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रिकवरी रेट ६२%, देश मे कोरोना से ठीक होनेवालों की बढ़ रही है संख्या

भारत में कोरोना मरीजों की रिकवरी रेट में तेजी से वृद्धि हो रही है। कल ९ जुलाई को यह बढ़कर ६२.०९ज्ञ् पर पुहंच गई है। देश में ४५ वर्ष से अधिक उम्र के लोगों पर कोविड-१९ का खतरा ज्यादा है। ४४ वर्ष की उम्र तक के सिर्फ १५ प्रतिशत लोग ही कोरोना वायरस से संक्रमित हुए हैं जबकि शेष ८५ प्रतिशत मरीज ४५ वर्ष और इससे ऊपर के हैं।

बता दें कि दुनिया में प्रति १० लाख की आबादी पर कोविड-१९ मरीजों का औसत १,४७९ है जबकि भारत में प्रति १० लाख की आबादी पर सिर्फ ५३८ कोविड मरीज हैं। इसी तरह, प्रति १० लाख की आबादी पर मृत्यु दर भी दुनिया में किसी भी देश के मुकाबले सबसे कम है। दुनिया में कोविड-१९ मरीजों की मृत्यु दर प्रति १० लाख आबादी में औसतन ६९.३ है जबकि भारत में यह महज १५ है। भारत में ऐक्टिव केस और रिकवर्ड केस के बीच का अंतर लगातार बढ़ता जा रहा है। ९ जुलाई तक देश में ४,७६,३७८ मरीज ठीक हो चुके हैं जबकि २,६९,७८९ मरीजों का इलाज चल रहा है। इस तरह, ठीक हुए मरीजों की तादाद इलाजरत मरीजों के मुकाबले १.७५ गुना है।

गृह मंत्रालय की प्रवक्ता पुण्य सलीला श्रीवास्तव ने कहा कि १ जुलाई, २०२० से अनलॉक २ की नई गाइडलाइंस लागू हो चुकी हैं। इनके तहत कंटेनमेंट जोन के बाहर और अधिक गतिविधियों को चरणबद्ध तरीके से शुरू करने की प्रक्रिया आगे बढ़ाई गई है, लेकिन ३१ जुलाई तक कंटेनमेंट जोन में लॉकडाउन का सख्ती से पालन होगा। अब लगभग सभी आर्थिक गतिविधियों की अनुमति दी गई है तो सभी नैशनल गाइडलाइंस का पालन करना और जरूरी हो गया है।