" /> सड़क पर सोते मजदूरों को पुलिस का सहारा : दक्षिण मुंबई के स्कूल में की रहने की व्यवस्था

सड़क पर सोते मजदूरों को पुलिस का सहारा : दक्षिण मुंबई के स्कूल में की रहने की व्यवस्था

कोरोना वायरस की महामारी से पूरा देश जूझ रहा है| इस कठिन समय में पुलिस अपनी जान का जोखिम लेकर जनजागृति कर रही है और लोगों को इस महामारी की चपेट में आने से बचाने का हरसंभव प्रयास कर रही है। इसी कड़ी में मुंबई की वीपी रोड पुलिस ने सड़क पर सोते मजदूरों को सहारा देकर खाकी की शान को बढ़ाया है| पुलिस द्वारा एनजीओ और समाजसेवको की मदद से मुंबई के 146 मजदूरों के रहने की व्यवस्था की गई है|
बता दें कि मुंबई के गिरगांव में वीपी रोड पुलिस स्टेशन के पास एशिया का सबसे बड़ा मेटल मार्केट स्थित है| इस मार्केट में 5,000 से भी ज्यादा दुकानें स्थित हैं। यहां की दुकानों पर यूपी और बिहार से हजारों मजदूर आकर काम करते हैं| ऐसे में लॉकडाउन होने के कारण इनमें से कई मजदूर अपने घरों तक वापस नहीं लौट पाए और सड़कों और हाथगाड़ियों में ही सोने को मजबूर थे| जब इस क्षेत्र के पुलिस उपायुक्त राजीव जैन को इस बात की जानकारी मिली तो उन्होंने वीपी रोड पुलिस स्टेशन के वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक गुलाब मोरे को इन मजदूरों के रहने की व्यवस्था करने का आदेश दिया, जिसके बाद पुलिस ने पास ही में स्थित विल्सन स्कूल के मैनेजमेंट से बात की और इन मजदूरों के लिए स्कूल के दरवाजे खुलवा दिए। न सिर्फ रहने की बल्कि पुलिस द्वारा इन मजदूरों के खाने-पीने, कंबल और अन्य सामानों की व्यवस्था की गई है। समाजसेवक सुरेश जैन और कुछ एनजीओ की मदद से इन मजदूरों को चाय-नाश्ता और खाना भी दिया जा रहा है। वीपी रोड पुलिस स्टेशन के वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक गुलाब मोरे का कहना है कि लॉक डाउन के इस समय में अब ये मजदूर आराम से रह पा रहे हैं। इन सभी के स्वास्थ्य की जांच के लिए एक चिकित्सक की व्यवस्था भी की गई है।