चोरी-चोरी  चुपके-चुपके! कड़े प्रतिबंध के बावजूद बिक रही थैलियां   

प्लास्टिक पर लगे प्रतिबंध पर पूरे राज्य में सफलता से पालन हो रहा है। लेकिन भिवंडी में तस्करी के कारण चोरी-चोरी चुपके-चुपके थैलियां बिक रही हैं। इस पर लगाम लगाने की जिम्मेदारी उठानेवाले मनपाकर्मियों की अनदेखी के कारण ठेलाधारक, दुकानदार, भाजी विक्रेता तस्करी की थैलियों का इस्तेमाल रहे हैं।
गौरतलब हो कि राज्य सरकार द्वारा ५० माइक्रोन से कम की प्लास्टिक थैलियों पर प्रतिबंध लगाया गया है। जिसके बाद सरकार ने मनपा प्रशासन को प्लास्टिक का उपयोग करनेवाले ठेलाधारकों, दुकानदारों, भाजी विक्रेताओं सहित अन्य उपयोगकर्ताओं पर कार्रवाई किए जाने का निर्देश दिया था। भिवंडी निजामपुर मनपा प्रशासन ने थैली का इस्तेमाल रोकने का इंचार्ज ईश्वर आडेप को बनाया था। इसके लिए ही मनपाकर्मियों की कई टीमें बनाकर वॉर्ड स्तर पर बाजार, भाजी मार्वेâट आदि जगहों पर चेकिंग हेतु उन टीमों को लगाया था। साथ ही प्लास्टिक थैली प्रतिबंध हेतु जागरूकता कार्यक्रम चलाकर चेतावनी दी गई थी कि प्रतिबंधित प्लास्टिक थैलियों का उपयोग न करें लेकिन इसके बावजूद शहर में चोरी-छुपे प्लास्टिक पुन: दुकानदार, ठेलाधारक, सब्जी विक्रेता ग्राहकों को सामान खरीदी पर दे रहे हैं। एक ठेलाधारक ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि थैलियां पकड़नेवालों ने हफ्ता बांध रखा है इसलिए मनपाकर्मी थैलियां देनेवाले को नजरअंदाज कर रहे हैं।
इधर  कागज की थैली बनानेवाले चंद्रेश नामक होलसेलर ने बताया कि करीब २० लाख रुपए लगाकर कागज थैली निर्माण की मशीन लगाई थी। लेकिन थैलियां बाजार में चोरी-छुपे मिलने से कागज की थैलियों को कोई पूछ नहीं रहा है।