" /> ट्रेनों में खत्म होगी सोशल डिस्टेंसिंग : श्रमिक ट्रेनों में बढ़ी सीटें

ट्रेनों में खत्म होगी सोशल डिस्टेंसिंग : श्रमिक ट्रेनों में बढ़ी सीटें

विशेष ट्रेनों में वेटिंग लिस्ट-वीआईपी कोटा को भी मिली मंजूरी
कोरोना संक्रमण से बचने के लिए सबसे बड़ा एहतियात जिस ‘सोशल डिस्टन्सिंग’ को माना जा रहा था, अब ट्रेनों में वो खत्म होनेवाली है। 24 डिब्बों की श्रमिक विशेष ट्रेनों में पहले केवल 1,200 यात्रियों की पाबंदी को हटाकर इसे अब 1,600 यात्री प्रति ट्रेन कर दिया गया है। इसके अलावा देशभर के अलग-अलग शहरों से दिल्ली के बीच चलनेवाली स्पेशल ट्रेनों में वेटिंग लिस्ट को मंजूरी दे दी गई है। 15 मई से बुकिंग शुरू होनेवाली ट्रेनों में यानी 22 मई से चलनेवाली ट्रेनों में वेटिंग लिस्ट भी बुक करा सकते हैं। इसके अलावा वीआईपी कोटा को मंजूरी दी गई है।

वेटिंग तो बहाना है, पैसा जो कामना है
12 मई से शुरू हुई विशेष ट्रेनों की बुकिंग केवल आईआरसीटीसी के जरिए ही संभव है। बुकिंग शुरू होते ही महज कुछ मिनटों में सभी ट्रेनें फुल हो गईं।इसका मतलब है टिकट की डिमांड बहुत ज्यादा है।रेलवे की ओर से बुधवार को नई शर्तें जारी की गईं। इसके अनुसार, प्रथम एसी में 20, द्वितीय एसी में 50 और तृतीय एसी में 100 वेटिंग बुक हो सकती है। अब ट्विस्ट ये है कि इंटरनेट पर बुक की गई वेटिंग टिकट यदि कन्फर्म नहीं होती हैं, तो वह ऑटोमैटिक ही रद्द हो जाती है। ऐसे में रेलवे यात्री से एसी श्रेणी के लिए ₹65 क्लेरिकल चार्ज के रूप में काट लेती है। यहां ये भी बता दें कि इन विशेष ट्रेनों में कन्फर्म टिकट कैन्सल कराने पर 50% रक़म कट जाती है। इस स्थिति में वेटिंग टिकट का कन्फ़र्म होने के चान्स कम ही हैं।

‘वीआईपी’ कोटा शुरू
रेलवे ने निश्चित किया है कि विशेष ट्रेनों में वीआईपी कोटा दिया जाएगा। संसद के सदस्य और अन्य श्रेणी के लोगों को इसका लाभ मिलेगा। साथ ही रेलवे में स्पष्ट किया है कि इन ट्रेनों में किसी प्रकार की रियायत नहीं दी जाएगी। वरिष्ठ नागरिक, दिव्यांग और महिला यात्री के लिए आरक्षित सीटें यथावत रहेंगी। सूत्रों के अनुसार, विशेष ट्रेनों की शुरुआत होते ही वीआईपी कोटा शुरू करने की मांग होने लगी। इसके लिए दबाव भी बना और आखिरकार रेलवे को ये सिस्टम शुरू करना पड़ा। सूत्रों के अनुसार वीआईपी और अन्य कोटा टिकट लेने के लिए चुनिंदा स्टेशनों पर सीमित पीआरएस काउंटर भी शुरू हो सकते हैं। रेलवे ने इसके लिए तैयारियां शुरू कर दी हैं। जाए। पहले 1,200 यात्री के बाद किसी को ट्रेन में बोर्ड करने की अनुमति नहीं थी। जानकारों का कहना है इससे संक्रमण का खतरा बढ़ेगा लेकिन जिस तरह से ट्रकों में पैसे लेकर इन्हें लूटा जा रहा है, वो भी कम होगा।