" /> पांचवी-छठी लाइन का काम शुरू : ट्रैक पर आने लगी रेल परियोजना

पांचवी-छठी लाइन का काम शुरू : ट्रैक पर आने लगी रेल परियोजना

जून 2021 में पूरा होगा काम

लॉकडाउन के कारण मजदूरों की किल्लत होने से मुंबई में चल रही रेलवे की सारी विकास परियोजनाएं बंद पड़ गई थीं, परंतु महाराष्ट्र सरकार द्वारा लॉकडाउन में दी गई छूट के बाद रेलवे की परियोजनाएं फिर से ट्रैक पर आने लगी हैं। जानकारी के मुताबिक धीरे-धीरे प्रवासी मजदूरों की मुंबई वापसी का सिलसिला शुरू होने के बाद मध्य रेलवे की सबसे बड़ी परियोजनाओं में से एक पांचवी-छठी लाइन परियोजना का काम अब शुरू हो गया है। मध्य रेलवे ने अब मुंब्रा खाड़ी के पास ब्रिज निर्माण का काम शुरू कर दिया है।

कोटा में तैयार हो रहा है 100 टन का ब्रिज
इस परियोजना में एक स्टील का ब्रिज लगनेवाला है। मुंबई रेलवे विकास निगम (एमआरवीसी) द्वारा इस परियोजना को पूरा किया जाना है। एमआरवीसी के अनुसार, करीब 100 टन का यह ब्रिज राजस्थान के कोटा में तैयार हो रहा है। इस परियोजना का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा यह ब्रिज है। इस ब्रिज को कोटा में बनाकर मुंबई ट्रांसपोर्ट किया जाएगा और यहीं असेम्बल किया जाएगा। इस ब्रिज के अलावा करीब 250 टन का ब्रिज मुंब्रा के पास लगना है, जो मुंबई पहुंच चुका है। एमआरवीसी के अनुसार ब्रिज का काम पूरा होने के बाद परियोजना समाप्त होने में ज्यादा समय नहीं लगेगा।

गड़बड़ा गई थी सप्लाई चेन
एमआरवीसी के अनुसार लॉकडाउन-3 में कुछ रियायतें मिलने के बाद अब साइट पर काम शुरू हुआ है। सीमित मजदूरों के साथ ब्रिज के अलावा जो भी छोटे-मोटे काम हैं, उन्हें पूरा किया जा रहा है। वैसे ब्रिज असेंबलिंग का काम मॉनसून से पहले पूरा करना था, लेकिन कोरोना महामारी के कारण देरी हो गई। इन समस्याओं के अलावा सीमेंट की जरूरत भी है, जिसकी सप्लाई अभी नहीं हो रही है। साइट पर सीमेंट का कोई प्लांट न होने के कारण समस्या हो रही है, जबकि अभी भी कुछ टन सीमेंट की जरूरत है। लॉकडाउन के कारण सप्लाई चेन गड़बड़ा गई थी।

पांचवी बार बढ़ी डेडलाइन
इस परियोजना की डेडलाइन अब पांचवी बार बढ़ाई जा चुकी है। इस ब्रिज का काम अब जून, 2021 तक पूरा होने की उम्मीद है। इस बार हालात बस में नहीं हैं, अन्यथा दिसंबर तक काम पूरा होना था। मध्य रेलवे और मुंबई के लिए ये बहुत ही जरूरी प्रोजेक्ट है। पांचवी-छठी लाइन के कारण उपनगरीय और लंबी दूरी की ट्रेनों को अलग-अलग पाथ मिलनेवाला है। इससे ट्रेनों के परिचालन में 30% तक सुधार की संभावना है। ये ब्रिज ठाणे की खाड़ी पर बनेगा और इस परियोजना का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा है। इस ब्रिज के अंत से शुरू होनेवाली लाइन जो कि नए कलवा स्टेशन तक जाएगी, का काम पूरा हो चुका है। नए कलवा स्टेशन का काम अब भी बाकी है।

मध्य रेलवे की एक सबसे महत्वपूर्ण परियोजना है ठाणे-दिवा के बीच पांचवी-छठी लाइन का प्रोजेक्ट। 2008 में इस परियोजना का खर्च 130 करोड़ रुपए था, अब इस पर 530 करोड़ रुपए खर्च होने हैं। इस साल दिसंबर तक प्रोजेक्ट को पूरा होना था लेकिन लॉकडाउन की वजह से अब डेडलाइन भी आगे हो गई। अब ये काम जून 2021 तक पूरा होने की उम्मीद है।

ठाणे और दिवा के बीच 9 किमी की दूरी पर अभी चार लाइन है, जबकि दिवा से कल्याण और ठाणे से कुर्ला तक 6 लाइन हैं। मतलब दिवा और ठाणे के बीच दो और लाइन की कमी के कारण काफी परेशानी झेलनी पड़ रही है। 9 किमी पर इन अतिरिक्त लाइन की कमी से उपनगरीय सेवाएं और लंबी दूरी की ट्रेनें कॉमन ट्रैक पर चलती हैं, जिससे ट्रेनों के परिचालन में देरी होती है।