" /> प्लाज्मा थेरेपी का व्यापक पैमाने पर प्रयोग करनेवाला महाराष्ट्र देश का पहला राज्य- मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे

प्लाज्मा थेरेपी का व्यापक पैमाने पर प्रयोग करनेवाला महाराष्ट्र देश का पहला राज्य- मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे

दुनिया के सबसे बड़े प्लाज्मा थेरेपी परीक्षण केंद्र का मुख्यमंत्री ने किया उद्घाटन *

राज्य में कोरोना रोगियों के उपचार के लिए प्लाज्मा थेरेपी का उपयोग किया जा रहा है इसलिए इसका फायदा रोगियों को  मिल रहा है। इस थेरेपी का व्यापक रूप से उपयोग करने के लिए दुनिया का सबसे बड़ा प्लाज्मा थेरेपी परीक्षण महाराष्ट्र में किया जा रहा है इसलिए जो रोगी कोरोना की बीमारी से ठीक हुए है, उन्हें अन्य रोगियों के इलाज के लिए प्लाज्मा दान करने का प्रयास करना चाहिए। ऐसा आह्वान मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने किया है।
राज्य के 23 मेडिकल महाविद्यालय में प्लाज्मा थेरेपी की सुविधा की गई है। नागपुर के सरकारी कॉलेज में प्लेटिनम प्रोजेक्ट प्लाज्मा थेरेपी ट्रायल सेंटर के उद्घाटन के अवसर पर मुख्यमंत्री बोल रहे थे। इस अवसर पर प्लाज्मा डोनेशन, प्लाज्मा बैंक, प्लाज्मा ट्रायल और इमरजेंसी ऑथराइजेशन नामक चार सुविधाओं का उद्घाटन किया गया। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से हुए इस समारोह में राजस्व मंत्री बालासाहेब थोरात, जलसंसाधन मंत्री जयंत पाटील, उद्योग मंत्री सुभाष देसाई, स्वास्थ्य मंत्री राजेश टोपे, ऊर्जा मंत्री डॉ. नितीन राऊत, मुंबई के पालक मंत्री असलम शेख, मेडिकल शिक्षा मंत्री अमित देशमुख सहित संबंधित जिले के पालक मंत्री आदि सहभागी हुए थे। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि यह पहली बार है कि प्लाज्मा थेरेपी का इस्तेमाल गंभीर रूप से बीमार रोगियों को ठीक करने के लिए किया जा रहा है। हमें गर्व है कि हम अपने राज्य में दुनिया की यह सबसे बड़ी सुविधा शुरू कर रहे हैं। अपने पारंपरिक रूप से एक कदम आगे बढ़ाया है। हम शांत नहीं बैठे हैं। कोरोना से लड़ रहे हैं। प्लाज्मा थेरेपी का पहला प्रयोग अप्रैल महीने में राज्य में किया गया था, उसके बाद केंद्र से अनुमति मांगी और पत्र व्यवहार किया, उसमें  सफलता मिली। आज कोरोना के इलाज लिए कोई प्रभावी दवाएं और उपचार नहीं हैं। लक्षणों के अनुसार कुछ विशेष दवाएं दी जा रही हैं। रक्त से एंटीबॉडी का उत्पादन करते हैं लेकिन यहां हम रोगी को प्लाज्मा थेरेपी के माध्यम से उत्पादित एंटीबॉडी देते हैं। रक्त की कमी न हो और रक्तदाता बड़ी संख्या में आगे आएं, ऐसा आह्वान मुख्यमंत्री ने किया।
जिन रोगियों ने कोरोना को मात दे दी है, उन्हें अन्य रोगियों को अपना रक्त प्लाज्मा देकर कोरोना से मुक्ति दिलाने की कोशिश करनी चाहिए। हमने 10 में से 9 रोगियों को ठीक किया है क्योंकि हम उन्हें समय पर प्लाज्मा देने में सक्षम थे  इसलिए अंतिम क्षण तक इंतजार किए बिना प्लाज्मा देने के लिए अग्रिम रूप से विचार किया जाना चाहिए, ऐसा मुख्यमंत्री ने कहा। एक प्लाज्मा बैंक बनाने और इसे वैज्ञानिक तरीके से उपलब्ध कराने की जिम्मेदारी उठानी होगी, ऐसा भी मुख्यमंत्री ने कहा। राज्य में डेढ़ महीने पहले केंद्रीय टीम के जाने के बाद कोरोना की विचित्र स्थिति थी लेकिन अब परसों केंद्रीय टीम ने वापसी की है और महाराष्ट्र द्वारा किए जा रहे प्रयासों की सराहना की है, ऐसा मुख्यमंत्री ने बताया।
विश्व में कोरोना उपचार में महाराष्ट्र सबसे आगे है। महाराष्ट्र प्रयास और प्रयोग का एक साहसी राज्य है। मुख्यमंत्री ने विश्वास व्यक्त किया है कि वह कोरोना के खिलाफ युद्ध अवश्य जीतेंगे। इस अवसर पर प्लाज्मा दान करने का आह्वान राजस्व मंत्री बालासाहेब थोरात ने किया, वहीं प्लाज्मा संकलन के लिए लगनेवाली मशीनरी उपलब्ध कराकर देने की बात स्वास्थ्य मंत्री राजेश टोपे ने कही। इस अवसर पर मेडिकल शिक्षा मंत्री अमित देशमुख आदि नेताओं, डॉक्टरों ने भी अपने विचार व्यक्त किए।