" /> `… इसलिए खूबसूरत हूं!’-शिल्पा शेट्टी

`… इसलिए खूबसूरत हूं!’-शिल्पा शेट्टी

बॉलीवुड में अपने २५ वर्ष पूरे कर चुकीं शिल्पा शेट्टी ने अपने करियर की शुरुआत फिल्म ‘बाजीगर’ से की थी। पिछले ७-८ वर्षों से फिल्मों से दूर होने के बावजूद शिल्पा डांस रियलिटी शो ‘सुपर डांसर सीजन-३’ में जज की भूमिका निभाने के बाद दोबारा इन दिनों ‘सुपर डांसर सीजन-४’ में गीता कपूर और निर्देशक अनुराग बसु के साथ जज की भूमिका निभा रही हैं। ४५ बसंत पार कर चुकीं शिल्पा शेट्टी फिटनेस और डाइट पर भी किताब लिख चुकी हैं। पेश है, शिल्पा शेट्टी से पूजा सामंत की हुई बातचीत के प्रमुख अंश-

 आपके लिए  लॉकडाउन का दौर कैसा रहा?
लॉकडाउन के दिनों को याद करना मेरे लिए डरावना है। उस समय मैं ४-५ महीने घर पर थी। परिवार के साथ वक्त बिताया। बेचैनी, उदासी, घबराहट के मारे नींद उड़ गई थी। मैं उन दिनों को नहीं याद करना चाहती। अब एक वर्ष बाद महामारी ने फिर दोबारा उत्पात मचाया है। यह वैश्विक आपदा है।
 फिल्मों में डांस करने और बिना वैâमरे के परफॉर्म करने में कितना फर्क है?
बहुत फर्क है। फिल्मों में डांस करना एक प्रâेम में डांस करने जैसा होता है। अगर साथ में कोई को-स्टार है तो उसके स्टेप्स के साथ मेरा स्टेप मैच होना बेहद जरूरी है। फिल्म के लिए डांस करना एक मिला-जुला सार्थक प्रयास है लेकिन स्टेज पर किए डांस पर जो खुशी मिलती है उसे शब्दों में कहना मुश्किल है।
 ‘सुपर डांसर सीजन-४’ कितना अलग है पहले सीजन से?
बच्चों की नृत्य कुशलता को ‘सुपर डांसर’ हमेशा से उजागर करता आया है। वैसे तो बच्चों में दो तरह के टैलेंट नजर आते हैं। पहला वो, जिसमें बच्चे कुदरती डांसर्स होते हैं और दूसरे वो, जो कभी खुद तो कभी अपने पैरेंट्स की महत्वाकांक्षा पर डांस सीखते हैं और एक उम्दा डांसर बन जाते हैं। ‘सुपर डांसर’ इन दोनों तरह के बच्चों का प्लेटफॉर्म है। डांस का हुनर किसी भी बैकग्राउंड के बच्चे में होता है ये बात एक बार फिर ‘सीजन-४’ में देखने को मिल रहा है, जिसे मैं बेहद एन्जॉय कर रही हूं। बच्चों का बेशुमार डांसिंग टैलेंट देखकर मैं हैरान होने के साथ ही नि:शब्द हो जाती हूं।
 बच्चों को जज करना कितना चैलेंजिंग है?
इस शो में मेरा एक तकिया कलाम है, ‘सुपर से भी ऊपर’। आप यकीन मानिए कि हर दूसरे बच्चे का टैलेंट वाकई मेरे लिए ‘सुपर से ऊपर’ वाला होता है। इन्हें जज करना वाकई आसान नहीं होता। इन डांसर्स बच्चों में इतनी फ्लेक्सिबिलिटी कहां से और वैâसे आती है? किस बच्चे को फुल मार्क्स दें और किसे नहीं, यह तय करना बहुत ही मुश्किल टास्क है।
 जो बच्चे अगले राउंड का हिस्सा नहीं बन पाते, आप उनसे क्या कहती हैं?
जो बच्चे इस शो में हिस्सा लेते हैं और ऑडिशन में पास हो जाते हैं, वो सभी बच्चे विनर हैं। जाहिर-सी बात है कि ये बच्चे बहुत अच्छे डांसर होते हैं। फिर भी किसी कारणवश अगर बच्चा अगले राउंड के लिए सिलेक्ट नहीं हो पाता है तो मेरा, गीता (कपूर) और अनुराग का यही कहना होता है कि आप टैलेंटेड हैं और अपने हुनर को आप हमेशा जारी रखना।
 इस शो के लिए क्या आप खुद अपनी स्टाइलिंग करती हैं?
अच्छा व्यक्तित्व मुझे अपने पैरेंट्स से मिला है। मेरी तरह मेरी छोटी बहन शमिता शेट्टी भी गुड लुकिंग और अच्छी डांसर है। इंडस्ट्री में काम करते हुए इतने साल हो चुके हैं। पैâशन, स्टाइलिंग, एक्सेसरीज का नॉलेज हो जाना बहुत नॉर्मल बात है। मैं ऑन स्क्रीन अगर खूबसूरत लगती हूं तो इसके पीछे मेरा खुशमिजाज और पॉजिटिव होना बहुत मायने रखता है।
 फिल्मों में अपने कमबैक पर आप क्या कहना चाहेंगी?
ये ऊपरवाले की दुआ है कि कमर्शियल सिनेमा में एक्टिव न होते हुए भी मैं रिलेवेंट रही। बॉलीवुड के मेरे जो भी दोस्त-हितैषी-मेकर्स हैं, उन्होंने मुझे ‘हंगामा-२’ और ‘निकम्मा’ ऑफर की। इन दोनों ही फिल्मों की स्क्रिप्ट्स मुझे पसंद आई। अपनी नई पारी के लिए मैं बहुत उत्सुक हूं। उम्मीद है कि मुझे इस नए रूप, रंग और किरदार में दर्शकों का उतना ही प्यार मिलेगा, जितना पहले मिला था।