" /> ६ माह के संपत्ति कर व पानी बिल किए जाएं माफ : शिवसेना विधायक सरनाईक ने की मांग

६ माह के संपत्ति कर व पानी बिल किए जाएं माफ : शिवसेना विधायक सरनाईक ने की मांग

वर्ष २०२०-२१ के आर्थिक वर्ष में मीरा-भाइंदर महानगरपालिका क्षेत्र के सभी करदाता नागरिकों को ६ माह के पानी बिल और संपत्ति कर माफ किए जाएं। इस आशय की लिखित मांग महापौर ज्योत्स्ना हसनाले से ओवला-माजीवाड़ा के शिवसेना विधायक प्रताप सरनाईक तथा शिवसेना नगरसेविका स्नेहा पांडे ने की है।
अपने पत्र में सरनाईक ने लिखा है कि मीरा-भाइंदर शहर में बड़ी संख्या में मध्यमवर्गीय, गरीब, नौकरीपेशा लोग रहते हैं। लॉक डाउन की वजह से लोगों के उद्योग, व्यापार, दुकान, कारखाने बंद हैं। संचारबंदी की वजह से नौकरीपेशा लोग अपने कार्य पर नही पहुंच पा रहे हैं। वेतन नहीं मिलने से उनके सामने उदर निर्वाह की समस्या खड़ी हो गई है। अचानक आई इस घड़ी में लोगों के सामने अपने घर कैसे चलाएं, यह प्रश्न उपस्थित हो गया है। कइयों के रोजगार छिन जाने से बेरोजगारों की संख्या बढ़ गई है। लोगों को खाने के लिए अनाज खरीदने के पैसे नही हैं, ऐसी विदारक स्थिति है।
कोरोना वायरस की वजह से अभी आगामी ६ माह तक लोगों को काम-धंधे से दूर रहना पड़ सकता है। इन सभी बातों को देखते हुए और नागरिकों को दिलासा देने के लिए आर्थिक वर्ष २०२०-२१ के ६ माह के पानी बिल व संपत्ति कर माफ किए जाएं। इस आशय का विषय मनपा की महासभा में लाकर इस पर शीघ्र निर्णय लेने की मांग सरनाईक ने की है। इसके साथ ही मीरा-भाइंदर शहर की सभी हाउसिंग सोसायटियों के पदाधिकारियों की मीटिंग बुलाकर इमारतों के निवासियों से ६ माह का मेंटेनेंस शुल्क भी माफ करने का आह्वान करने की विनती भी सरनाईक ने महापौर ज्योत्स्ना हसनाले से की है।
६ माह का संपत्ति कर और पानी बिल माफ करने का असर मनपा की तिजोरी पर भी पड़ेगा, जिसका परिणाम शहर के विकास कार्यों पर भी पड़ सकता है। शहर में शुरू विकास के कार्य नहीं रखड़े इसके लिए राज्य सरकार से अनुदान लाने का पूर्ण प्रयास करेंगे, ऐसा आश्वासन भी सरनाईक ने दिया है।
◆  संपत्ति कर और पानी बिल में सहूलियत देने के मुद्दे पर महापौर ज्योत्स्ना हसनाले की अध्यक्षता में मनपा के सभी अधिकारी, पदाधिकारी व सर्वदलीय गटनेता की बैठक सोमवार को आयोजित की गई थी। इस बैठक में महापौर के साथ मनपा आयुक्त चंद्रकांत डांगे, उपमहापौर हसमुख गहलोत, स्थायी समिति सभापति अशोक तिवारी, सभागृह नेता रोहिदास पाटील, शहर अभियंता शिवाजी बारकुंड, उपायुक्त वाघमारे, पानी आपूर्ति विभाग के कार्यकारी अभियंता सुरेश वाकोडे, गटनेता हरिश्चंद्र आमगावकर, जुबेर ईनामदार तथा अन्य मनपा अधिकारी उपस्थित थे। इसमे सभी ने अपने अपने मत व्यक्त किए। महापौर हसनाले ने यह विषय मनपा की महासभा में लाकर इस पर चर्चा करने व इसे राज्य सरकार से मंजूरी लेना आवश्यक बताया। साथ ही मनपा आयुक्त डांगे तथा संबंधित अधिकारियों को इस पर विचार कर महासभा आयोजित करने की बात कही।