" /> लोगों का विश्वास ही मेरा बल! -मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे

लोगों का विश्वास ही मेरा बल! -मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे

लोगों द्वारा मुझ पर दिखाया गया विश्वास ही मेरा बल है। स्टेयरिंग किसके हाथ में, आगे कौन बैठा है, पीछे कौन बैठा है, ये महत्वपूर्ण नहीं। हमारी सरकार समन्वय से काम कर रही है। ऐसा उद्गार व्यक्त करते हुए मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने कड़े शब्दों में ‘राज्य सरकार की स्टेयरिंग किसके हाथ में?’ इस सवाल पर विपक्ष पर जोरदार कटाक्ष किया।

मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे कल एक मराठी न्यूज चैनल से बातचीत कर रहे थे। इस दौरान उन्होंने विपक्ष की जमकर खबर ली। उन्होंने कहा कि कार और सरकार दोनों चला रहा हूं। इसलिए कार और सरकार दोनों अच्छी चल रही है। आरोप सभी पर होते है। बोलनेवाले बहुत लोग हैं। मैं किसी की परवाह नहीं करता। कांग्रेस, राकांपा और शिवसेना ये तीनों दल एकसाथ हैं। हमारे नातों की कोई भी चिंता न करें। बालासाहेब ठाकरे भाजपा को क्या कहते थे, ये सभी को पता है। ऐसा भी मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने कहा। आगामी चुनाव में ‘ठाकरे-पवार पैटर्न’ अमल में लाया जाएगा क्या? इस सवाल के जवाब में उद्धव ठाकरे ने कहा कि चुनाव के लिए अभी काफी समय है और सरकार बाद में भी आनेवाली है। कॉमन मिनिमम प्रोग्राम पर सरकार चल रही है। भिन्न विचारों के दल हैं, ये हम तीनों को पता है। ‘मुख्यमंत्री घूमते नहीं, ऐसा आरोप हो रहा है?’ इस सवाल पर उलट सवाल करते हुए मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने कहा कि बिना घूमकर काम करना अच्छा है कि घूमकर काम न करना। उन्होंने कहा कि एक जगह बैठकर मैं राज्य के सभी जिलाधिकारियों से बात करता हूं। एक ही समय में अनेक से बातचीत कर अगर मुद्दे सुलझ रहे हैं तो केवल दिखाने के लिए घूमने का क्या मतलब है? इस दौरान मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने विपक्षी नेता देवेंद्र फडणवीस द्वारा किए जा रहे कटाक्ष का भी करारा जवाब दिया। उन्होंने कहा कि ऐसा है कि यहां एकमात्र नेता वे ही हैं। वे मतलब वो। इतने ज्ञानी हैं कि डब्ल्यूएचओ भी उन्हें सलाहकार के रूप में बुला सकता है। उन्होंने कहा कि भाजपा के साथ हम ३० वर्ष थे लेकिन उन्होंने हम पर विश्वास नहीं दिखाया, लेकिन जिनके साथ हमने ३० वर्ष संघर्ष किया उन्होंने विश्वास दिखाया, ऐसा मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने कहा। सरकार में प्रशासन का ही वर्चस्व है, इस कटाक्ष का करारा जवाब भी मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने बातचीत के दौरान दिया। उन्होंने कहा कि हमें निर्णय लेना रहना है और प्रशासन उसका पालन करता है।

सुशांत सिंह मामले में किसी को बख्शा नहीं जाएगा!
सुशांत सिंह राजपूत आत्महत्या को लेकर बिहार में शुरू राजनीति और बिहार पुलिस को मुंबई में जांच न करने देने के संदर्भ में मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने भूमिका स्पष्ट की। मुंबई पुलिस सुशांत सिंह राजपूत आत्महत्या के मामले की जांच कर रही है। देश में इसके अलावा सक्षम पुलिस दल कौन सा है यह बताओ? मुंबई पुलिस, ये कोरोना योद्धा हैं। उनका अपमान मैं होने नहीं दूंगा। इस प्रकरण में सबूत लाओ। किसी को भी बख्äशा नहीं जाएगा।

विपक्ष को पेट दर्द
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृहमंत्री अमित शाह से मेरे अच्छे संबंध हैं। कोरोना संकट में उन्होंने अच्छी मदद की। शायद यह भी राज्य के विपक्ष को एक पेट दर्द होगा। ऐसा कटाक्ष मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने किया। सरकार गिराने की बात करते हैं, पहले चलाकर तो दिखाओ, ऐसा देवेंद्र फडणवीस ने कहा था। इस पर मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने सवाल करते हुए कहा कि चलाकर तो दिखाओ, मतलब अब हम क्या रेंग रहे हैं? मैं अकेले सरकार नहीं चलाता, सभी सहयोगी सक्षम हैं।