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लॉक डाउन ने छीनी एक और कलाकार की जिंदगी!

अभिनेत्री प्रेक्षा मेहता ने की खुदकुशी
रोजगार खोने के डर से दी जान

कोरोना संकट के कारण लगा लॉक डाउन के कारण बेरोजगार होकर पलायन को मजबूर मजदूरों का दर्द तो पूरी दुनिया देख रही है लेकिन इसी लॉक डाउन से एक ऐसा वर्ग भी प्रभावित हुआ है जो तमाम शोषण सहने के बाद भी अपने दुख एवं तकलीफें किसी के आगे खुलकर बयान नहीं कर सकता है। यह वर्ग है रुपहले पर्दे की चकाचौंध भरी दुनिया से जुड़े जूनियर आर्टिस्टों, नवोदित कलाकराें एवं अन्य सहयोगी स्टाफ का। क्योंकि इस दुनिया में सिर्फ दिखावा चलता है इसलिए इस दुनिया से जुड़े लोग दुखी होने के बाद भी तब तक खुश रहने का दिखावा करते हैं, जब तक बात उनके बूते से बाहर की न हो जाए और जब कोई कलाकार या कर्मचारी आर्थिक एवं मानसिक रूप से पूरी तरह टूट जाता है तो वह चुपचाप मौत को गले लगा लेता है। सोनी चैनल पर आनेवाले सच्ची आपराधिक घटनाओं पर आधारित धारावाहिक ‘क्राइम पेट्रोल की अभिनेत्री प्रेक्षा मेहता की खुदकुशी का मामला इसका ताजा उदाहरण है। इसके अलावा प्रेक्षा ने अन्य टी.वी शो जैसे मेरी दुर्गा, लाल ईश्क और बॉलीवुड के सुपर स्टार अक्षय कुमार की फिल्म पैड मैन में भी काम किया था। टीवी कलाकार प्रेक्षा मेहता ने इंदौर के बजरंग नगर स्थित अपने घर में सोमवार देर रात फांसी लगाकर खुदकुशी कर ली।

बता दें कि प्रेक्षा मूल रूप से इंदौर की रहने वाली थीं। प्रेक्षा मेहता ने टीवी में अपना कॅरियर बनाना चाहा इसीलिए वह इंदौर से मुंबई शिफ्ट हो गईं। अपनी मेहनत के बल पर कई टीवी सीरियल में उन्होंने काम किया। वो मुंबई में ही रहती थीं लेकिन बाद में लॉकडाउन की वजह से अपने घर इंदौर चली गई थीं।  वो क्राइम पेट्रोल सहित कई धारावाहिकों में काम कर रही थीं। प्रेक्षा ने सोमवार और मंगलवार की दरमियानी रात अपने घर में फांसी लगा ली। हालांकि आत्मह्त्या के कारणों का खुलासा नहीं हो सका है, लेकिन परिवार का कहना है काम बंद होने के कारण प्रेक्षा तनाव में थीं। सुसाइड से पहले प्रेक्षा ने सोशल मीडिया पर अपना स्टेटस अपडेट किया। उसमें उन्होंने लिखा-‘सबसे बुरा होता है सपनों का मर जाना।’ बताया जा रहा है कि सोमवार रात प्रेक्षा जब अपने कमरे में गई तो कुछ देर मोबाइल चलाती रही, उसने देर रात अपने मोबाइल से सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर एक निराशाजनक स्टेटस अपलोड किया। सुबह जब पिता उसे जगाने के लिए उसके कमरे में गए तो देखा प्रेक्षा की लाश फांसी के फंदे पर झूल रही है। परिवार के लोग फौरन उसे लेकर अस्पताल गए, जहां प्रेक्षा को मृत घोषित कर दिया गया। प्रेक्षा के पारिवारिक सूत्रों का कहना है कोरोना के जिस तरह से लॉकडाउन लगातार लंबा हो रहा था, इससे वह डर गई थी। अब लंबे समय तक काम नहीं मिलेगा, इस सोच के कारण वह अवसादग्रस्त हो गई थीं। डिप्रेशन में आकर ही प्रेक्षा ने यह अप्रत्याशित कदम उठाया होगा। वह शायद लॉकडाउन का दर्द वह झेल नहींं पाईं। ऐसा परिवार के लोगों का अनुमान है। हालांकि घटना स्थल से पुलिस को कोई सुसाइड नोट नहीं मिला है इसलिए सुसाइड का कोई पुख्ता कारण अभी नहीं पता चला है। इंदौर के हीरा नगर थाने की पुलिस मामले की जांच अन्य कोणों से भी कर रही है।

थिएटर से की थी शुरुआत
बता दें कि प्रेक्षा ने अपने करियर की शुरुआत थिएटर से की थी। थिएटर में प्रेक्षा की शुरुआत अभिजीत वाडकर, संतोष रेगे और नगेंद्र सिंह राठौर के नाट्य ग्रुप ‘ड्रामा फैक्टरी’ से हुई. मंटो के लिखे नाटक ‘खोल दो’ पर उन्होंने अपना पहला स्टेज परफॉर्म किया था। उन्होंने ‘खूबसूरत बहू’, ‘बूंदें’, ‘राक्षस’, ‘प्रतिबिंब’, ‘पार्टनर्स’, ‘हां’, ‘थ्रिल’, ‘अधूरी औरत’ जैसे नाटकों में काम कर चुकी थीं।

एक और कलाकार का काल बना लॉक डाउन
गौरतलब हो कि लॉक डाउन से निराश होकर खुदकुशी करनेवाली को पहली टीवी कलाकार नहीं है। इसी महीने की 15 मई को छोटे पर्दे पर सब टीवी के शो ‘आदत से मजबूर’ और ऐंड टीवी के शो ‘कुलदीपक’ के 32 वर्षीय कलाकार मनमीत ग्रेवाल नई मुंबई के खारघर स्थित अपने घर में फांसी लगा ली थी। मनमीत ने लॉक डाउन में बेरोजगारी व आर्थिक परेशानियों के कारण आत्महत्या की थी।