" /> कंट्रोल में कोरोना! मुंबई में रिकवरी रेट ७० प्रतिशत

कंट्रोल में कोरोना! मुंबई में रिकवरी रेट ७० प्रतिशत

कोरोना वायरस को हराने के लिए मनपा द्वारा किए जा रहे प्रयासों की विश्वभर में चर्चा हो रही है। एक तरफ जहां विश्व स्वास्थ्य संगठन ने मनपा द्वारा धारावी में कोरोना को रोकने के लिए किए गए कार्यों को सराहा है, वहीं दूसरी तरफ मुंबई की डबलिंग रेट ५० दिन तक पहुंच गई है। इसी क्रम में मनपा द्वारा कोरोना को परास्त करने का एक और प्रमाण मिला है। मुंबई में कोरोना वायरस की रिकवरी रेट ७० प्रतिशत तक जा पहुंची है, इससे ये स्पष्ट अंदाजा लगाया जा सकता है कि मुंबई में कोरोना कंट्रोल में आ रहा है।

बता दें कि मुंबई में कोरोना वायरस को रोकने के लिए मनपा आयुक्त इकबाल सिंह चहल के निर्देशन में कई तरह से प्रयास किए जा रहे हैं, जिनमें कॉन्टैक्ट ट्रेस कर लोगों को क्वॉरंटीन करना, डोर टू डोर जाकर स्क्रीनिंग करना और मरीजों का इलाज करना शामिल है। मनपा के इन प्रयासों को अब सफलता मिलने लगी है। जिसके फलस्वरूप मुंबई में २२ जून को जहां रिकवरी रेट ५० प्रतिशत थी, वह १ जुलाई तक बढ़कर ५७ प्रतिशत हो गई और १२ जुलाई को यही रिकवरी रेट ७० प्रतिशत तक पहुंच गई है। इसके साथ ही कोरोना मरीजों की डबलिंग रेट में भी सुधार आया है। कोरोना मरीजों के दोगुने होने की कालावधि ५० दिन हो गई है।

प्रतिदिन २८०० जांच बढ़े
कोरोना की जांच तेजी से करने के लिए मनपा द्वारा प्रिस्क्रिप्शन की शर्त को रद्द कर करने से प्रतिदिन २,८०० जांच बढ़ गई है। इस वजह से मुंबई में प्रतिदिन ६ हजार ८०० जांच हो रहे हैं। परिणामस्वरूप मनपा के माध्यम से कोरोना की रोकथाम के लिए प्रभावी क्वॉरंटीन व इलाज किए जाने के कारण मरीजों के दोगुने होने की रफ्तार भी ५० दिन पर आ गई है। यह प्रमाण देश में सबसे अधिक है। यह जानकारी मनपा आयुक्त इकबाल सिंह चहल ने दी है।