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रु. ५०० करोड़ की  चीन को डेली चमाट!,

सिर्फ टिकटॉक से ही रोज `३५० करोड़ का फटका
बाकी के ५८ ऐप्स से भी चीन को आर्थिक झटका

भारत-चीन सीमा विवाद पर जारी तनाव के बीच भारत सरकार द्वारा ५९ चाइनीज ऐप्स को प्रतिबंधित किए जाने को लेकर चीन तिलमिला गया है। चीन को इन ऐप्स के बैन होने से रोजाना करीब `५०० करोड़ की चमाट लगेगी। इनमें अकेले उसके सबसे लोकप्रिय ऐप टिकटॉक का हिस्सा `३५० करोड़ का है। पिछले साल जब टिकटॉक पर बैन लगा था तो उसकी कंपनी ने खुद कोर्ट में यह बात स्वीकार की थी। हिंदुस्थान इस ऐप का सबसे बड़ा बाजार है।

गौरतलब है कि चीन के ५९ ऐप्स में सबसे लोकप्रिय ऐप टिकटॉक ही है। इसके बाद लाइकी, हेलो, यूसी ब्राउजर, शेयरइट आदि का नंबर आता है। बाजार के जानकार बताते हैं कि इन सारे ऐप्स की कमाई ५०० करोड़ रुपए से ज्यादा भी हो सकती है। हालांकि चीन में हुए कोरोना वायरस के आउटब्रेक के बाद भारत में चीन विरोधी माहौल जोर पकड़ गया है। कई देसी ऐप्स बाजार में आ गए हैं जो चाइनीज ऐप्स को कड़ी टक्कर दे रहे हैं। यही कारण है कि चीन तिलमिलाया हुआ है। चीन ऐप्स बैन की खबरों के बीच चीन के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा है कि इससे हम काफी चिंतित हैं और मामले की और जानकारी ले रहे हैं।

चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता झाओ लिजियन ने कहा कि हम इस बात पर जोर देना चाहते हैं कि चीनी सरकार हमेशा चीनी व्यवसायों को अंतरराष्ट्रीय और स्थानीय कानूनों का पालन करने के लिए कहती है। भारत सरकार के पास चीनी निवेशकों सहित अंतर्राष्ट्रीय निवेशकों के कानूनी अधिकारों को बनाए रखने की जिम्मेदारी है। गौरतलब है कि भारत सरकार ने सोमवार शाम को टिकटॉक, हेलो, वी-चैट समेत ५९ चाइनीज ऐप्स को बैन कर दिया था। सरकार ने कहा था कि ये ऐप देश की संप्रभुता, अखंडता और राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए हानिकारक हैं। आईटी मंत्रालय ने सोमवार को जारी एक आधिकारिक बयान में कहा कि उसे विभिन्न स्रोतों से कई शिकायतें मिली हैं, जिनमें एंड्रॉइड और आईओएस प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध कुछ मोबाइल ऐप के दुरुपयोग के बारे में कई रिपोर्ट शामिल हैं। इसके बाद टिकटॉक ने मंगलवार सुबह एक बयान जारी किया। टिकटॉक ने कहा कि उसने चीनी सरकार समेत किसी भी विदेशी सरकार के साथ यूजर्स का डाटा शेयर नहीं किया है और न ही भविष्य में वह ऐसा करेगी। टिकटॉक ने कहा कि हमें जवाब देने और स्पष्टीकरण प्रस्तुत करने के लिए संबंधित सरकारी हितधारकों के साथ मिलने के लिए आमंत्रित किया गया है। टिकटॉक भारतीय कानून के तहत सभी डाटा गोपनीयता और सुरक्षा आवश्यकताओं का पालन करता है।

चीन पर डिजिटल स्ट्राइक!, मचा हड़कंप लगेगा आर्थिक झटका
हिंदुस्थान के साथ सीमा विवाद भड़काने का खामियाजा चीन को भुगतना पड़ेगा। केंद्र सरकार ने चीन पर डिजिटल स्ट्राइक किया है। चीन को अब भारी-भरकम आर्थिक झटका भी लगेगा। मोबाइल ऐप इंडस्ट्री की बात करें तो हिंदुस्थान में ८० करोड़ से ज्यादा लोगों के पास स्मार्टफोन हैं। बीते साल दुनियाभर में सबसे ज्यादा ऐप हिंदुस्थान में इंस्टॉल किए गए थे।
आंकड़ों के मुताबिक शुरुआती तीन महीने में ही ४.५ अरब से ज्यादा ऐप डाउनलोड किए गए, जिनमें सबसे ज्यादा टिकटॉक था। अब केंद्र सरकार ने सोमवार को चीन के ५९ चर्चित ऐप पर प्रतिबंध लगाकर चीन के नापाक इरादों को जवाब देने के लिए वर्चुअल स्ट्राइक की है।
विशेषज्ञों के मुताबिक इस वर्चुअल स्ट्राइक के जरिए भारत चीन को ज्यादा प्रभावी और मजबूत जवाब दे सकता है। हिंदुस्थान में मुख्य रूप से चार तरह के चीनी ऐप का बाजार है। इनमें पहला- आर्थिक लेनदेन, दूसरा-खरीदारी, तीसरा- मजाकिया ऐप और चौथे चीनी दुष्प्रचार को बढ़ावा देने वाले ऐप हैं।
जानकारों का कहना है कि इनमें से कम से तीन तरीके के ऐप ऐसे हैं जिन्हें हिंदुस्थानी बाजार से कभी भी निकाला जा सकता है। इसका ज्यादा असर हिंदुस्थान पर नहीं पड़ेगा और यह चीनी सामानों के बहिष्कार से ज्यादा कारगर साबित होगा।
टिक टॉक की बात करें तो दुनियाभर में इसके दो अरब से ज्यादा यूजर हैं। इनमें सबसे ज्यादा करीब ३० फीसदी हिंदुस्थानी हैं। इसके बाद चीन और अमेरिका में इसके यूजर हैं। इस ऐप की कुल कमाई का १० फीसदी केवल हिंदुस्थान से होता है।
इस वजह से लगाया ५९ चीनी ऐप पर प्रतिबंध
केंद्र सरकार ने चीन के खिलाफ बड़ा फैसला लेते हुए सोमवार को टिकटॉक समेत ५९ चीनी ऐप को देश में प्रतिबंधित कर दिया है। इनमें टिकटॉक के अलावा यूसी ब्राउजर, वीवा वीडियो, शेयरइट, क्लब फैक्टरी, हेलो आदि शामिल हैं। सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय ने बयान जारी किया कि आईटी कानून की६९ए धारा के तहत सूचना प्रौद्योगिकी नियम २००९ के अंतर्गत मिले अधिकारों से इन ऐप पर प्रतिबंध लगाया गया है। इन ५९ ऐप के जरिए जनता के निजी डाटा में सेंध लगाई जा रही थी और निजता को खतरा था।
इन ऐप पर प्रतिबंध
टिकटॉक, शेयरइट, क्वाई, यूसी ब्राउजर, बायडू मैप, शीइन, क्लैश ऑफ किंग्स, डीयू बैटरी सेवर, हेलो, लाइकी, यूकैम मेकअप, एमआई कम्यूनिटी, सीएम ब्राउजर्स, वाइरस क्लीनर, एपस ब्राउजर, रॉमवी, क्लब फैक्टरी, न्यूजडॉग, ब्यूट्री प्लस, वीचैट, यूसी न्यूज, क्यूक्यू मेल, वीबो, जेंडर, क्यूक्यू म्यूजिक, क्यू क्यू न्यूजफीड, बिगो लाइव, सेल्फी सिटी, मेल मास्टर, पैरलल स्पेस, एमआई वीडियो कॉल जियाओमी, वी सिंक, एएस फाइल एक्सप्लोरर, वीवा वीडियो क्यूयू वीडियो इंक, माइटू, विको वीडियो, न्यू वीडियो स्टेटस, डीयू रिकॉर्डर, वॉल्ट हाइड, कैचे क्लीनर डीय एप स्टूडियो, डीयू क्लीनर, डीयू ब्राउजर, हेगो प्ले विद न्यू प्रâेंड्स, कैम स्कैनर, क्लीन मास्टर चीता मोबाइल, फोटो वंडर, क्यू क्यू प्लेयर, वी मीट, स्वीट सेल्फी, बायडू ट्रांसलेट, वीमेट, क्यूक्यू इंटरनेशनल, क्यू क्यू सिक्योरिटी सेंटर, क्यूक्यू लॉन्चर, यू वीडियो, वी फ्लाई स्टेटस वीडियो, मोबाइल लीजेंड्स और डीयू प्राइवेसी शामिल हैं।

शर्म आनी चाहिए
हिंदुस्थान के प्रसिद्ध संत भगवान बुद्ध ने तुम्हें शांति का संदेश देकर गंवार से इंसान बनाया। आज तुमने उनके संदेशों को भूलकर लोगों की जमीन पर अतिक्रमण करना शुरू कर दिया। तुम्हें शर्म आनी चाहिए। – शाम तुलवे

सैनिकों का मनोबल बढ़ाएं
हमारे देश की सभी राजनीतिक पार्टियों को चाहिए कि वे अपने सारे मतभेदों को भुलाकर देश की रक्षा कर रहे जवानों का मनोबल बढ़ाएं। जवान बॉर्डर पर अपना शौर्य दिखा रहे हैं। हम देश में विचारों की एकजुटता लाकर दिखाएं। – शंकर अन्ना

भारत से पंगा चीन को पड़ा मंहगा
भारत से पंगा लेना अब चीन को मंहगा पड़ रहा है। उसके सिपाहियों की गर्दन तो टूटी ही थी। अब देशवासी चीनी सामानों का विरोध कर उसकी आर्थिक रीढ़ तोड़ने की तैयारी मे जुट गए हैं। – रेणु मिश्रा

तुम बॉर्डर पर और हम देश में लड़ेंगे
हमारे सैनिक भाई आप देश की रक्षा के लिए बॉर्डर पर लड़ो। हम चीन में बने सामानों का बहिष्कार कर देश में लड़ेंगे। इस लड़ाई में अपनी जीत पक्की है।
– साजिद खान

चीन को आर्थिक झटका लगा
केंद्र सरकार ने चीन के ५९ ऐप पर रोक लगाकर अच्छा काम किया हैं। चीन को अब आर्थिक झटका लगेगा। चीन, हिंदुस्थान में घुसपैठ करने के बारे में सोच भी नहीं पाएगा। – अनंत पारीक

स्वदेशी सामानों का करो इस्तेमाल
हमें चीन के साथ व्यापार बंद कर देना चाहिए। चीनी सामानों का बायकॉट कर स्वदेशी सामानों का इस्तेमाल शुरू कर देना चाहिए। इससे हिंदुस्थान आर्थिक रूप से और भी विकसित होगा और चीन को आर्थिक नुकसान होगा।
– पूजा पुलिकल

चीनी वस्तुओं का बायकॉट हो
आज हिंदुस्थान के मार्केट में सजी अधिकांश वस्तुएं चायना में बनी हैं, इन्हें बेचकर चायना अच्छा-खासा पैसा कमा रहा है और हिंदुस्थान के कारोबारी घाटे में जी रहे हैं। हमें चीन में बनी वस्तुओं को बायकॉट करना चाहिए।
– नितीन पारीक

चीन अपनी औकात में रहे
चीन सोचता है कि वह भारतीय सरजमीन पर आसानी से कब्जा कर सकता है, लेकिन ये उसकी सबसे बड़ी भूल है। ये इंडियन आर्मी है, जो चीन को धूल चटा देगी। चीन का ख्वाब पल भर में चकनाचूर हो जाएगा – शिवांगी पाठक

आयात करो बंद
चीन से आयात बंद करना एक शानदार निर्णय होगा। भारत सरकार ने चीनी एप्लीकेशन बंद करके बेहतरीन काम किया है। ठीक इसी तरह उसे आयात भी पूरी तरह बंद कर देना चाहिए। चीन की हालत वैसे ही खराब है और आयात बंद होने के बाद चीन की अक्ल ठिकाने आ जाएगी।
– राजकुमार उपाध्याय

खुद का घर संभाले
चीन से खुद का घर नहीं संभल रहा है और वह दूसरों के घरों में झांकने की कोशिश कर रहा है। ठीक ही कहा है किसी ने कि जिनके घर शीशों के बने होते हैं वे दूसरों के घरों पर पत्थर नहीं फेंकते। चीन को भारतीय सेना सबक सिखा चुकी है। – अभिषेक यादव

सरकार का साथ दें
चीन से मिले धोखे के बाद अब भारत को संभल जाने की जरूरत है। कुछ देशों को छोड़कर चीन की किसी से नहीं पटती। इस कठिन समय में लोगों को भारत सरकार का साथ देना चाहिए और सेना का हौसला बढ़ाना चाहिए। – सतीश गुप्ता

सबक ले चीन
हिंदुस्थान द्वारा किए गए डिजिटल स्ट्राइक से चीन को सबक सीखना चाहिए। वरना आनेवाले दिनों में हिंदुस्थान और भी बड़े कदम उठाकर चीन को सदमा दे सकता है।
– एकनाथ बोरसे

चीन का ही होगा नुकसान
चीन ने सीमा पर हिंदुस्थानी आर्मी के साथ जो किया उसका मुंहतोड़ जवाब हिंदुस्थानी आर्मी ने उनके ५३ जवानों को मारकर ले लिया है। यदि आगे भी चीन इसी तरह विवाद करेगा तो उसका ही नुकसान होगा। – अमित साबले

आर्थिक मार खाएगा चीन
चीन ने कोरोना वायरस बनाकर पूरी दुनिया को खतरे में डाल दिया है। इतना करने के बाद हिंदुस्थान जैसे शांतिपूर्ण देश को चीन आंख दिखा रहा है। हिंदुस्थान चीनी सामानों का बायकॉट कर चीन को आर्थिक मार देगा तो चीन कहीं का नहीं रहेगा।
– समीक्षा नाईक