" /> प्रश्नचिह्न?

प्रश्नचिह्न?

जीवन है प्रश्नचिह्न,
सांसें हैं प्रश्नचिह्न…!
शब्द-शब्द प्रश्नचिह्न,
पग-पग है प्रश्नचिह्न!
लोग भी हैं प्रश्नचिह्न,
जोग भी है प्रश्नचिह्न!
छलदंभ है प्रश्नचिह्न,
पाखंड है प्रश्नचिह्न!
भंवर-भंवर प्रश्नचिह्न,
लहर-लहर प्रश्नचिह्न!
सफर-सफर प्रश्नचिह्न,
जहर-जहर प्रश्नचिह्न!
है प्रश्नचिह्न…!
है प्रश्नचिह्न, है प्रश्नचिह्न!
-ओम शिवम उपाध्याय, प्रयागराज

जिंदगी मोहताज नहीं!
जिंदगी किसी की मोहताज नहीं
इसे शान-शौकत की आस नहीं,
जो सोचा है करना है मान लो
जिंदगी किसी पर निर्भर नहीं।
यह कर्मों का है फल मान लो
मां-बाप के साथ चलो,
और किसी की आस न हो
जो हो रहा होने दो यही विधान है।
स्वार्थी दुनिया में कर्म ही प्रधान है
जो लोग तुम्हारे साथ हैं,
उसमें कहीं न कहीं स्वार्थ है
न कोई अपना है यह पहचान है।
जिंदगी किसी की मोहताज नहीं
बस आज तुम यह मान लो।
-श्रद्धा सिंह, प्रतापगढ़