टिकट काउंटर से गिरफ्तार हुआ १६ साल पुराना हत्यारा

नालासोपारा के सुप्रसिद्ध भवन निर्माता राजेश पतंगे हत्याकांड में पालघर क्राइम ब्रांच की वसई टीम ने १६ वर्ष बाद रेलवे टिकट काउंटर से हत्या के आरोपी को गिरफ्तार किया है। यह गिरफ्तारी उस वक्त हुई, जब वो जनरल टिकट लेकर फरार होने की फिराक में था।
आरोपी कमलेश जैन पिछले १६ वर्षों से फरार चल रहा था। पतंगें हत्याकांड में कुल १४ आरोपी थे, जिसमें पुलिस ने ११ को गिरफ्तार किया है, जबकि एक आरोपी की एनकाउंटर में मौत हो गई। हालांकि अभी भी दो आरोपी फरार बताए जाते हैं। यह घटना जमीनी विवाद को लेकर हुई थी। पुलिस से मिली जानकारी के मुताबिक नालासोपारा-पूर्व तुलिंज रोड के राधा गोकुल अपार्टमेंट में राजेश चंद्रकांत पतंगे रहते थे। २५ अक्टूबर २००३ की दोपहर के समय व्यवसाय को लेकर नालासोपारा निवासी चंद्रकांत अण्णा पाटील उर्फ मामा से विवाद हुआ था। बहस के दरम्यान पाटील ने पिस्तौल से गोली मारकर पतंगे की हत्या कर दी थी। १६ वर्षों से फरार चल रहे कमलेश जैन ने इस हत्याकांड में दलाली का काम किया था। क्राइम ब्रांच ने जैन को उस वक्त गिरफ्तार किया जब वह मुंबई के बोरीवली टिकट काउंटर से जनरल टिकट लेकर मुंबई से फरार होने की फिराक में था। पुलिस ने पतंगे हत्याकांड में अब तक १२ आरोपियों को गिरफ्तार किया है।