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राजस्थान में राजनीतिक संकट!

राजस्थान में सरकार गिराने की साजिश और विधायकों की खरीद-फरोख्त के आरोपों के बीच यहां रविवार को सियासी घटनाक्रम तेजी से बदल गया। जयपुर से लेकर दिल्ली तक बैठकों का दौर जारी था। डिप्टी सीएम सचिन पायलट सहित १२ कांग्रेस और ३ निर्दलीय विधायकों के दिल्ली के अलावा हरियाणा के तावड़ू स्थित एक होटल में होने की सूचना मिली। नाराज चल रहे कांग्रेसी विधायक पार्टी अध्यक्ष सोनिया गांधी से मिलकर अपनी बात रख सकते हैं, इसके लिए समय मांगा गया है। इस बीच ये भी खबर है कि सचिन भाजपा नेताओं के संपर्क में हैं। उन्होंने १६ कांग्रेस और ३ निर्दलीय विधायकों के समर्थन का दावा किया है। उधर भाजपा का कहना है कि पहले वे गहलोत सरकार गिराएं। खबर के मुताबिक भाजपा ने मुख्यमंत्री पद देने से इंकार कर दिया है। पायलट के नाराज होने की वजह विधायकों की खरीद-फरोख्त के मामले में स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (एसओजी) का नोटिस बताया जा रहा है। इस मामले में उनसे पूछताछ की जाएगी। हालांकि एसओजी ने मुख्यमंत्री अशोक गहलोत सहित अन्य मंत्रियों को भी नोटिस भेजा है।

विधायकों की खरीद-फरोख्त के मामले में राज्य सरकार ने इस मामले की जांच के लिए एसओजी का गठन किया था। एसओजी के अनुसार उसने अवैध हथियार और विस्फोटक सामग्री की तस्करी से जुड़े मामले में मोबाइल नंबर ९९२९२२९९०९ और ८९४९०६५६७८ को सर्विलांस पर लिया हुआ था। इन पर हुई बातचीत में सामने आया है कि राज्यसभा चुनाव से पहले सरकार गिराने की साजिश रची गई थी। विधायकों को २५-२५ करोड़ रुपए देने की जानकारी भी सामने आई है।

विधायकों को पैसा देने के मामले में एसीबी ने शनिवार को तीन निर्दलीय विधायकों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की है। इनमें महुवा से ओमप्रकाश हुड़ला, अजमेर किशनगढ़ से सुरेश टांक और पाली मारवाड़ जंक्शन से निर्दलीय विधायक खुशवीर सिंह शामिल हैं। भाजपा के वरिष्ठ नेता और राज्यसभा सांसद ओम माथुर ने कहा कि कांग्रेस के बीच अक्सर कलह की खबरें आती रहती हैं। अशोक गहलोत तो इसका आरोप भाजपा पर डाल रहे हैं। उन्हें अपना घर देखना चाहिए। जब गहलोत सरकार का गठन हुआ था, तब से यह संकट चला आ रहा है। पायलट और गहलोत की लड़ाई इसकी असली वजह है। गहलोत भाजपा को दोष देने की कोशिश कर रहे हैं, वहीं दूसरी ओर सोशल मीडिया पर सचिन पायलट के अगला सीएम बनने की चर्चा चल रही है। लोग सवाल कर रहे हैं कि पायलट राजस्थान के अगले ज्योतिरादित्य सिंधिया होंगे? क्या राजस्थान में भाजपा की सरकार बन जाएगी?

ये विधायक पहुंचे दिल्ली  
सुरेश टांक, महेंद्रजीत सिंह मालवीय, ओमप्रकाश हुडला, राजेंद्र बिधुड़ी, पीआर मीणा, रोहित बोहरा, चेतन डूडी और दानिश अबरार दिल्ली पहुंचे हैं। बाकी के विधायकों के नाम का पता नहीं चल पाया है। इन विधायकों ने बताया कि वे निजी काम से दिल्ली पहुंचे हैं।
सीएम गहलोत ने मोर्चा संभाला
अशोक गहलोत सुबह से अपने आवास पर कांग्रेस के विधायकों और मंत्रियों से मिल रहे हैं। सभी मंत्रियों और विधायकों को कहा गया है कि वह अपने क्षेत्र को छोड़कर जयपुर पहुंचे। राजस्थान के परिवहन मंत्री प्रताप सिंह खाचरियावास के मुताबिक, `कैबिनेट मीटिंग में मुख्यमंत्री गहलोत ने कहा कि किसी विधायक या मंत्री का फोन बंद आए या फिर वह नहीं मिल रहा है तो घबराएं नहीं, उससे संपर्क करें। सरकार को बचाने की जिम्मेदारी सब पर है।