पालघर हुआ पानी-पानी! स्टेशन जलमग्न, लोकल लड़खड़ाई

पालघर जिले में बारिश ने कहर बरपा दिया है। यहां पिछले २४ घंटों के दौरान हुई २९८ एमएम बारिश ने पालघर को पानी-पानी कर दिया। लिहाजा रेल लाइन पर पानी भरने से लोकल सेवा लड़खड़ा गई तो आम जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया।
इस वर्ष बरसात के लिए मुंबई समेत पालघर को कुछ ज्यादा इंतजार करना पड़ा। मॉनसून देर से ही सही लेकिन दुरुस्त आया। इतना दुरुस्त कि १५ दिन की देरी से पालघर में एंट्री करनेवाला मॉनसून पालघर जिले में राहत की जगह आफत बन गया है। इस दौरान मौसम विभाग की चेतावनी ने लोगों की चिंता और बढ़ा दी है। पालघर जिला के ज्यादातर इलाकों में रविवार रात से ही मूसलाधार बारिश हो रही है। जिसके कारण जिले के निचले इलाकों में जलजमाव हो गया है। विरार-पश्चिम पुरापाड़ा इलाके में बिजली विभाग की लापरवाही के कारण ३० घंटे से नागरिक अंधेरे में रहने को मजबूर हो गए। नालासोपारा के तुलिंज रोड पर वृक्ष धराशायी हो गया। ३६ घंटे से हो रही बारिश के कारण पालघर स्टेशन जलमग्न हो गया जिसके कारण विरार-डहाणू और लंबी दूरी की कुछ गाड़ियों को रद्द किया गया तो कुछ के रूट बदल दिए गए।
करोड़ों रुपए खर्च करने के बावजूद मॉनसून में भारी बारिश के दौरान होनेवाले जलजमाव से कोई निजात नहीं मिल पाई है, इससे लोगों में प्रशासन की तैयारियों को लेकर गुस्सा है।
रेल सेवाएं हुर्इं ठप
पालघर जिले में रविवार से हो रही रुक-रुककर भारी बारिश के चलते पश्चिम रेलवे की दर्जनों ट्रेनों (लंबी दूरी और लोकल ट्रेन) रद्द रहीं जबकि कई ट्रेनें आधे रास्ते में ही रद्द कर दी गयी। डहाणू से अंधेरी के बीच के सभी और पनवेल और वलसाड की तरफ जानेवाली डेमू सेवाएं सुबह ६ बजे के बाद रद्द रहीं। सड़कों और रेल पटरियों पर जलजमाव से परिवहन सेवा ठप होने के कारण लोग जहां-तहां फंसे रहे।