" /> दोहरी चुनौती! कोरोना की लड़ाई में नालों की सफाई : नहीं तो होगी कार्रवाई

दोहरी चुनौती! कोरोना की लड़ाई में नालों की सफाई : नहीं तो होगी कार्रवाई

शहर के कुछ प्रभागों में कोरोना महामारी के बढ़ते प्रकोप पर अंकुश लगाने के लिए पालकमंत्री एकनाथ शिंदे के मार्गदर्शन में जहां मनपा प्रशासन पूरी ताकत से जुटा हुआ है और इसमें सफल भी हो रहा है, वही मॉनसून के दौरान जल-जमाव तथा बाढ़ की स्थिति पैदा न हो इसके लिए नालों की सफाई का भी काम बड़े पैमाने पर शुरू किया जा चुका है।

नालों की नहीं होगी सफाई तो होगी कार्रवाई
ठाणे मनपा क्षेत्र अंर्तगत 19 बड़े तथा 293 छोटे नाले हैं, जिनकी कुल लंबाई 119 किमी है। प्रतिवर्ष अप्रैल के पहले सप्ताह से नालों की सफाई का काम शुरू कर दिया जाता था, पर इस वर्ष कोरोना महामारी की वजह से नालों की सफाई के काम में थोड़ी देरी हुई है। इसके बावजूद मशीनों की मदद से जिस तेजी के साथ सफाई का काम चल रहा है, उससे उम्मीद यही की जा रही है कि मॉनसून के पूर्व नालों की सफाई का काम पूरा कर लिया जाएगा। मनपा स्वास्थ्य विभाग के एक अधिकारी का कहना है कि सभी प्रभागों में नाले सफाई का काम युद्धस्तर पर चल रहा है। खाड़ी के आस-पास बसे मुंब्रा तथा दिवा प्रभाग में छोटे-बड़े कुल 24 नाले हैं। नालों की उचित सफाई न होने पर दोनों प्रभागों में जल-जमाव तथा बाढ़ का खतरा सबसे ज्यादा रहता है। दिवा प्रभाग में शिवसेना नगरसेवक एवं पूर्व महापौर रमाकांत मढ़वी, मुंब्रा प्रभाग समिति की अध्यक्षा अशरीन राऊत, पूर्व अध्यक्ष अनीता किने, वरिष्ठ नगरसेवक राजन किने, नगरसेवक शानू पठान तथा मोरेश्वर किने आदि का कहना है कि नालों की सफाई का काम बड़े पैमाने पर चल रहा है। काम से संतुष्ट हैं। सभी नगरसेवकों द्वारा मॉनसून पूर्व सफाई का काम पूरा कर लिए जाने की उम्मीद जताई गई है, वहीं मनपा आयुक्त विजय सिंघल ने सफाई न होने पर संबंधित अधिकारियों तथा ठेकेदारों पर कार्रवाई की चेतावनी दी है।

सफाई में समस्या
कोरोना महामारी के चलते ज्यादातर मजदूर पलायन कर चुके हैं। इसका असर नालों की सफाई पर पड़ रहा है। पूर्व की भांति बड़े नालों की सफाई मशीनों द्वारा की जा रही है। छोटे नालों में मशीन का उपयोग नहीं किया जा सकता है। मजदूरों के माध्यम से इसकी सफाई की जाती है। कम संख्या में मजदूरों की मौजूदगी की वजह से सफाई पर असर पड़ रहा है। यह सबका मानना है पर कम मजदूरों के साथ नालों की सफाई का काम पूरा किया जाएगा, ऐसा विश्वास अधिकारियों तथा ठेकेदारों द्वारा व्यक्त किया जा है। मुंब्रा प्रभाग समिति के कार्यकारी अभियंता धनंजय गोसावी ने 60 प्रतिशत तक नाले सफाई का पूर्ण कर लिए जाने का दावा किया है।