" /> चल रहा है सीक्रेट ऑफिस!… दफ्तर-दुकान हैं बंद तो कहां जा रहे लाखों यात्री?

चल रहा है सीक्रेट ऑफिस!… दफ्तर-दुकान हैं बंद तो कहां जा रहे लाखों यात्री?

 कर्मचारियों के भीतर आने के बाद दरवाजा बंद
 कैमरे से तस्वीर देखने के बाद मिलती है एंट्री

कोरोना संक्रमण के मामले एक बार फिर तेजी से बढ़ रहे हैं। ऐसे में राज्य सरकार ने नई गाइडलाइन जारी कर निजी दफ्तर, दुकान, धार्मिक स्थल, छोटे-मोटे कारखाने, होटलों आदि को पूरी तरह से बंद रखा है। बावजूद इसके ट्रेन में रोजाना ३५ लाख रेल यात्री सफर कर रहे हैं, जबकि नई गाइडलाइन से पहले करीब ३७ लाख यात्री लोकल में सफर कर रहे थे। जिनमें १५ लाख यात्री पश्चिम रेलवे और २० लाख यात्रियों ने मंगलवार को मध्य रेलवे में सफर किया। ऐसे में सवाल यह उठ रहा है कि दफ्तर, दुकान आदि बंद होने के बावजूद लोकल में सफर कर रहे ३५ लाख यात्री आखिर जा कहां रहे हैं? ऐसे में कहा जा रहा है कि दक्षिण मुंबई में कई निजी दफ्तर सरकारी आदेश के बावजूद सीक्रेट रूप से चल रहे हैं।
दक्षिण मुंबई के एक दफ्तर में काम करनेवाले एक कर्मचारी ने गोपनीयता की शर्त पर बताया कि किस तरह से स्टाफ को बुलाकर दरवाजे बंद कर दिए जाते हैं। दरवाजे पर लगे वैâमरे से तस्वीर देखने के बाद लोगों को एंट्री दी जा रही है। ओपेरा हाउस स्थित कुछ इमारतों से लोगों ने इस संवाददाता से संपर्क किया तो शिकायतकर्ताओं का कहना है कि सरकारी आदेश के बाद जान जोखिम में डालकर यात्रा कर रहे हैं, ताकि ऐसी स्थिति में घर परिवार की जरूरत पूरी हो सके।

८ बजे से बढ़ने लगी लोकल में भीड़
रेलवे के अनुसार ट्रेनों में भीड़ पर प्रतिबंध लगाना मुश्किल है। दूसरी बात कई लोगों ने लंबे समय के लिए सीजन टिकट निकाले हैं तो वे लोग यात्रा कर रहे हैं। पश्चिम रेलवे के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि सरकार ने राज्य में नाइट कर्फ्यू का जो समय निर्धारित किया है, उसका प्रभाव दिखाई दे रहा है। अब ट्रेनों में रात ९ बजे के बजाय ८ बजे से ही भीड़ बढ़नी शुरू हो गई है।
ऐसे हो रहा है असर
१२ डिब्बों की एक लोकल में १,२०० यात्री आराम से यात्रा करते हैं। नई गाइडलाइन के मुताबिक कोई भी यात्री खड़े होकर यात्रा नहीं करेगा, लेकिन लोकल ट्रेनों में स्थिति अलग है। यहां अब सुबह की बजाय दोपहर १ बजे तक भीड़ दिखाई दे रही है, जबकि रात ९ बजे के बाद सबकुछ रामभरोसे चल रहा है।