" /> मम्मी ही हमारी दुनिया हैं! पूजा चोपड़ा

मम्मी ही हमारी दुनिया हैं! पूजा चोपड़ा

निर्देशक अग्निदेव चटर्जी की फिल्म ‘बबलू बैचलर’ २० मार्च को रिलीज हो रही है। इस फिल्म के निर्माता हैं अजय रजवानी। लव स्टोरी और प्रेम त्रिकोणवाली इस फिल्म में शर्मन जोशी, पूजा चोपड़ा तथा तेजश्री प्रधान मुख्य भूमिकाओं में है। २००९ में पूजा चोपड़ा ‘फेमिना मिस इंडिया ब्यूटी पेजेंट’ में ‘मिस इंडिया’ का ताज पहन चुकी हैं। पूजा की वेब सीरीज ‘पॉइजन-२’ अप्रैल में टेलीकास्ट होगी। पेश है पूजा चोपड़ा से पूजा सामंत की हुई बातचीत के प्रमुख अंश-
 फिल्म ‘बबलू बैचलर’ करने की क्या वजह रही?
यह फिल्म एक जॉनर कॉमेडी है, रॉमकॉम कह सकती हूं, जो मेरा पसंदीदा जॉनर है। मुझे फिल्म की कहानी और मेरा किरदार अच्छा लगा। आज की स्वाभिमानी-स्वतंत्र नारी का प्रतिबिंब है फिल्म की नायिका अवंतिका जिसे मैं निभा रही हूं। अवंतिका बिल्कुल आज के युग की लड़की है जो चाहती है कि उसका होनेवाला पति भी जीवन में कुछ महत्वकांक्षाएं रखे। एक कंटेंपररी युवती की कहानी और किरदार मुझे अच्छा लगा इसलिए मैंने इसे स्वीकार किया।
 ‘मिस इंडिया’ का ताज पहनने के बाद भी आप बुलंदियों को नहीं छू पाईं?
कोई एक कारण हो तो बताऊं! मेरा बैकग्राउंड नॉन फिल्मी है। दूर-दूर तक मेरा कोई फिल्मी रिश्तेदार नहीं है। बॉलीवुड में मेरा कोई गॉडफादर नहीं है। जो गैरफिल्मी बैकग्राउंड के कलाकार होते हैं उन्हें एक तो बड़ी मुश्किल से फिल्मों में ब्रेक मिलता है। अपनी पहली ही फिल्म में उन्हें अपना हुनर दिखाना होता है, अगर दुर्भाग्य से वो फिल्म फ्लॉप हो गई तो समझो उन्हें अपना पैकअप करना पड़ेगा। ‘मिस इंडिया’ बनने के बाद मुझे कई प्रोडक्ट्स के लिए एंडोर्समेंट करने की ऑफर्स आई, मॉडलिंग में जो सही लगा वो किया। २०१२ में आई फिल्म ‘कमांडो’ सफल हुई लेकिन उसके बाद मिली फिल्मों को खास सफलता नहीं मिली। यही एक कारण है जो मैं बुलंदियों तक नहीं पहुंची!
 क्या आप अपने उसूलों पर काम करती हैं?
जी हां, मैं फिल्म करने से पहले ये बता देती हूं कि मेरा काम (शूटिंग) सुबह १० से शाम ७ बजे तक होगा। अगर कोई सीन रात में शूट न करना हो तो मेरे काम का समय यही रहता है। मैं फिल्मी पार्टियों में शिरकत नहीं करती, न किसी से सोशलाइज होती हूं। मैं किसिंग सीन नहीं देती। मैं इरॉटिक फिल्म और सीन नहीं करती। मैं अपने इन उसूलों पर कायम हूं आज तक और इन्हीं उसूलों के चलते मुझे वो मकाम नहीं मिला जो अमूमन किसी भी ‘मिस इंडिया’ को मिलता है। हां, साउथ की फिल्मों में मुझे परफॉर्मेंस ओरिएंटेड रोल जरूर मिले।
 क्या कभी आपको ‘मी टू’ जैसा कहने की जरूरत पड़ी?
शुक्र है, मेरे साथ कभी भी किसी ने दुर्व्यवहार नहीं किया। मैं शुरू से इस मामले में बहुत स्ट्रिक्ट रही हूं। हो सकता है ‘मिस इंडिया’ का मेरा लेवल देखकर कभी किसी ने मेरा फायदा उठाने का प्रयास नहीं किया।
 अपने बारे में कुछ बताएंगी?
मेरा जन्म कोलकाता में हुआ। मुझसे २ वर्ष बड़ी मेरी दीदी शुभ्रा हैं। मेरी मम्मी हॉस्पिटैलिटी फिल्ड में कार्यरत हैं। मां ने बहुत प्यार और डिसीप्लिन के साथ मुझे और दीदी को पाल-पोसकर बड़ा किया है। हमारी सुरक्षा के लिए उन्होंने ये नियम रखा कि हम दोनों शाम ७ बजे तक घर पहुंच जाएं। हमने कभी भी मां की भावनाओं को ठेस नहीं पहुंचाई।
 आपने अपने पिता का जिक्र अपनी बातचीत में कहीं नहीं किया?
मैंने अपने पिता को आज तक नहीं देखा। जब मां ने मेरी बहन शुभ्रा को जन्म दिया तो पिताजी बड़े नाराज थे। उसके दो-तीन वर्ष बाद जब मेरा जन्म हुआ तो पिताजी की नाराजगी इतनी बढ़ गई कि वे हमें देखने के लिए अस्पताल नहीं आए। दरअसल, पिताजी बेटा चाहते थे। एक दिन हम सभी को वे छोड़कर चले गए और उन्होंने आज तक हमारी सुध नहीं ली कि हम तीनों वैâसे और किन हालातों में हैं? पिता के प्रेम को हम दोनों बहनें आज तक महसूस ही नहीं कर पार्इं। मम्मी ने हमारी परवरिश की मैं अपनी मां के जज्बे को सलाम करती हूं। बहुत झेला और सहा है हमने। इसीलिए मम्मी ही हमारी दुनिया है!
 आप नया क्या कर रही हैं?
मैंने दो फिल्में साइन की हैं और वेब सीरीज भी कर रही हूं। लड़कियों की संस्था ‘नन्हीं कली’ के लिए मैं काम करती आई हूं और इस समय मैं १६ लड़कियों की पढ़ाई का खर्च उठाती हूं।
जन्मतिथि – ३ मई जन्मस्थान – कोलकाता
कद – ५ फुट ७ इंच वजन – ५४ किलोग्राम
प्रिय रंग – गोल्डन
पसंदीदा व्यंजन – छोले-भटूरे, राजमा-चावल
प्रिय डेजर्ट – स्ट्रॉबेरी मिल्क शेक, आइस्क्रीम
मनपसंद परिधान – फॉर्मल और गाउन
टूरिस्ट प्लेस – जोहांसबर्ग, ऑस्ट्रेलिया