मुबंई की बढ़ेगी रफ्तार! २०२२ में पूरी होगी शिवड़ी-न्हावाशेवा परियोजना

सरकार ने हाल ही में कई ऐसी परियोजनाओं की शुरुआत की है, जो आनेवाले कुछ सालों में मुंबई की रफ्तार बदलकर रख देंगी। देश की आर्थिक राजधानी मुंबई की रफ्तार बढ़ाने के लिए कई ऐसी परियोजनाएं शुरू की गई हैं, जो आनेवाले समय में मुंबई शहर के लिए मील का पत्थर साबित होंगी। बांद्रा-वर्सोवा सी लिंक, ठाणे-खाड़ी पुल-३, मुंबई-पुणे महामार्ग के अलावा शिवड़ी-न्हावाशेवा ट्रांस हार्बर लिंक परियोजना साल २०२२ तक पूरी होगी, जो मुंबई की तस्वीर बदलकर रख देगी।
मुंबई को नई मुंबई से जोड़नेवाली शिवडी-न्हावाशेवा ट्रांस हार्बर लिंक परियोजना को तैयार करने के लिए सरकार ने २०२२ की डेडलाइन तय की है। इस परियोजना की शुरुआत २०१८ में हुई थी। २२ किमी लंबे इस सागरी लिंक मार्ग के लिए १७,८४३ करोड़ रुपए खर्च का अनुमान है। इस परियोजना के पूरा होने के बाद मुंबई से नई मुंबई की दूरी घटकर आधा हो जाएगी।
बांद्रा-वर्सोवा सी लिंक
बांद्रा-वर्सोवा सी लिंक के कामों को भी गति मिल गई है। सी लिंक बनने के बाद २३ किमी का सफर तय करने के लिए जहां २ घंटे लगते हैं, वहीं सी लिंक के बन जाने के बाद ये सफर महज १५ मिनट में संभव होगा। इस परियोजना को पूरा करने का लक्ष्य सरकार ने २०२३ रखा है जबकि इसके निर्माण की अनुमानित लागत ११ हजार ३३२ करोड़ रुपए है।
ठाणे खाड़ी पुल-३
पनवेल महामार्ग को जोड़नेवाले ठाणे खाड़ी पर बननेवाले तीसरे पुल के काम को मंजूरी मिल गई है। इस परियोजना के लिए ७७५ करोड़ ५८ लाख रुपए का प्रावधान किया गया है। इस परियोजना को पीपीपी मॉडल से तैयार किया जाएगा।
मुंबई-पुणे महामार्ग
पुणे द्रुतगति महामार्ग को २००२ में खोला गया था। अब इसे और बेहतर बनाने के साथ दूरी कम करने का काम किया जा रहा है। मुंबई और पुणे को जोड़नेवाले इस महामार्ग के लिए ६ हजार ६९५ करोड़ रुपए का प्रावधान है।