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पंचांग

अगस्त/सितंबर- २०२१, भाद्रपद मास कृष्णपक्ष
शक संवत- १९४३, विक्रम संवत- २०७८
सोमवार ३० अगस्त- भाद्रपद मास कृष्णपक्ष की अष्टमी तिथि रात्रि १२.१४ बजे तक, श्री कृष्ण जन्माष्टमी व्रत, रोहिणी तथा अष्टमी का योग होने से ‘जयंती’ नाम का योग होता है यह अत्यंत प्रशस्त होता है।
मंगलवार ३१ सितंबर- भाद्रपद मास कृष्णपक्ष की नवमी तिथि रात्रि २.१४ बजे तक।
बुधवार १ सितंबर- भाद्रपद मास कृष्णपक्ष की दशमी तिथि रात्रि ४.०१ बजे तक, भद्रा दिन में ३.०८ बजे से रात्रि ४.०१ बजे तक।
बृहस्पतिवार २ सितंबर- भाद्रपद मास कृष्णपक्ष की एकादशी तिथि रात्रि ५.२७ बजे तक, जया एकादशी व्रत।
शुक्रवार ३ सितंबर- भाद्रपद मास कृष्णपक्ष की द्वादशी तिथि समस्त, वैष्णो का एकादशी व्रत
शनिवार ४ सितंबर- भाद्रपद मास कृष्णपक्ष की द्वादशी तिथि प्रातः ३.२६ बजे तक तदुपरांत त्रयोदशी तिथि प्रारंभ, शनि प्रदोष व्रत।
रविवार ५ सितंबर- भाद्रपद मास कृष्णपक्ष की त्रयोदशी तिथि प्रातः ६.५७ बजे तक तदुपरांत चतुर्दशी तिथि प्रारंभ, मास शिवरात्रि व्रत, अघोर चतुर्दशी (प्रदोष काल में), भद्रा प्रात: ६.५७ बजे से शाम ६.५५ बजे तक।