" /> शिर्डी दर्शन को आए दर्जन भर लोग लॉकडाउन में फंसे : गर्भवती महिला सहित बुजुर्ग भी कोरोना संकट का शिकार

शिर्डी दर्शन को आए दर्जन भर लोग लॉकडाउन में फंसे : गर्भवती महिला सहित बुजुर्ग भी कोरोना संकट का शिकार

गोरखपुर से मुंबई, शिर्डी साईबाबा का दर्शन करने के लिए आए 13 लोग लॉक डाउन का शिकार हो गए। पिछले डेढ़ महीने से डोंबिवली में फंसे इन लोगों ने कुछ दिनों तक किसी तरह अपना जीवनयापन किया लेकिन उसके बाद सामज के कुछ प्रतिष्ठित लोगों के अनुदान से ही अपना पेट भरने को वे मजबूर हैं। फंसे लोगों में 63 वर्षीय बुजुर्ग से लेकर मासूम बच्चे और गर्भवती महिला भी शामिल है।
जानकारी के अनुसार उत्तरप्रदेश, गोरखपुर के छोटे काजीपुर से 19 मार्च को 13 लोग मुंबई, शिर्डी के साईबाबा का दर्शन करने आए हुए थे लेकिन अचानक लॉक डाउन होने से सभी लोग डोंबिवली में फंस गए, जब तक उन लोगों के पास पैसा था तब तक उन पैसों को खर्च कर उन्होंने किसी तरह अपना जीवनयापन किया लेकिन इसके बाद डोंबिवली जैसवाल समाज के संरक्षक त्रिलोकीनाथ जायसवाल अपने समाज के साथ मिलकर उन लोगों का देख-रेख कर रहे हैं। त्रिलोकीनाथ जायसवाल ने बताया कि शनि जायसवाल, गिरिजेश जायसवाल (63) मालती जायसवाल (55), गीता, अजय, सीता, खुशी, तनु, मयूर, दिव्यांश, सूर्या, सुनैना, ऋतु जैसवाल (24) जो कि गर्भवती है, ये सभी लोग डोंबिवली (पश्चिम) साई प्लाजा, सखाराम कॉम्प्लेक्स के एक मकान में ठहरे हुए हैं। फंसे हुए इन सभी लोगों की पूरी देखभाल जायसवाल समाज कर रहा है। गर्भवती ऋतु सहित सभी का यही कहना है कि अगर सरकार उन्हें अपने राज्य यानी गांव जाने का व्यवस्था कर देती तो बहुत अच्छा होता। वहीं त्रिलोकीनाथ ने संवाददाता को बताया कि हम टिकट का खर्च करने को तैयार हैं लेकिन सरकार उन्हें किसी तरह से उनके गांव भेज दे। ताकि बूढ़े, बच्चे व गर्भवती महिला अपने निवास स्थान यानी गांव सही-सलामत पहुंच जाएं।