" /> पश्चिम रेलवे ने बनाए 410 आइसोलेशन कोच : धारावी के कोरोना पीड़ितों के लिए हो सकता है इस्तेमाल

पश्चिम रेलवे ने बनाए 410 आइसोलेशन कोच : धारावी के कोरोना पीड़ितों के लिए हो सकता है इस्तेमाल

देश मे रोजाना कोरोना वायरस के संक्रमण से पीड़ित मरीजों का मामला बढ़ता ही जा रहा है। यदि आंकड़े इसी तरह से रोजाना बढ़ते रहे तो आगे चलकर स्थिति और भी गंभीर हो सकती है। ऐसे में देश को आइसोलेशन सेंटर की कमी महसूस न हो इसे ध्यान में रखते हुए रेलवे ने पहले ही कमर कस के तैयारियां शुरू कर दी है। जानकारी के मुताबिक पश्चिम रेलवे ने 410 आइसोलेशन कोच तैयार किया है। ये आइसोलेशन कोच तय समय से पहले रेलवे के मुंबई डिवीजन ने तैयार किया है। माना जा रहा है कि रेलवे के ये आइसोलेशन कोच धरावी जैसे इलाकों में कोरोना प्रभावित मरीजो के लिए उपयोगी साबित होंगें जहां जगह की भारी कमी है।

रेल अधिकारियों से प्राप्त जानकारी के अनुसार ये आइसोलेशन कोच रेलवे के डिवीजन, डिपो और वर्क शॉप में तैयार किए गए हैं। आइसोलेशन सेंटर के लिए आईसीएफ कोच का इस्तेमाल किया गया है। मुंबई डिवीजन में जो 200 आइसोलेशन कोच तैयार किए गए हैं, उसमें से 100 आइसोलेशन कोच लोअर परेल और महालक्ष्मी में तैयार किए गए हैं, जबकि अन्य 100 आइसोलेशन कोच मुंबई सेंट्रल और बांद्रा में तैयार किए गए हैं। अधिकारी ने बताया कि इन सभी आइसोलेशन कोचों को युद्धस्तर पर समय से पहले ही तैयार कर लिया गया है। आइसोलेशन कोच तैयार करने से पहले और बाद में सभी कोचों को सैनिटाइज किया गया। आइसोलेशन कोच में एक पैरा मेडिकल रूम भी तैयार किया गया है।

ये है सुविधाएं
रेलवे ने जिन आईसीएफ के कोचों को आइसोलेशन सेंटर के रूम में तब्दील किया है। उनमें सुरक्षा के लिहाज से कई सुविधाएं हैं। कोच में एक टॉयलेट की जगह पर बाथरूम बनाया गया हैं, जिसमे आसानी से इस्तेमाल होनेवाले नल के साथ ही बाल्टी, जग की व्यवस्था के साथ-साथ आइसोलेशन सेंटर में 3 कलर की कुड़ेदानी रखी गई है। डॉक्टर और नर्स के लिए कोच में अलग कंपार्टमेंट की व्यवस्था है। स्टोर रूम भी है। कोच में मच्छर न आने पाए इसलिए जाली लगाई गई है। प्लास्टिक के कर्टेन आदि लगी है।