" /> रामलीला मैदान भूमाफियाओं को बेच डालने के मामले से हिला योगीराज !

रामलीला मैदान भूमाफियाओं को बेच डालने के मामले से हिला योगीराज !

• रामलीला मैदान के कमरों में डीएम ने लगवाया ‘ताला’, बताया ग्राउंड को सरकारी संपत्ति
• एडीएम को दिए जांच कर कार्रवाई के आदेश

रामनगरी अयोध्या से महज ५० किमी के फासले पर स्थित भगवान श्रीराम के ज्येष्ठ पुत्र कुश की नगरी सुल्तानपुर में दो सौ साल पुराने रामलीला मैदान को भूमाफियाओं द्वारा बेचकर व्यावसायिक कांप्लेक्स बनवाए जाने के प्रकरण से ‘योगीराज’ सकते में आ गया है। पालिकाध्यक्ष के नेतृत्व में शहरवासियों के प्रबल विरोध से सकपकाए अफसरों ने आनन-फानन कार्रवाई शुरू कर दी है। मंगलवार को पालिकाध्यक्ष के नेतृत्व में बड़ी संख्या में डीएम को ज्ञापन देने के बाद प्रशासनिक कार्रवाई करते हुए डीएम ने रानलीला मैदान में हो रहे अवैध निर्माण को बंद करा संपूर्ण परिसर के ‘सरकारी’ होने का एलान कर दिया है। मैदान में स्थित जिन कथित शिक्षण कक्षों को जर्जर दिखाकर चुपके-चुपके कांप्लेक्स का निर्माण किया जा रहा था। उन्हें पालिका के जिम्मे सौंप डीएम ने एडीएम को जांच कर प्रभावी विधिक कार्रवाई करने के आदेश दिए हैं। हालांकि इस घटनाक्रम ने यूपी के योगी के तंत्र की नाकामी व भ्रष्टाचार को बेपर्दा कर दिया है।

बता दें सोमवार को सुल्तानपुर शहर के दो सौ साल पुराने लखनऊनाका स्थित रामलीला मैदान में कलाकारों के लिए निर्मित कक्षों को तोड़कर चुपके चुपके व्यावसायिक कांप्लेक्स निर्माण का प्रकरण प्रकाश में आया था। शहरवासियों ने पालिकाध्यक्ष बबिता जायसवाल व उनके पति जिला पंचायत सदस्य अजय जायसवाल के नेतृत्व में सांस्कृतिक मानदंडों से खिलवाड़ करने वाले भूमाफियाओं से लड़ने की ठान ली।रामलीला मैदान बचाओ संघर्ष समिति गठित कर डाली। इसी क्रम में मंगलवार को शहरवासियों ने सीएम योगी आदित्यनाथ व डीएम रवीश गुप्त को ज्ञापन प्रेषित किया। सैकड़ों की संख्या में शहरवासियों ने पालिका भवन से कलेक्ट्रेट तक मार्च निकाला।और डीएम को ज्ञापन दिया। इसके बाद प्रशासन हरकत में आया। तत्काल एडीएम उमाकांत त्रिपाठी अमले के साथ विवादित स्थल पर जा पहुंचे। यहां उन्होंने मौका मुआयना कर अवैध निर्माण करा रहे ‘भूमाफिया’ को भी तलब किया। कब्जे व अवैध निर्माण के लिए फटकार लगाई। साथ ही मौके पर मौजूद पालिकाध्यक्ष बबिता जायसवाल व अधिशाषी अधिकारी से मैदान में स्थित जर्जर बताई जा रही इमारतों को तत्काल ताला लगाकर ‘टेकओवर’ करने के आदेश दिए। जिसे शहरकोतवाल भूपेंद्र सिंह की मौजूदगी में अमल में लाया गया। वहीं पालिकाध्यक्ष जायसवाल ने संपूर्ण परिसर को भूमाफियाओं के कब्जे से मुक्ति दिलाने तक संघर्ष का एलान कर दिया है।

एडीएम की मौजूदगी में पालिकाध्यक्ष को भूमाफिया ने धमकाया
मौका मुआयना करने रामलीला मैदान पहुंचे एडीएम त्रिपाठी व शहर कोतवाल भूपेंद्र सिंह की मौजूदगी में कथित विद्यालय प्रबंधक अनिल मिश्र ने पालिकाध्यक्ष व उनके पति को देख लेने की धमकी दी। यह भी कहा…’कमरों में लगवाया गया ताला ज्यादा दिन तक नहीं टिकेगा। में तोड़वा दूंगा। इसकी रिकॉर्डिंग सोशल मीडिया पर वायरल हो रही है।