" /> पुराने पन्नों से… बदला, विवाहिता से किया था बलात्कार

पुराने पन्नों से… बदला, विवाहिता से किया था बलात्कार

यूपी में अपहरण, हत्या और बलात्कार की घटनाएं आम हो चुकी हैं। जमानत पर छूटने के बाद आरोपियों द्वारा पीड़ित परिवार को प्रताड़ित करना, मुकदमा वापस लेने के लिए दबाव बनाना या फिर हमला करने की घटनाएं अक्सर सामने आती रहती हैं। यूपी के मऊ जिले में ऐसी ही एक घटना वर्ष २०१५ के सितंबर महीने में घटी थी। उस घटना में मऊ जिले के दक्षिणटोला स्थित बाइजापुर गांव में बाइक सवार युवकों ने बलात्कार पीड़िता की गोली मारकर हत्या कर दी थी। अहम बात ये थी कि दो दिन बाद पीड़िता को बतौर गवाह अदालत में पेश होना था। १८ वर्षीय पीड़िता के साथ ६ जून, २०११ को एक कॉलेज प्रबंधक ने कथित रूप से बलात्कार किया था। गत वर्ष सुर्खियों में रहा भाजपा विधायक कुलदीप सिंह सेंगर का मामला भी लोगों की याद ही होगा लेकिन अब उसी यूपी में एक और मामला सामने आया है, जो कि दुष्कर्मियों व बलात्कारियों के लिए एक सबक हो सकता है। ताजा मामला फर्रुखाबाद जिले का है। आरोप है कि बदले की आग में जल रहे पीड़िता के पति ने पत्नी के बलात्कारी की गोली मारकर हत्या कर दी है। तथाकथित बलात्कार का आरोपी लगभग सवा साल जेल में रहने के बाद जमानत पर छूटा था।

आमतौर पर किसी मामले में गिरफ्तारी के बाद आरोपी का सबसे पहले पहला प्रयास होता है जमानत पर जेल से बाहर निकलना। ताकि वह सजा का पैâसला होने तक खुली हवा में चैन की जिंदगी जी सके और खुद को बेगुनाह साबित करने का प्रयास कर सके। लेकिन हत्या या बलात्कार जैसे मामलों में आरोपियों के लिए जमानत कई बार जानलेवा भी सिद्ध होती है। बदले की भावना में जल रहे पीड़ित खुद को रोक नहीं पाते हैं और इसका अंजाम अनहोनी के रूप में सामने आता है। करीब डेढ़ साल पहले यूपी के फर्रुखाबाद में हुई विवाहिता के साथ बलात्कार की एक घटना इन दिनों सुर्खियों में है। वजह है बदले की आग में जल रहे पीड़िता के पति द्वारा आरोपी की हत्या किया जाना।
शमशाबाद थाना क्षेत्र स्थित ग्राम रामापुरजसू निवासी सोमेंद्र राजपूत की बुधवार की रात गोली मारकर हत्या कर दी गई। २५ वर्षीय सोमेंद्र राजपूत रात में करीब ९.३० बजे अपने नलकूप पर सोने जा रहा था और जब वह नलकूप के सामने चकरोड से गुजर रहा था, उसी समय घात लगाये विरोधियों ने उसे गोली मार दी। सीने में गोली लगने से सोमेंद्र की मौके पर ही मौत हो गई। बताया जा रहा है कि डेढ़ साल पहले सोमेंद्र ने एक विवाहित महिला से बलात्कार किया था। उस मामले में पुलिस ने उसे गिरफ्तार किया था और वह करीब सवा साल जेल में रहा। लेकिन सवा साल बाद जमानत पर छूटना उसका काल बन गया। जिस महिला को सोमेंद्र ने हवस का शिकार बनाया था, उसका पति किसन (बदला हुआ नाम) बदले की आग में जल रहा था। वह सोमेंद्र से अपनी बेइज्जती का बदला लेना चाहता था। किसन मौके का इंतजार कर रहा था। बुधवार की रात किसन को उस समय मौका मिल गया, जब सोमेंद्र रात को खाना खाने के बाद अपने नलकूप पर सोने जा रहा था। सोमेंद्र जैसे ही गांव के बाहर पहुंचा था चकरोड पर पहले से किसन अपने एक रिश्तेदार के साथ घात लगा कर बैठा था। किसन और उसके रिश्तेदार ने सोमेंद्र को गोली मारकर मौत के घाट उतार दिया और दोनों मौके से फरार हो गए। ग्रामीणों से मिली जानकारी पर पहुंचे मृतक के परिजनों ने पुलिस को सूचना दी। मृतक के बड़े भाई धर्मेंद्र राजपूत ने भाई की हत्या के मामले में गांव के ही किसन व उसके एक रिश्तेदार के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज कराया है। पुलिस आरोपियों की तलाश कर रही है।
फिलहाल गांव में यही चर्चा है कि सोमेंद्र के कुकर्म ने किसन और उसके रिश्तेदार की जिंदगी बर्बाद कर दी। सोमेंद्र को तो उसके कुकर्मों की सजा किसन ने दे दी लेकिन बदले की आग में वह खुद कानून की नजरों में अपराधी बन गया।