" /> क्यूआर कोड ने किया यात्रियों को कंफ्यूज, डेटा कलेक्ट कर रही है राज्य सरकार

क्यूआर कोड ने किया यात्रियों को कंफ्यूज, डेटा कलेक्ट कर रही है राज्य सरकार

पश्चिम रेलवे पर मुंबई लोकल में पिछले शनिवार से लगातार एक घोषणा हो रही है, जिसने यात्रियों की परेशानी बढ़ा दी। घोषणा के अनुसार २० जुलाई के बाद जिन यात्रियों के पास क्यूआर कोड नहीं होगा, उन्हें यात्रा नहीं करने दी जाएगी। रेलवे की इस घोषणा के बाद कई पैथ लैब और प्राइवेट अस्पताल के कर्मचारी क्यूआर कोड को लेकर कंफ्यूज नजर आ रहे हैं।
कहां से लाएं क्यूआर कोड?
मालाड, कांदिवली में लैब चलानेवाले रोशन कामत ने बताया कि उनके ६०-७० कर्मचारी रोज़ाना ट्रेन से आते जाते हैं। पहले बताया गया था कि पहचान पत्र बनाना है, जो बना लिया गया। एक महीने से उसी पर यात्रा हो रही है। अब कहा का रहा है क्यूआर कोड होना चाहिए। रेलवे में पूछने पर बताया कि राज्य सरकार बनाएगी। राज्य सरकार में से भी कौनसा विभाग बनाएगा इसका अंदाज़ा नहीं है। कोई बता रहा है क्राफर्ड मार्केट जाना होगा, कोई मंत्रालय बता रहा है। पांच दिन बचे हैं, पता नहीं कैसे होगा।
एक महीने से डेटा कलेक्शन
रेलवे के एक अधिकारी ने बताया कि १५ जून से जब ट्रेन चली थी, तब बताया गया था कि क्यूआर कोड के साथ ही यात्रा की अनुमति दी जाएगी। ऐसा करने से सही लोग ही ट्रेन में चढ़ पाएँगे। अधिकारी ने बताया कि कुछ फर्जी पहचान पत्र की शिकायतें आ रही थीं, जिसके बाद क्यूआर कोड जरूरी हो गया है। अधिकारी ने बताया कि राज्य सरकार द्वारा विभिन्न विभागों के डेटा कलेक्ट करने की बात कही जा रही है। ये क्यूआर कोड वाला पहचान पत्र भी कर्मचारियों को उनके दफ्तरों से दिया जाना है।
रोजाना ७०२ सेवाएं
शहर में अब रोजाना ७०२ लोकल ट्रेनें चल रही हैं। इनमें से ३५० ट्रेनें पश्चिम रेलवे पर चल रही हैं। इन उपनगरीय सेवाओं में राज्य सरकार के अत्यावश्यक कार्यों में लगे कर्मचारियों को पहले से यात्रा करने की अनुमति प्रदान की गई थी, जबकि १ जुलाई, २०२० से गृह मंत्रालय द्वारा निर्देशित श्रेणियों अर्थात सैन्य कर्मियों और केंद्र सरकार के कर्मचारियों, आयकर, जीएसटी एवं सीमा शुल्क, डाक विभाग तथा राष्ट्रीयकृत बैंकों के कर्मचारियों, मुंबई पोर्ट ट्रस्ट, न्यायालय एवं राजभवन के कर्मचारियों को भी इन ट्रेनों में यात्रा करने की अनुमति दी गई है। सभी ट्रेनों और स्टेशनों को नियमित रूप से सैनिटाइज किया जाता है। पश्चिम रेलवे द्वारा वैध टिकट से यात्रा करने वालों की सुविधा के लिए बड़ी संख्या में टीटीई की भी तैनाती की गई है। यात्रियों द्वारा सोशल डिस्टेंसिंग के नियमों का पालन किया जाना सुनिश्चित करने की दृष्टि से पश्चिम रेलवे द्वारा स्टेशनों पर ८०,००० से अधिक सर्कलों के चिन्ह बनाए गए हैं।