डी-रेल-डे! पहली बारिश में ही पानी में बहे रेलवे के दावे

मुंबई की लाइफलाइन मानी जानेवाली लोकल ट्रेन हर साल बारिश के दौरान जवाब दे जाती है। लोकल ट्रेनों की लेटलतीफी, सिग्नल फेलियर, पटरियों पर जलजमाव आदि की घटना इस बार मॉनसून में नहीं होगी, ऐसा दावा मध्य और पश्चिम रेलवे दोनों करने में जुटी थीं। रेल पटरियों के अगल-बगल नालों की सफाई शत-प्रतिशत होने का दावा रेलवे सिस्टम को चलानेवाले आला अधिकारी करने में जुटे थे। नाले साफ हैं, ऐसे में इस बार रेल पटरियों पर जलजमाव की गुंजाइश न के बराबर होगी। रेलवे के ये सारे दावे महज कुछ घंटों की बारिश में ही बह गए। कुछ घंटों की बारिश ने रेलवे को ऐसा धोया कि रेलवे हर तरफ पानी-पानी होती दिखी।
पालघर में मूसलाधार बारिश के कारण पश्चिम रेलवे मुंबई डिवीजन की मेल एक्सप्रेस ट्रेनें रद्द करनी पड़ीं जबकि कई ट्रेनों की समय-सारणी में बदलाव करना पड़ा। माल गाड़ी पटरी से उतर गई। मध्य रेलवे की लोकल सेवाएं घंटों कछुआ चाल में चलती दिखीं। रेलवे स्टेशन जलमग्न हो गए। लाखों रेल यात्री ट्रेन में फंसने के कारण परेशान हुए, जिससे कल यानी मंडे का दिन मुंबई के लिए डी रेल डे साबित हुआ।
लोकल ने किया बेकल! पहली बारिश में ही रेलवे के दावे हुए फेल
पिछले कुछ दिनों से हो रही फुहार के बीच परसों रात से बारिश ने जोर पकड़ लिया। लगातार मूसलाधार बारिश के चलते कल मुंबई की लोकल ट्रेनें प्रभावित हुर्इं। विलंब से चल रही लोकल में रेल यात्री काफी बेकल नजर आए। पहली बारिश में ही रेलवे के दावे बारिश के पानी के साथ बह गए। बारिश का सबसे ज्यादा असर पश्चिम रेलवे के पालघर जिले में देखने को मिला जबकि मध्य रेलवे हर साल की तरह ही इस बार भी बारिश के सामने घुटने टेकती दिखी।
पालघर जिले में बारिश के कारण रेलवे ट्रैक पानी से लबालब भरे रहे, ऐसे में इस रूट से गुजरनेवाली कुछ मेल एक्सप्रेस ट्रेनें रद्द करनी पड़ीं। इतना ही नहीं, ३ मेल एक्सप्रेस ट्रेन रद्द करने के अलावा ४ ट्रेनों की समय-सारिणी में बदलाव और ६ ट्रेनों को शॉर्ट टर्मिनेट (आधे रास्ते तक चलना) किया गया। बारिश के चलते ट्रेनों को निर्धारित स्पीड पर चलाया गया। पालघर में कल सुबह ३६९ एमएम, वलसाड ६९४ एमएम और डहाणू रोड में ७८० एमएम बारिश दर्ज की गई। इसी बीच कल सुबह ८ बजे के करीब मरीन लाइन स्टेशन बिल्डिंग की निर्माणाधीन इमारत के काम के लिए लगाए गए बांबू की शीट मूसलाधार बारिश और तेज हवाओं के झोंके के कारण ओवर हेड वायर पर गिर गई। इस घटना के कारण चर्चगेट से मुंबई सेंट्रल के बीच धीमी लोकल सेवाएं ३ घंटों के लिए ठप थीं। इस रूट पर फास्ट लोकल सेवाओं को चलाया जा रहा था। विरार में ६२० एमएम, बांद्रा ४१० एमएम, अंधेरी २९५ एमएम और दादर में ३३६ एमएम बारिश दर्ज की गई, वहीं पालघर के बाद कल मध्य रेलवे की लोकल और मेल एक्सप्रेस ट्रेनों पर भी असर देखा गया। मध्य रेलवे ने मॉनसून से पहले सारी तैयारियां करने का दावा किया था। परंतु कल मध्य रेलवे के दावों की शुरुआती बारिश ने ही पोल खोल दी। मध्य रेलवे में सायन, कुर्ला, विद्याविहार, घाटकोपर, ठाणे, बदलापुर, आसनगांव, किंग्ज सर्कल, गोवंडी, वडाला, मानखुर्द में जलजमाव पटरियों पर देखा गया। ऐसे में कल्याण से सीएसएमटी आनेवाली लोकल ट्रेनें घंटों लेट रहीं, पटरी पर जलजमाव के कारण लोकल ट्रेनों की कतार लग गई थी। यात्री तुकाराम तांबे ने बताया कि परेल से मस्जिद स्टेशन पहुंचने में ४० मिनट लग गए। कल्याण निवासी दीपक जाधव ने बताया कि ७.४३ बजे की कसारा फास्ट लोकल दोपहर १.४० बजे मस्जिद बंदर पहुंची। १०.३९ बजे की सीएसएमटी से चलनेवाली लोकल १ बजकर ४५ मिनट पर घाटकोपर पहुंची, वहीं हार्बर की लोकल ट्रेन आधे घंटे विलंब से चल रही थी। मध्य रेलवे में कल एक दिन में ५१५ एमएम बारिश दर्ज हुई। इनमें ठाणे १४८ एमएम, कल्याण १२७ एमएम, भिवंडी २१५ एमएम और पनवेल में १६६ एमएम बारिश का समावेश है। बारिश का असर मालगाड़ी पर भी दिखा। कर्जत लोनावला घाट सेक्शन पर बारिश के कारण पटरी धंस जाने से मालगाड़ी पटरी से उतर गई। इस घटना के कारण मुंबई-पुणे इंटर सिटी एक्सप्रेस को रद्द करना पड़ा जबकि इस रूट से गुजरनेवाली कई ट्रेनों के मार्ग बदलने पड़े। बारिश के कारण लोकल सेवाएं सुचारु रूप से न चलने के कारण कल लाखों यात्री लोकल में घंटों फंसे रहे, जिससे उन्हें काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा। रेलवे के एक अधिकारी ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि पश्चिम रेलवे में १३० से अधिक लोकल सेवाएं रद्द रहीं जबकि मध्य रेलवे में यह आंकड़ा २०० से अधिक था।
क्राउड कंट्रोल
भारी बारिश के कारण भीड़ भाड़वाले स्टेशनों पर भगदड़ की स्थिति न पैदा हो इसलिए मध्य और पश्चिम रेलवे के स्टेशन और एफओबी पर सुरक्षा जवानों को क्राउड कंट्रोल करने के लिए तैनात किया गया था। पश्चिम रेलवे के २९ स्टेशनों पर कुल ४८४ जवान तैनात थे। इनमें १२८ महिला जवानों का समावेश है, जबकि मध्य रेलवे पर ५०० से अधिक सुरक्षा जवान प्लेटफार्म और एफओबी पर तैनात किए गए थे।