" /> आवश्यक वस्तु संशोधन विधेयक को मिली संसद की मंजूरी, प्याज और आलू सूची से होंगे बाहर

आवश्यक वस्तु संशोधन विधेयक को मिली संसद की मंजूरी, प्याज और आलू सूची से होंगे बाहर

संसद ने अनाज, तिलहनों, खाद्य तेलों, प्याज एवं आलू को आवश्यक वस्तुओं की सूची से बाहर करने के प्रावधानवाले एक विधेयक को मंगलवार को मंजूरी दे दी। राज्यसभा ने इससे संबंधित आवश्यक वस्तु (संशोधन) विधेयक को चर्चा के बाद ध्वनि मत से पारित कर दिया। लोकसभा इसे १५ सितंबर को ही पारित कर चुकी है। यह विधेयक कानून बनने के बाद इससे संबंधित अध्यादेश का स्थान लेगा।
इस विधेयक का मकसद निजी निवेशकों की कुछ आशंकाओं को दूर करना है। व्यापारियों को अपने कारोबारी गतिविधियों में अत्यधिक नियामक हस्तक्षेप को लेकर चिंताएं बनी रहती हैं। सरकार पहले ही कह चुकी है कि उत्पादन, उत्पादों को जमा करने, आवागमन, वितरण एवं आपूर्ति की स्वतंत्रता से बड़े स्तर पर अर्थव्यवस्था को प्रोत्साहन मिलेगा तथा कृषि क्षेत्र में निजी एवं विदेशी प्रत्यक्ष निवेश आकर्षित होगा। विधेयक पर हुई संक्षिप्त चर्चा का जवाब देते हुए उपभोक्ता मामलों तथा खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण राज्यमंत्री रावसाहेब दानवे ने कहा कि कानून के जरिए स्टॉक की सीमा थोपने से कृषि क्षेत्र में निवेश में अड़चनें आ रही हैं। उन्होंने कहा कि साढ़े छह दशक पुराने इस कानून में स्टॉक रखने की सीमा राष्ट्रीय आपदा तथा सूखे की स्थिति में मूल्यों में भारी वृद्धि जैसे आपात हालात उत्पन्न होने पर ही लागू की जाएगी।

‘मोदी जी की नीयत ‘साफ’ किसानों को जड़ से करेंगे साफ’
नई दिल्ली। कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने ट्वीट किया है कि २०१४ में मोदी जी का चुनावी वादा था कि किसानों का स्वामीनाथन कमीशन वाला लागू किया जाएगा। एसएसपी से २०१५-मोदी सरकार ने कोर्ट में कहा कि उनसे ये न हो पाएगा, २०२०-काले किसान कानून। उन्होंने आगे लिखा कि मोदी जी नीयत ‘साफ’ कृषि-विरोधी नया प्रयास, किसानों को करके जड़ से साफ, पूंजीपति ‘मित्रों’ का खूब विकास होगा।
‘सांसदों का निलंबन रद्द होने तक  सत्र का बहिष्कार करेगा विपक्ष’
नई दिल्ली। राज्यसभा में नेता विपक्ष गुलाब नबी आजाद ने मंगलवार को सदन में कहा कि ८ सांसदों का निलंबन रद्द और एमएसपी से कम कीमत पर निजी प्रतिभागियों द्वारा फसल खरीदी न होने के लिए बिल लाए जाने तक विपक्ष सत्र का बहिष्कार करेगा। इसके बाद विपक्षी नेताओं ने सदन से वॉकआउट किया और गांधी प्रतिमा के सामने प्रदर्शन किया।
किसानों की आत्महत्या से
जुड़े आंकड़े नहीं हैं-केंद्र सरकार
नई दिल्ली। सरकार ने राज्यसभा में बताया कि उसके पास किसानों की आत्महत्या से जुड़े आंकड़े नहीं हैं क्योंकि कई राज्य नेशनल क्राइम रिकॉर्ड ब्यूरो (एनसीआरबी) को विवरण नहीं भेजते। गृह राज्यमंत्री जी. किशन रेड्डी ने कहा कि इस रुकावट के कारण कृषि क्षेत्र में आत्महत्या के कारणों का राष्ट्रीय डेटा अपुष्ट था और उसे अलग से प्रकाशित नहीं किया गया।
किसानों से क्रूर मजाक -अमरिंदर
नई दिल्ली। पंजाब के मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह ने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा रबी फसलों के एमएसपी में की गई मामूली बढ़ोत्तरी किसानों के साथ क्रूर मजाक है। बकौल अमरिंदर, किसान लिखित आश्वासन चाहते हैं कि एमएसपी खत्म नहीं होगा। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार पराली प्रबंधन को लेकर १०० रुपए प्रति क्विंटल का बोनस घोषित करने में विफल रही।
कृपया मेरे किसानों का निवाला  लौटा दीजिए -‘आप’ सांसद
नई दिल्ली। राज्यसभा उप-सभापति हरिवंश द्वारा धरने पर बैठे ८ निलंबित सांसदों के लिए चाय ले जाने पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ट्वीट के जवाब में ‘आप’ सांसद संजय सिंह ने लिखा कि मोदी जी, हम अपनी चाय के लिए नहीं लड़ रहे। उन्होंने लिखा कि मैं आपकी चाय पूरे आदर के साथ लौटा रहा हूं। आप कृपया मेरे किसानों का निवाला लौटा दीजिए।
‘पीएम मोदी की हर बात जुमला’
नई दिल्ली। ‘आप’ सांसद भगवंत मान ने कृषि विधेयकों के विरोध के बीच ट्वीट किया है कि काले धन के बारे में लिखता हूं तो कलम रुक जाती है। १५ लाख रुपए की रकम लिखने से पहले स्याही सूख जाती है। पंजाब में ‘आप’ प्रमुख मान ने आगे लिखा कि हर बात ही जुमला निकली अब तो ये भी शक है ‘क्या चाय बनानी’ आती है?
निलंबित सांसदों ने खत्म किया धरना
नई दिल्ली। विपक्ष द्वारा ८ सांसदों का निलंबन रद्द होने तक सत्र का बहिष्कार करने की घोषणा के बाद निलंबित सांसदों ने अपना धरना खत्म कर दिया है। कांग्रेस के निलंबित सांसद नासिर हुसैन ने कहा कि उन्होंने (विपक्ष) हमसे धरना खत्म करने की अपील की थी। चूंकि निलंबन निरस्त होने तक कोई सत्र में नहीं जाएगा इसलिए धरना जारी रखने का कोई मतलब नहीं है।