…तो शुरू हो जाऊंगी! -मधु

९० के दशक की सफल अभिनेत्रियों में से एक मधु, जिन्होंने बॉलीवुड में अजय देवगन के साथ ‘फूल और कांटे’ से डेब्यू किया था। उसके बाद ‘रोजा’ और ‘जेंटलमैन’ जैसी सफल फिल्में भी दी थीं। एक लंबे अंतराल के बाद फिर से मधु फिल्मकार मनोज शर्मा की फिल्म ‘खली बली’ से वापसी करेंगी। प्रस्तुत है मधु से सोमप्रकाश `शिवम’ की हुई बातचीत के प्रमुख अंश-
फिल्म `‘खली बली’ में अपने किरदार पर प्रकाश डालें?
ये एक हॉरर कामेडी फिल्म है, इसमें कुछ अजीबोगरीब हादसे होते रहते हैं। मैं इसमें एक
डॉक्टर की भूमिका में हूं, जो सिर्फ भूत भगाने का इलाज करती है।
काफी लंबे अंतराल के बाद बॉलीवुड में अपनी वापसी को किस तरह देखती हैं?
किसी भी चीज के पीछे ज्यादा वजह नहीं होती। जब होना होता है वह तभी होता है। मैंने राजश्री की फिल्म जब की थी तब भी मुझे यकीन नहीं था कि मैं फिर से वापसी करूंगी, जबकि उस समय मेरे बच्चे काफी छोटे थे लेकिन अब मेरे बच्चे बड़े होकर लंदन में पढ़ते हैं। अब मेरा काम पूरी तरह प्रोफेशनल हो चुका है और अबकी बार मैं ज्यादा काम करने की उम्मीद रखती हूं।
क्या यह वापसी आपके करियर में ९० के दशक जैसी ऊर्जा का संचार करने में सफल हो पाएगी?
मैं उम्मीद कर सकती हूं। साथ ही ईश्वर से करबद्ध प्रार्थना है कि वह एक बार फिर से मुझे उसी दौर में लौटा दे। मैं चाहती हूं कि मेरी पहले से भी बड़ी वापसी हो।
क्या आप वेब सीरीज की चमचमाती दुनिया में भी कदम रखना चाहेंगी?
अवश्य, मैं वेब सीरीज में काम करना चाह रही हूं लेकिन अभी तक कोई अच्छा कंटेंट हाथ नहीं लग पाया है। जिस दिन अच्छा कंटेंट मिलेगा मैं वहां भी शुरू हो जाऊंगी।
वेब सीरीज में दिन प्रतिदिन बढ़ती अश्लीलता के बीच क्या आप खुद को वहां पर स्थापित कर पाने में सफल हो पाएंगी?
नहीं बिल्कुल भी नहीं। मैं जब वेब सीरीज करूंगी तो कहानी मेरे मन मुताबिक होनी चाहिए। ऐसी-वैसी सीरीज में काम नहीं करना। आज जो दूसरे कलाकार करते हैं, बहुत अच्छी बात है लेकिन मैं इस तरह की प्रतिस्पर्धा से दूरी पसंद करूंगी।
उम्र के इस पड़ाव पर होने के बावजूद भी आपकी खूबसूरती का राज क्या है?
वैसे तो मैं आपके इस प्रश्न के जवाब में निरुत्तर हूं। फिर भी कहना चाहूंगी कि यह मेरे माता-पिता की जीन का असर है। साथ ही मेरे योगा और मेडिटेशन का चमत्कार।