" /> श्री राम जन्मभूमि शिलान्यास की तैयारियां पूरी बालासाहेब की बदौलत आज ये दिन नसीब हुआ है!, अयोध्या में हर कोई कर रहा है बालासाहेब को याद

श्री राम जन्मभूमि शिलान्यास की तैयारियां पूरी बालासाहेब की बदौलत आज ये दिन नसीब हुआ है!, अयोध्या में हर कोई कर रहा है बालासाहेब को याद

जिस घड़ी का बरसों से हो रहा था इंतजार, आज वो आ गई है। आज पीएम मोदी के हाथों रामलला के मंदिर का भूमिपूजन होने जा रहा है। मगर आज अयोध्या में हर कोई बालासाहेब को याद कर रहा है। आज के दिन के बारे में यहां के लोगों का यही कहना है कि बालासाहेब की बदौलत ही ये दिन नसीब हुआ है। अयोध्या के प्राचीन सिद्धपीठ दंतधवन कुंड के महंत नारायणाचारी महाराज कहते हैं हिंदूहृदयसम्राट बालासाहेब ठाकरे न केवल राम मंदिर बल्कि हिंदुत्व के समस्त मान बिंदुओं के प्रणेता के रूप में अमर हैं। विवादित ढांचा गिरने के पूर्व से उनका आशीर्वाद, उनकी प्रेरणा उनके साहस भरे वचन हिंदुत्व के प्रेरणा स्रोत बने रहे। उन्होंने कहा कि बालासाहेब अपने हिंदुत्व समर्थित कार्यों की वजह से ही हिंदूहृदयसम्राट के रूप में अमर हैं। राम मंदिर आंदोलन में उनके योगदान को कभी भुलाया नहीं जा सकेगा।
जगद्गुरु रामानुजाचार्य स्वामी रत्नेश महाराज ने कहा कि बालासाहेब ठाकरे की अयोध्या आंदोलन में महत्वपूर्ण भूमिका रही है। बालासाहेब विश्व के उन व्यक्तियों में से थे जो किसी पद के कारण नहीं, बल्कि कद के कारण माने जाते थे। उनकी निर्भीकता और स्पष्टवादिता के लोग कायल थे। सामान्य व्यक्ति और महापुरुष में जो बड़े अंतर होते हैं, उनमें से प्रमुख यह है कि महापुरुष की दृष्टि उस कालखंड पर जिसमें वह हमारे बीच उपस्थित होता है, के साथ-साथ अतीत और भविष्य पर भी भरपूर सजगता के साथ होती है। वस्तुत: अतीत की घटनाओं की सामूहिक परिणति ही तो वर्तमान है और वर्तमान के कार्यकलाप ही तो भविष्य तय करते हैं। अत: अतीत का तार्किक विवेचन किए बिना वर्तमान की घटनाओं की प्रवृत्ति को वैâसे समझा जा सकता है और वर्तमान का निर्धारण किए बगैर भविष्य का निर्माण वैâसे किया जा सकता है? भारत के वास्तविक और मूल राष्ट्र अर्थात हिंदुओं पर बढ़ते चले जा रहे भयावह खतरों को सामान्य व्यक्ति भी पहचानता है तो कोई महापुरुष उसे समझने में वैâसे चूक सकता है? ऐसे अनेक महापुरुषों ने समय-समय पर राष्ट्र रक्षा के लिए अपने स्वभाव के अनुरूप व्यवस्था की है। इनमें से प्रमुख नाम हिंदूहृदयसम्राट श्री बालासाहेब ठाकरे का ही आता है। अगर मैं सच्चे शब्दों में कहूं तो बालासाहेब ठाकरे सच्चे देशभक्त, सच्चे राष्ट्रभक्त थे, हम सबको उनसे प्रेरणा लेने की आवश्यकता है। बालासाहेब का बहुत बड़ा योगदान हिंदू एकता, हिंदू नेतृत्व, राम मंदिर आंदोलन और देश में हिंदुओं की रक्षा करने और आतंकी पाकिस्तान का विरोध करने में था। पर अभी श्रीराम जन्मभूमि मंदिर का शिलान्यास होने जा रहा है इसमें उनके योगदान की चर्चा प्रासंगिक है।
पीतांबरा पीठ दतिया से जुड़े साधन अनूप जी महाराज कहते हैं कि राम मंदिर आंदोलन में बालासाहेब ठाकरे मील के पत्थर हैं, जिन्हें कभी भी भुलाया नहीं जा सकता। जब-जब राम मंदिर आंदोलन की चर्चा होगी वे हमें याद आते ही रहेंगे। वॉलीबॉल के राष्ट्रीय खिलाड़ी कौस्तुभ अचारी ने कहा कि बालासाहेब ठाकरे राम मंदिर आंदोलन की वह शख्सियत हैं, जिन्हें कभी भुलाया नहीं जा सकेगा। राम मंदिर आंदोलन के साथ बालासाहेब भी अमर हैं, अमर रहेंगे। करोड़ों राम भक्त उनके योगदान को लेकर उनके प्रति हमेशा नतमस्तक रहेंगे।
विश्व हिंदू परिषद के प्रांतीय प्रवक्ता शरद शर्मा ने कहा कि बालासाहेब ठाकरे ने महाराष्ट्र में रहकर हिंदुत्व के जागरण का व्यापक कार्य किया, जिसके कारण बड़ी संख्या में शिवसैनिक अयोध्या आए उनके योगदान को कभी भुलाया नहीं किया जा सकता। श्री शर्मा ने कहा कि जब भीराम जन्मभूमि के योद्धाओं की बात होगी तो उनका स्मरण किए बिना रहा नहीं जा सकेगा। वह सदैव हिंदुत्व के आदरणीय बने रहेंगे।