहीं मिलती है तो वे स्कूल प्रबंधन को संतुष्ट करने के लिए और क्या कर सकती हैं? आसिया का कहना है कि पाकिस्तान में संघीय भेदभाव-विरोधी ढांचे के कड़े कानून की सख्त आवश्यकता है। इस तरह के कानून में सेक्स, उम्र, धर्म, विकलांगता, व्यापार संघ की सदस्यता आदि के आधार पर भेदभाव को रोकना चाहिए और समान वेतन सुनिश्चित करना चाहिए। भेदभाव विरोधी कानून में कार्यस्थल पर हिंसा और उत्पीड़न के मुद्दों पर भी विचार किया जाना चाहिए और इन्हें व्यावसायिक स्वास्थ्य और सुरक्षा के मुद्दों के रूप में माना जाना चाहिए।