" /> पायलट की ‘लैंडिंग’ हुई फेल, राज-स्थान पर गहलोत ही!, पायलट खेमे से एक-एक करके सत्ता की गोद में लौट आए विधायक

पायलट की ‘लैंडिंग’ हुई फेल, राज-स्थान पर गहलोत ही!, पायलट खेमे से एक-एक करके सत्ता की गोद में लौट आए विधायक

राजस्थान के युवा नेता सचिन पायलट ने मुख्यमंत्री की कुर्सी के लिए बड़ी तेज उड़ान भरी थी। पर कल बड़ी ही नाटकीय तरीके से उनकी ‘लैंडिंग’ फेल हो गई। राजस्थान में मुख्यमंत्री अशोक गहलोत का ‘स्थान’ कायम रहा। सचिन पायलट ने अपने साथ जितने विधायक होने का दावा किया था, उनमें से कई सत्ता की गोद में वापस लौट आए। इस तरह पायलट अपने मंसूबे में कामयाब नहीं हो पाए।
कल सुबह साढ़े १० बजे सीएम आवास पर विधायकों की बैठक बुलाई गई थी। आवास के बाहर मीडिया का भारी जमावड़ा लगा हुआ था। मगर वहां सभी विधायकों को पहुंचने में थोड़ी देर हो गई तो सियासी पारा चढ़ने लगा। सभी चैनल अपना गुणा-गणित बताने में जुटे रहे। मगर डेढ़ बजे स्थिति साफ हो गई कि गहलोत के पास पर्याप्त संख्या है और वे मुख्यमंत्री बने रहेंगे। एक तरफ अशोक गहलोत ने कांग्रेस विधायक दल की मीटिंग में १०० से ज्यादा विधायक जुटाने का दावा करके अपनी ताकत दिखा दी तो वहीं सचिन पायलट के तेवर भी कुछ नरम पड़ने के संकेत मिले हैं, लेकिन बैठक में पायलट समेत कम से कम १९ विधायक नदारद रहे। इसके बाद सभी कांग्रेस विधायकों को होटल में सुरक्षित कर लिया गया है, ताकि पायलट कोई और चाल न चलने पाएं। देखा जाए तो सचिन पायलट को अनुभवी गहलोत ने फिर से एक पटखनी दे दी है। इसके पूर्व विधानसभा चुनाव के बाद भी सचिन पायलट ने अपने ऐसे ही तेवर दिखाए थे पर तब भी गहलोत के सामने वे चित हो गए थे। बहरहाल, कल सुबह तल्ख तेवर अपनानेवाले पायलट शाम को अपने साथ विधायकों की कम संख्या देखकर धीमे पड़ गए। खबर है कि वे अब वित्त, गृह मंत्रालय तथा प्रदेश अध्यक्ष पद सुनिश्चित कर अपनी साख बचाने की कोशिश कर रहे हैं। इसके साथ ही पायलट अपने चार समर्थकों को मंत्री पद दिलाने के जुगाड़ में भी लग गए। हालांकि मीडिया को सचिन पायलट ने कहा कि उन्होंने कोई भी समझौते की शर्त नहीं रखी है और किसी से उनकी बातचीत नहीं चल रही है। वहीं राजस्थान में कांग्रेस चीफ व्हीप महेश जोशी ने दावा किया कि कांग्रेस के पास पूर्ण बहुमत है और सरकार को कोई खतरा नहीं है।

राजस्थान में राजनीतिक संकट के बीच मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने दावा किया है कि उनके पास बहुमत मौजूद है। सोमवार को विधायक दल की बैठक दो घंटे तक टाले जाने के बाद दोपहर करीब १.१५ बजे अशोक गहलोत के आवास पर मीडिया के सामने विधायकों के संग शक्ति प्रदर्शन किया गया। सोनिया गांधी और राहुल गांधी जिंदाबाद के नारों के बीच सीएम अशोक गहलोत ने पर्यवेक्षक रणदीप सिंह सुरजेवाला और अजय माकन के साथ विक्ट्री निशान बनाकर यह जताने की कोशिश की कि एक बार फिर उन्होंने जादू कर दिखाया और राजनीति के किंग बनकर उभरे हैं। कांग्रेस के विधायक दल की बैठक खत्म होने के बाद विधायकों को मुख्यमंत्री आवास से बस से होटल ले जाया गया।
कांग्रेस पार्टी ने १०९ विधायकों के बैठक में मौजूद होने का दावा किया है। हालांकि सूत्रों के मुताबिक कांग्रेस के करीब १७ विधायक बैठक से गायब रहे, जिनके सचिन पायलट के साथ होने की बात कही जा रही है। दूसरी तरफ पायलट गुट अभी भी ३० विधायकों के समर्थन का दावा कर रहा है।
इससे पहले राजस्थान विधानसभा में उप मुख्य सचेतक महेंद्र चौधरी ने संवाददाताओं से कहा कि राज्य की अशोक गहलोत सरकार को कोई दिक्कत नहीं होगी और भाजपा के किसी भी तरह के मंसूबे राज्य में कामयाब नहीं होंगे। बैठक सुबह १०.३० बजे मुख्यमंत्री निवास पर होनी थी, लेकिन इसे दो बार टाला गया।
पायलट ने दावा किया था कि कांग्रेस के ३० से अधिक विधायकों और कुछ निर्दलीय विधायकों द्वारा उन्हें समर्थन देने के वादे के बाद अशोक गहलोत सरकार अल्पमत में है। गौरतलब है कि २०० सदस्यों की विधानसभा में कांग्रेस के १०७ और भाजपा के ७२ विधायक हैं। बैठक में कांग्रेस के साथ-साथ बीटीपी के दो, माकपा के एक, आरएलडी के एक विधायक तथा कांग्रेस का समर्थन कर रहे निर्दलीय विधायक भी मौजूद रहे। इसके साथ ही दिल्ली से आए कांग्रेस के महासचिव केसी वेणुगोपाल, पार्टी के प्रदेश प्रभारी अविनाश पांडे व राष्ट्रीय प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला भी बैठक में रहे। जयपुर में मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के आवास पर विधायक दल की बैठक शुरू हुई थी। इस बैठक में कांग्रेस नेता अजय माकन और रणदीप सिंह सुरजेवाला भी मौजूद हैं।

पायलट के लिए संदेश जारी
कांग्रेस आलाकमान की ओर से सचिन पायलट को संदेश दिया गया है। आलाकमान ने पायलट को संदेश के जरिए कहा कि बातचीत के लिए आपका स्वागत है। हम आपसे प्यार करते हैं और आपका सम्मान करते हैं। इसके साथ ही अहमद पटेल, पी. चिदंबरम और केसी वेणुगोपाल ने भी उनसे संपर्क किया है। कांग्रेस के एक नेता ने बताया कि पार्टी के वरिष्ठ नेताओं के साथ बातचीत में सचिन पायलट द्वारा जो भी मुद्दे रखे हैं, उनके निराकरण का विश्वास दिलाया गया है।

गहलोत के करीबियों के घर ईडी का छापा
राजस्थान कांग्रेस की कलह जारी है। इस बीच पार्टी के प्रदेश उपाध्यक्ष और आम्रपाली ज्वैलरी फर्म के मालिक राजीव अरोड़ा और कांग्रेस नेता धर्मेंद्र राठौड़ के यहां इनकम टैक्स के छापे मारे गए। राजस्थान, दिल्ली और महाराष्ट्र में इन दोनों नेताओं के २४ ठिकानों पर कार्रवाई की गई। दोनों नेता गहलोत के बेहद करीबी हैं। वे पार्टी का चुनाव प्रबंधन और फंडिग का काम देखते हैं। ईडी ने जयपुर के पास कूकस स्थित होटल फेयर माउंट में भी छापा मारा। यह होटल अशोक गहलोत के बेटे वैभव गहलोत के करीबी का है। बीज निगम के पूर्व अध्यक्ष धर्मेंद्र राठौड़ के जयपुर स्थित अपार्टमेंट पर रेड डाली गई। इनकम टैक्स की टीम राठौड़ के निवास पर पहुंची। सूत्रों के अनुसार ये छापे टैक्स चोरी की शिकायत को लेकर मारे गए हैं।

कांग्रेस ने उठाए सवाल
राजस्थान में सरकार गिराने की कोशिशों के बीच इन छापेमारी पर सियासत शुरू हो गई। कांग्रेस ने कहा कि भाजपा गलत तरीके अपना रही है। राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि गहलोत के करीबी कुछ निर्दलीय विधायकों के घरों और फर्मों पर भी छापे मारे जा सकते हैं।