" /> दस अगस्त से दिखेगा क्यूआर कोड का दम, मामला लोकल ट्रेन यात्रा का

दस अगस्त से दिखेगा क्यूआर कोड का दम, मामला लोकल ट्रेन यात्रा का

उपनगरीय लोकल ट्रेन में क्यूआर कोड लागू करने की घोषणा लगातार हो रही थी, जिसने यात्रियों की परेशानी बढ़ा दी। २० जुलाई से क्यूआर कोड लागू होना था। इसके बाद इसे ३० जुलाई तक बढ़ाया गया। कहा जा रहा था कि कोड बनाने की प्रक्रिया पूरी नहीं हुई। अब इस तिथि को १० अगस्त तक बढ़ा दिया गया है। इसका मतलब है कि मुंबई लोकल में १० अगस्त तक जो भी अतिआवश्यक सेवाओं से जुड़े लोग यात्रा कर रहे हैं, उनसे १० अगस्त तक क्यूआर कोड को लेकर सख्ती नहीं बरती जाएगी।
क्या है क्यूआर कोड
उपनगरीय सेवाओं को चलाने से पहले बनाई गई गाइडलाइन में कहा गया था कि यात्रियों को एक क्यूआर कोड दिया जाएगा, जिससे वैधता का पता चल सके। डेढ़ महीने बाद भी ये सिस्टम लागू नहीं हुआ। हालांकि सरकारी सेवाओं से जुड़े कर्मचारियों को पहचान पत्र दिखाने के बाद यात्रा की अनुमति मिल जाती है। एक अधिकारी के अनुसार हो सकता है अगले सप्ताह तक कुछ और विभाग को यात्रा की अनुमति दी जाए, ऐसे में क्यूआर कोड की सख्ती को लेकर अनिश्चितता बरकरार है। शर्तों के अनुसार जिन यात्रियों के पास क्यूआर कोड नहीं होगा, उन्हें यात्रा नहीं करने दी जाएगी। रेलवे की इस घोषणा के बाद कई पैथ लैब और प्राइवेट अस्पताल के कर्मचारियों को परेशानी होने लगी।
संक्रमण से बचने का है उपाय
आमतौर पर स्टेशन में प्रवेश के समय सुरक्षाकर्मी पहचान पत्र देखते हैं। संक्रमण के डर से पहचान पत्र छूते नहीं है, साथ ही सोशल डिस्टेंसिंग भी बरकरार रखना है। ऐसे में क्यूआर कोड कारगर साबित होगा। मध्य रेलवे ने तो क्यूआर कोड पढ़ने के लिए अलग से ऐप भी तैयार किया है।
रोजाना ७०२ सेवाएं
शहर में अब रोजाना ७०२ लोकल ट्रेनें चल रही हैं। इनमें से ३५० ट्रेनें पश्चिम रेलवे पर चल रही हैं। इन उपनगरीय सेवाओं में राज्य सरकार के अत्यावश्यक सेवाओं में कार्यरत कर्मचारियों को पहले से यात्रा करने की अनुमति प्रदान की गई थी जबकि १ जुलाई २०२० से गृह मंत्रालय द्वारा निर्देशित श्रेणियों अर्थात सैन्य कमिर्‍यों और केंद्रीय सरकार के कर्मचारियों, आयकर, जीएसटी एवं सीमा शुल्क, डाक विभाग तथा राष्ट्रीयकृत बैंकों के कर्मचारियों, मुंबई पोर्ट ट्रस्ट, न्यायालय एवं राजभवन के कर्मचारियों को भी इन ट्रेनों में यात्रा करने की अनुमति दी गई है। सभी ट्रेनों और स्टेशनों को नियमित रूप से सेनिटाइज किया जाता है।