मजदूरों के चीटिंग का शिकार हो रहे मालिक

भिवंडी के लूम मालिक इन दिनों मजदूरों की कमी से बेहाल हैं जिनके मजबूरी का फायदा उठाकर लूम मजदूर मालिकों के साथ जमकर चीटिंग कर रहे हैं। ड्यूटी करने के बहाने मजदूर, लूम मालिक से हजारों रुपए एडवांस लेकर गायब हो जा रहे हैं, जिनका खोजबीन के बाद भी कुछ पता नहीं लग रहा है। मालिकों की हालत इन दिनों सांप-छछूंदर वाली हो गई है।
मालूम हो कि भिवंडी में छह लाख पॉवर लूम चलते हैं, जिसमें काम करनेवाले अधिकतर मजदूर उत्तर प्रदेश, बिहार, एमपी व अन्य राज्यों से आते हैं। स्कूलों में गर्मी की छुट्टी व गांवों में शादी-व्याह का सीजन होने के कारण अधिकतर मजदूर इन दिनों अपने गांवों में चले गए हैं। कई दशक से मंदी की मार से बेहाल पॉवर लूम मालिक इन दिनों मजदूरों की कमी से परेशान हैं। आलम यह है कि तकरीबन हर क्षेत्र का पॉवर लूम कारखाना मालिक मजदूरों की कमी झेल रहे हैं। कई कारखानों में तो तालाबंदी की नौबत है। मालिक अपने कारखानें को चलाने के लिए दिन-रात मजदूरों की खोज कर रहे हैं लेकिन लूम मजदूर तो नहीं मिल रहे बल्कि चीटर मजदूर इन दिनों मालिकों को जमकर चूना लगा रहे हैं। मजदूर ड्यूटी लगाने के बहाने पैसे की कमी का रोना रोकर लूम मालिक से एडवांस में पैसे ले-ले रहे हैं और काम पर भी नहीं आ रहे हैं। सूत्र बताते हैं कि हर वर्ष गर्मी में इस प्रकार मालिकों के साथ ठगी करनेवाले मजदूर सक्रिय हो जाते हैं जो मजदूरों की कमी से बेहाल मालिकों से मोटी रकम लेकर फरार हो जाते हैं। लूम चलवाने वाले रंजीत सिंह बताते हैं कि उनके पास से इस सीजन में काम पर आने के बहाने कई मजदूर १५ से २० हजार रुपए बतौर एडवांस लेकर गए और काम पर भी नहीं आए। खोजबीन के बावजूद उनका कुछ अता-पता नहीं लग रहा है। यही हालत अन्य मालिकों का भी है। उनका कहना है कि समझ में नहीं आ रहा कि लूम चलवाएं अथवा बंद कर दें।