" /> देवी ही है स्त्री! श्रुति हसन

देवी ही है स्त्री! श्रुति हसन

अपने देश के नामचीन एक्टरों में से एक हैं अभिनेता, निर्माता-निर्देशक-लेखक-डांसर कमल हसन। कमल हसन और अभिनेत्री सारिका की दोनों बेटियां श्रुति और अक्षरा हसन खूबसूरती में अपनी मां सारिका से दस कदम आगे हैं। श्रुति हसन ने अभिनय की बजाय म्यूजिक में अपना नाम रोशन किया। इन दिनों श्रुति शॉर्ट फिल्म ‘देवी’, जिसे यू ट्यूब, फिल्म फेस्टिवल और सोशल मीडिया पर टेलिकास्ट किया जाएगा, को लेकर चर्चा में हैं। पेश है श्रुति हसन से पूजा सामंत की हुई बातचीत के प्रमुख अंश-
शॉर्ट फिल्म ‘देवी’ से जुड़ना कैसे संभव हुआ?
लेकिन प्रियंका बनर्जी और उनकी टीम ने जब इस फिल्म के लिए मुझे एप्रोच किया तो मैं महिलाओं से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दे को भला कैसे नजरअंदाज कर सकती हूं। महिलाओं के ओवरऑल विकास की जितनी उम्मीद थी, उतना नहीं हो पाया है और उसी सच्चाई को हमने इस शॉर्ट फिल्म ‘देवी’ में उजागर किया है।
आपके अनुसार ‘देवी’ कौन है?
मेरे लिए समाज की हर वो औरत देवी है, जिसने प्रवाह के विरुद्ध जाकर अपनी जगह बनाई, अपने परिवार के हित में काम किया और खुद भी प्रगति की। अफसोस ये कि हमारी भारतीय मानसिकता ये है कि हम मां लक्ष्मी, सरस्वती, दुर्गा आदि देवियों की प्रतिमाओं को पूजते और उन्हें फूल चढ़ाते हैं, लेकिन घर की बहू-बेटियों की इज्जत नहीं करते। प्रतिमाओं की देवी पूजनीय है पर जीती-जागती स्री की कोई कीमत नहीं, ये सामाजिक विडंबना है। आज जिंदगी, परिवार, घर, बच्चे, नौकरी को जो स्त्री मैनेज कर लेती है वो वाकई देवी के समान है। दुनिया की जननी स्त्री देवी ही है।
आपको स्ट्रैंथ किससे मिलती है?
मुझे मेरी मां सारिका और छोटी बहन अक्षरा से हमेशा इनर स्ट्रैंथ मिली है। मेरी मां मानसिक रूप से बहुत सशक्त हैं। बाल कलाकार के रूप में अपने करियर की शुरुआत करनेवाली मम्मी ने अपने दम पर काम किया। मुझे मम्मी की उपलब्धियों पर गर्व है।
म्यूजिक कंपोजर और सिंगर बनने की चाह में कहीं आपने अभिनय को नजरअंदाज तो नहीं किया?
मेरे नाम के साथ ‘हसन’ सरनेम लगने की वजह से बॉलीवुड के दरवाजे मेरे लिए आसानी से खुल गए। लेकिन मेरा ध्यान म्यूजिक कंपोजिंग और सिंगर पर भी था। अगर मैंने पापा से कहा होता कि मुझे अभिनय करना है तो वे मुझे लॉन्च भी करते। मैंने ६ साल की उम्र में साउथ की फिल्म ‘थेवर मगन’ में और उसके बाद ‘चाची ४२०’ में प्लेबैक दिया था। आगे चलकर मुझे मॉडलिंग और अभिनय के ऑफर मिलने लगे और मैंने अभिनय के साथ म्यूजिक को भी आजमाना चाहा।
आपकी फिल्म ‘लक’ सफल नहीं हुई?
मैं कमल हसन-सारिका की बेटी हूं इससे लोगों की मुझसे बहुत उम्मीदें बंध जाती हैं। लेकिन फिल्मों की सफलता और असफलता के लिए फिल्म के कलाकार पूरी तरह से जिम्मेदार नहीं होते। हिंदी में अगर मेरी फिल्म फ्लॉप हुई है तो उधर साउथ में हिट फिल्में भी मैं दे रही हूं।
म्यूजिक में क्या कर रही हैं आप?
यूके-इंडिया कोलैबरेशन में मेरा नया म्यूजिक अल्बम आ रहा है। इसकी तैयारी करने में मुझे यूके के बहुत चक्कर लगाने पड़े और मैं फिल्मों पर ध्यान नहीं दे पाई। इस इंग्लिश अल्बम के बाद हिंदी सोलो अल्बम को कंपोज कर गानेवाली हूं।
आपने ‘बनयन’ (बरगद) इस संस्था की स्थापना की है, क्या करती हैं इस संस्था में आप?
मैं ‘बनयन’ संस्था की ब्रांड अंबेसेडर हूं। ये संस्था गरीब, असहाय और मतिमंद महिलाओं के पुनर्विकास के लिए काम करती है। महिलाओं को पुरुषों से ज्यादा डिप्रेशन की समस्याएं घेर लेती हैं और मानसिक समस्याओं के कारण कई बीमारियां उन्हें घेर लेती हैं। मैं उनके लिए काम करती हूं।
जन्म तारीख – २८ जनवरी
जन्म स्थान – चेन्नई
कद – ५ फुट ७ इंच
वजन – ५४ किलोग्राम
प्रिय रंग – ग्रे, रेड, ब्लैक
पसंदीदा परिधान – फॉर्मल्स
मनपसंद खाना – सांबर राईस, मेंदू वड़ा, रसम
डेजर्ट – पुडिंग, जलेबी
प्रिय कलाकार – कमल हसन, सारिका, रजनीकांत, शाहरुख खान
मनपसंद निर्देशक – कमल हसन, रॉबर्ट डी’नीरो
मनपसंद पर्यटन स्थल – हवाई, मियामी आइलैंड्स