" /> हिंदुस्थान में जहर फैला रहा है पाकिस्तानी अजहर!… मारे गए आतंकियों की चैट से खुला राज

हिंदुस्थान में जहर फैला रहा है पाकिस्तानी अजहर!… मारे गए आतंकियों की चैट से खुला राज

एफएटीएफ के डर से पाकिस्तान ने भले ही जैश-ए-मोहम्मद के सरगना मौलाना मसूद अजहर को छिपा रखा है पर ये अजहर हिंदुस्थान में आतंक का जहर पैâलाने से बाज नहीं आ रहा। हाल ही में जम्मू-कश्मीर में भारी हथियारों के साथ जो ४ पाकिस्तानी आतंकी घुसे थे उसका मार्गदर्शन मसूद अजहर का भाई रऊफ अजहर कर रहा था। मारे गए आतंकियों के पास से बरामद डिजिटल मोबाइल रेडियो सेट की चैट से इस बात का खुलासा हुआ है।
सैन्य सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार जम्मू-कश्मीर हाईवे पर नगरोटा टोल प्लाजा के पास मारे गए जैश-ए-मोहम्मद के आतंकी लगातार पाकिस्तान में बैठे अपने हैंडलर के संपर्क में थे। इस ब ात का खुलासा आतंकियों से बरामद डिजिटल मोबाइल रेडियो सेट से हुआ है। पाकिस्तान में बने इस डिजिटल मोबाइल रेडियो से जांच एजेंसियो को आतंकियों और उनके हैंडलर के बीच चैट के संदेश्ी मिले हैं, जिसमें हैंडलर आतंकियों से पूछ रहा है, पहुंच गए? कोई परेशानी तो नहीं आई? ये सारे संदेश रात २ बजे के आसपास रिकॉर्ड हुए हैं।
सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, आतंकियों को ये संदेश पाकिस्तानी हैंडलर और मसूद अजहर का भाई रऊफ अजहर दे रहा था। खुफिया सूत्रों के हवाले से खबर है कि रऊफ अजहर इस वक्त पाकिस्तान में ही है। पिछले एक हफ्ते से जम्मू के कठुआ जिले के सामने पाकिस्तान के शक्करगढ़ पोस्ट इलाके में उसे देखा गया है।

पाकिस्तान का कुख्यात आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद की कमान अब मौलाना मसूद अजहर के भाई ने संभाल ली है। इस भाई का नाम रऊफ अजहर है। बालाकोट आतंकी वैंâप पर हुए एयर स्ट्राइक के बाद से ही मसूद अजहर अंडरग्राउंड है। वह छिपकर गतिविधियां कर रहा है क्योंकि पाकिस्तान के ऊपर एफएटीएफ का दबाव है। इसलिए अब मसूद का भाई रऊफ हिंदुस्थान में होनेवाली आतंकी गतिविधियों का संचालन कर रहा है। हाल ही में जम्मू-कश्मीर में मारे गए चार पाकिस्तानी आतंकियों के पास से बरामद डिजिटल मोबाइल रेडियो सेट से इस बात का खुलासा हुआ है। सेना के हाथ लगी चैट हिस्ट्री से ये पता चलता है कि आतंकियों को हिंदुस्थान भेजकर हमला कराने का पूरा प्लान रऊफ अजहर का ही था।
दरअसल, जम्मू के नगरोटा में बीती गुरुवार सुबह हुए एनकाउंटर में सुरक्षाबलों ने चार आतंकियों को ठिकाने लगाकर पाकिस्तान की एक बड़ी साजिश नाकाम कर दिया था। इस एनकाउंटर में सुरक्षाबलों ने एके सीरीज की ११ राइफलों समेत चीन में बने हुए ३० हैंड ग्रेनेड, रॉकेट लॉन्चर से दागे जाने वाले ६ ग्रेनेड, ३ पिस्टल, २ आईईडी रिमोट, २ कटर, दवाई, कंबल, सूखे मेवे और अर्धनिर्मित विस्फोटक बरामद किए थे। सुरक्षाबलों के मुताबिक यदि आतंकी कश्मीर में घुसने में कामयाब हो जाते तो वे मुंबई की तरह बड़े कत्लेआम को अंजाम दे सकते थे। जम्मू-कश्मीर पुलिस के मुताबिक, जैश-ए-मोहम्मद से जुड़े चारों आतंकी जम्मू के सांबा बॉर्डर के जरिए हिंदुस्थान में घुसे। वहां से उन्होंने कश्मीर जाने के लिए चावल से भरे ट्रक में शरण ली। वे चावल की बोरियों के बीच जगह बनाकर बैठ गए और आसानी से कई पोस्ट पार करते हुए गुरुवार सुबह ४.४५ बजे नगरोटा बन टोल तक पहुंच गए। नगरोटा टोल पर जम्मू-कश्मीर पुलिस का स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (एसओजी) चेकिंग कर रहा था। उस चेक पोस्ट की सहायता के लिए पास में ही सीआरपीएफ और सेना की चेक पोस्ट भी बनी हुई थी। एसओजी ने जैसे ही ट्रक को जांच के लिए रोका, उसका ड्राइवर नीचे उतरकर भाग गया। उसके भागते ही पुलिस को उस पर शक हुआ। एक टीम उसके पीछे लपकी, जबकि बाकी टीम ने ट्रक को घेर लिया। इसके बाद आतंकियों ने फायरिंग शुरू कर दी। जवाब में पुलिस व सेना ने आतंकियों को मार गिराया।