" /> सावधान! अब प्लाज्मा थेरेपी के नाम पर धोखाधड़ी

सावधान! अब प्लाज्मा थेरेपी के नाम पर धोखाधड़ी

गृहमंत्री अनिल देशमुख ने किया अलर्ट

कोरोना मरीजों के उपचार में प्लाज्मा थेरेपी कारगर साबित हो रही है लेकिन इस मामले में भी धोखाधड़ी किए जाने की शिकायत मिल रही है, इससे सावधान रहने का आह्वान गृहमंत्री अनिल देशमुख ने किया है।

डॉक्टरों की राय और निरीक्षण के आधार पर कोविड-१९ मरीजों के लिए ‘प्लाज्मा थेरेपी’ नामक उपचार शैली का उदय हुआ है। विभिन्न राज्यों और अस्पतालों ने कोविड मरीजों की सहायता के लिए प्लाज्मा बैंक व प्लाज्मा दान अभियान शुरू किया है। प्लाज्मा दाताओं की कमी के कारण यह चिकित्सा महंगी है। यह उपचार चयनित अस्पतालों में किया जाता है। इस स्थिति का लाभ उठाते हुए कोरोना से ठीक हुए बेरोजगार युवाओं को आवश्यकतानुसार लोगों को सीधे प्लाज्मा दान करते हुए पाया गया है। प्लाज्मा दान करने के लिए कोविड से ठीक हुए मरीज की मेडिकल रिपोर्ट और प्लाज्मा दान करने के लिए स्वस्थ्य होने का प्रमाणपत्र होना आवश्यक है। जरूरतमंदों की मजबूरी का फायदा उठाने के लिए जाली प्रमाणपत्र भी बनाए जा रहे हैं। यह जाली प्रमाणपत्र दिखाकर जरूरतमंद मरीजों से लाखों रुपए लिए जा सकते हैं। साइबर अपराधी इसके लिए सोशल मीडिया पर विभिन्न तरकीबों का भी इस्तेमाल कर रहे हैं। प्रâॉड वेब और गैरकानूनी चैनलों पर प्लाज्मा की बिक्री के संदर्भ में फंसाया जा सकता है। ऐसे फंसानेवालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की चेतावनी देशमुख ने दी है। इस प्लाज्मा थेरेपी इलाज के संदर्भ में देशमुख ने लोगों को जागरूक रहने की अपील करते हुए कहा है कि अगर कोई इस धोखाधड़ी का शिकार होता है तो वह अपने करीबी पुलिस स्टेशन या www.cybercrime.gov.in इस वेबसाइट पर अपनी शिकायत दर्ज करा सकता है।