" /> पीआर कंपनियों का सोशल मीडिया पर कारनामा, फर्जी फॉलोअर्स की होगी जांच!

पीआर कंपनियों का सोशल मीडिया पर कारनामा, फर्जी फॉलोअर्स की होगी जांच!

मशहूर हस्तियों के फॉलोअर्स की बड़ी संख्या अकसर चर्चा का विषय बनती है। मगर इनमें काफी फर्जीवाड़ा है। महाराष्ट्र के गृह मंत्री अनिल देशमुख के अनुसार अब इस फर्जीवाड़े की जांच होगी। गृहमंत्री के अनुसार कई पीआर कंपनियां बॉलीवुड सितारों और बड़ी हस्तियों को सोशल मीडिया पर ‘फर्जी’ फॉलोअर्स उपलब्ध कराती हैं और इन फॉलोअर्स का इस्तेमाल ट्रोलिंग या डेटा की चोरी करने के लिए किया जाता है। ऐसी पीआर कंपनियों की जांच की जाएगी। सोशल मीडिया पर किसी भी व्यक्ति को ‘फॉलो’ करनेवालों को ‘फॉलोअर्स’ कहा जाता है। गृहमंत्री ने कहा कि महाराष्ट्र पुलिस इस मामले में जांच करेगी। देशमुख ने एक वीडियो संदेश में कहा, ‘फर्जी फॉलोअर्स को ‘बॉट’ कहा जाता है। इन बॉट्स का इस्तेमाल ट्रोलिंग या डेटा चुराने के लिए किया जाता है इसलिए पुलिस इस मामले की जांच करेगी। बता दें कि बुधवार को काशिफ मंसूर नाम के शख्स को पकड़ा गया था। जिसके बाद क्राइम ब्रांच ने सोशल मीडिया कंपनियों को सेलिब्रिटीज के सही फॉलोवर्स की लिस्ट देने के लिए कहा है, उससे पता चलेगा कि कितने फॉलोवर्स सही हैं और कितने खरीदे गए हैं। इसी सिलसिले में क्राइम ब्रांच ने गुरुवार को एक पीआर कंपनी को सम्मन जारी किया है। अभी तक इस मामले में कुल २१ लोगों के बयान रिकॉर्ड किए गए हैं। इनमे से १६ लोगों का वीडियो कॉन्प्रâेंसिंग के जरिए बयान दर्ज हुआ है। वर्ष २०१९ की जिस रिपोर्ट के आधार पर एसआईटी की टीम सेलेब्रिटीज के सोशल मीडिया एकाउंट्स के डेटा की जांच में जुटी हुई है, उस रिपोर्ट के मुताबिक एक अभिनेत्री सोशल मीडिया पर एक पोस्ट करने के लिए १,९०,००० डॉलर्स लिया करती है, इसी रिपोर्ट के मुताबिक एक और अभिनेत्री एक पोस्ट के लिए २,७०,००० यूएस डॉलर्स चार्ज करती है। इसी रिपोर्ट के मुताबिक एक क्रिकेटर एक सोशल मीडिया पोस्ट के लिए २,९६,००० यूएस डॉलर्स चार्ज करता है। सोशल मीडिया पर क्रिकेटर के तकरीबन ६.५ करोड़ फॉलोवर्स हैं, जबकि एक अभिनेत्री के ३९ और दूसरी अभिनेत्री के ४४ मिलियन फॉलोअर्स हैं।