" /> सुरक्षा का अश्वासन और सुरक्षित रखने की कवायद के बावजूद भाजपा नेताओं ने  छोड़ा पार्टी का साथ

सुरक्षा का अश्वासन और सुरक्षित रखने की कवायद के बावजूद भाजपा नेताओं ने  छोड़ा पार्टी का साथ

जान बचाने सुरक्षा का आश्वासन भी भाजपा के कश्मीर में रहने वाले नेताओं को आश्वस्त नहीं कर पा रहा है। यही नहीं उन्हें सुरक्षित स्थानों पर स्थानांतरित करने की कवायद भी बेकार जा रही है। यही कारण था कि 24 घंटों में भाजपा के करीब एक दर्जन नेताओं ने पार्टी का त्याग कर दिया तो पिछले 10 दिनों में भाजपा का साथ छोड़ने वालों की संख्या करीब 3 दर्जन हो चुकी है। सिर्फ भाजपा ही नहीं बल्कि अन्य राजनीतिक दलों के नेता भी आतंकी चेतावनियों के आगे झुकते हुए सोशल मीडिया पर इस्तीफों की झड़ी लगाए हुए हैं।

कश्मीर में राजनीतिक दलों के नेताओं पर आतंकी हमलों के बाद से इस्तीफों का दौर जारी है। उत्तरी और मध्य कश्मीर के बारामुल्ला और गांदरबल जिले से पिछले 24 घंटों के दौरान 12 और भाजपा नेताओं ने इस्तीफा दे दिया है।

जानकारी के अनुसार इस्तीफा देने वालों में गुलमर्ग निर्वाचन क्षेत्र से भाजपा के युवा मोर्चा के अध्यक्ष आबिद हुसैन और बारामुल्ला से आईटी और सोशल मीडिया प्रभारी हिलाल अहमद मीर शामिल हैं। इसके अलावा गांदरबल जिले से भी कुछ लोगों ने इस्तीफा दिया है।

पार्टी से अपना कोई भी संबंध न होने का दावा किया है। इनमें भाजपा के ओबीसी मोर्चा के जिला अध्यक्ष मुश्ताक अहमद खान, उपाध्यक्ष फिरोज अहमद मल्ला, सचिव मुद्दसिर अहमद नजार, मोहम्मद सादिक टिपलू शामिल हैं। वहीं इस बीच मिली जानकारी के अनुसार उत्तरी कश्मीर के कई जिलों से पंचायत सदस्यों, बीडीसी चेयरपर्सन, म्यूनिसिपल कमेटी के सदस्यों को पिछले दो दिनों से लगातार सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा रहा है।

एक अधिकारी ने जानकारी देते हुए बताया कि सभी लोगों को घरों पर सुरक्षा मुहैया करवाना संभव नहीं है, इसलिए फिलहाल इन लोगों को गुलमर्ग के कुछ होटलों में कड़ी सुरक्षा के बीच रखा जा रहा है। उन्होंने बताया कि वहां उनके लिए पूरी सुरक्षा मुहैया करवाई गई है।
इन इस्तीफों की चिंताजनक बात यह है कि भाजपा अपने नेताओं को सुरक्षित समझे जाने वाले होटलों में शिफ्ट कर रही है और कश्मीर रेंज के आईजी विजय कुमार सुरक्षा ग्रिड तैयार करने का आश्वासन भी दे रहे हैं। पर यह सब इन नेताओं को आश्वस्त नहीं कर पा रहा है।