पाकिस्तान की इंडिया पर ‘नार्को’ स्ट्राइक! -२,५०० मौतें और आतंक को ३००० करोड़ की फंडिंग

पाकिस्तान पर सर्जिकल स्ट्राइक और एयर स्ट्राइक करके हिंदुस्थान भले ही खुश हो ले, पर असल में पाकिस्तान ने हिंदुस्थान पर लगातार ‘नार्को स्ट्राइक’ करके हमें अपेक्षाकृत ज्यादा नुकसान पहुंचाया है। २ दिन पूर्व लोकसभा में आए ताजा आंकड़ों और कल अंतर्राष्ट्रीय नशा मुक्ति दिवस पर आई रिपोर्ट से यह बात और भी साफ हो गई है। इनसे पता चलता है कि पाकिस्तान की हम पर की गई नार्को स्ट्राइक किस कदर सफल रही है।
सरहदी किसान बने ‘नार्को’ कूरियर!
पंजाब के सरहदी क्षेत्रों में रहने वाले किसानों को पाकिस्तान के ड्रग्स तस्कर अपने शिकंजे में कसते जा रहे हैं। ये उन किसानों को ‘नार्को’ कूरियर बनाकर उनसे ड्रग्स की तस्करी करवाते हैं। ये तस्कर उन किसानों को अपना मोहरा बनाते हैं, जिनके खेत सरहद पर लगे बाड़े के दूसरी ओर हैं। तस्कर सरहदी किसानों पर लालच का जाल फेंकते हैं, क्योंकि उन्हें पैसे की सबसे ज्यादा जरूरत है। तस्कर बड़ी मात्रा में किसानों से तस्करी कराने की बजाए छोटे रूप में ड्रग्स की बड़ी खेप पहुंचाते हैं। दरअसल, पंजाब के सरहदी क्षेत्रों के अंतर्गत २१२ गांवों में रहनेवाले लगभग ६,००० परिवारों के खेत सुरक्षा बाड़े की दूसरी ओर हैं। बताया जाता है कि इन किसानों का इस्तेमाल एक कूरियर वाले के रूप में होता है, जो ४०० से ५०० मीटर के बाड़ेवाले क्षेत्र को पार कर ड्रग्स को सूचना वाले स्थान तक पहुंचा देते हैं। किसानों को इस काम के एवज में एक किलो के पैकेट के बदले ५० हजार से ७० हजार रुपए तक दिए जाते हैं। कुल मिलाकर पाकिस्तान पंजाब और जम्मू-कश्मीर में हेरोइन के अवैध कारोबार को बढ़ावा दे रहा है। पाकिस्तान की वजह से हिंदुस्थान में लगातार नार्को-टेररिज्म का खतरा बढ़ता जा रहा है। सीमा पार से लाई गई हेरोइन के अवैध कारोबार की कमाई का इस्तेमाल कश्मीर में आतंकवाद को बढ़ावा देने के लिए हो रहा है। अब कश्मीर के जरिए अवैध हेरोइन का कारोबार पूरे देश में फैलाने की कोशिश की जा रही है।
गौरतलब है कि २५ जून २०१९ को लोकसभा में बताया गया कि २०१७ में देश में नशीले पदार्थों की तस्करी के ४७,३४४ मामले सामने आए थे। इन मामलों में सबसे ज्यादा १२,४३९ मामले पंजाब में दर्ज किए गए। २००७ से २०१७ तक नशे की वजह से देश में २५ हजार आत्महत्याएं हुई हैं। २६ जून यानी कल पूरी दुनिया में नशा मुक्ति के लिए अंतर्राष्ट्रीय दिवस मनाया गया। इस बीच संयुक्त राष्ट्र के सहयोग से चलनेवाली संस्था आईएनसीबी की २०१८ की रिपोर्ट में हिंदुस्थान में ड्रग्स के फैलते अवैध जाल पर चिंता जताई गई। देश में अधिकांश ड्रग्स पाकिस्तान के माध्यम से पहुंचते हैं, जिसे पाकिस्तान, बांग्लादेश, नेपाल सीमा से या फिर अफ्रीका से होकर लाया जाता है। इन्हें लाने के सबसे बेहतरीन रास्ते सरहदी इलाकों में मौजूद नदी-नाले होते हैं। हेरोइन और कोकीन नियंत्रण रेखा से कश्मीर घाटी में आती है। फिर वहां से पूरे देश में फैलाई जाती है।
हाल के दिनों में पाकिस्तान की हिंदुस्थान पर की गई नार्को स्ट्राइक में काफी तेजी आई है। आंकड़ों के मुताबिक पाकिस्तान ने गत २५ महीनों के दौरान हिंदुस्थान में ३,००० करोड़ से अधिक की ड्रग्स घुसपैठ कराकर एक ओर तो हमारे हजारों युवाओं को मौत के घाट उतारा है, वहीं दूसरी और कश्मीर समेत देश के कई हिस्सों में ड्रग्स की रकम आतंकियों तक पहुंचा कर उन्हें मजबूत करने का काम किया है। राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो की माने तो हिंदुस्थान में २००७ से लेकर २०१७ तक १० सालों में ड्रग्स से संबंधित २५,००० से ज्यादा आत्महत्याएं हुई थीं। पूरे देश में करीब ८.५ लाख लोग ड्रग्स इंजेक्ट करते हैं। आईएनसीबी की रिपोर्ट भी बताती है कि हिंदुस्थान में अवैध हेरोइन की जब्ती काफी ज्यादा बढ़ी है। रिपोर्ट के अनुसार भारत में इस समय कैनाबिस से लेकर ट्रामाडोल जैसी नशीले पदार्थों का उपयोग हो रहा है।

अफगानिस्तान में पनपा पाकिस्तान से फैल
संयुक्त राष्ट्र द्वारा २०१७ में जारी की गई एक रिपोर्ट के अनुसार अफगानिस्तान में आतंकी गुट करीब ३,२८,००० हेक्टेयर में अफीम की खेती कराते हैं। इसे पाकिस्तान के जरिए हिंदुस्थान में भेजा जाता है। इसमें पूरी तरह से पाकिस्तान के आतंकी गुट, तस्कर और वहां की गुप्तचर एजेंसी आईएसआई की मिलीभगत होती है। एक आंकड़े के अनुसार २०१७ में अफगानिस्तान से वाया पाकिस्तान आनेवाली अफीम की खेप में ६३ फीसदी की बढ़ोतरी देखने को मिली थी। जबकि इसके एक साल पहले २०१६ में ८७ फीसदी बढ़ोतरी देखी गई थी। यह सिलसिला लगातार जारी है जो अब आतंक की फैक्ट्रियों का पोषक और हिंदुस्थान के खिलाफ अघोषित युद्ध का हथियार बन गया है।