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‘लगता है जैसे कुछ मिस हुआ है!’-श्रुति हासन

कमल हासन और सारिका की खूबसूरत बेटी श्रुति हासन हिंदी की बजाय साउथ की फिल्मों में ज्यादा व्यस्त नजर आ रही हैं। हालांकि, पिछले कुछ समय से हिंदी और साउथ फिल्मों की दूरियां काफी हद तक कम हो गई हैं। साउथ के अधिकांश कलाकार हिंदी फिल्में करना चाहते हैं, वहीं श्रुति साउथ की फिल्मों में अपना वक्त दे रही हैं। श्रुति की फिल्म ‘पावर’ की शूटिंग जल्द ही महेश मांजरेकर के निर्देशन में शुरू होनेवाली है। पेश है श्रुति हासन से पूजा सामंत की हुई बातचीत के प्रमुख अंश-

इन दिनों आप कहां हैं, मुंबई में या चेन्नई में?
मैं एक लंबे अर्से से मुंबई में ही हूं। मैं मीडिया से ये बता-बताकर थक गई कि मैं पिछले कई वर्षों से मुंबई में रहती हूं। इसके बावजूद भी न जाने क्यों सभी को लगता है कि मैं पापा (कमल हासन) के साथ चेन्नई में रहती हूं।

क्या आप मुंबई में अपनी मां सारिका के साथ रहती हैं?
मैं मुंबई में रहती हूं। मेरी मां सारिका पहले से आर्थिक रूप से इंडिपेंडेंट हैं। पापा से अलग होने के बाद मम्मी मुंबई आर्इं और अकेले रहती हैं। मम्मी, मैं और अक्षरा एक-दूसरे के टच में हैं। महानगर में एक युवा लड़की का अकेले रहना, घर मैनेज करना, खुद कमाना ये सभी भावनाएं आत्मसंतोष देती हैं। मुझमें स्वावलंबन और आत्मनिर्भर होने का जज्बा मां के कारण पैदा हुआ।

लॉकडाउन का दौर आपके लिए कैसा रहा?
सच कहूं तो मेरा लॉकडाउन प्रोडक्टिव रहा। घर में बंद होने के बावजूद मैंने अपने परिवार के अलावा दोस्तों से खूब गपशप की। खुद को री-डिस्कवर किया और अपना ढेर सारा वक्त अपने पसंदीदा म्यूजिक को दिया। म्यूजिक मेरा पहला प्यार है।

हिंदी फिल्मों की बजाय साउथ की फिल्मों पर फोकस करने की वजह?
मैंने हिंदी में अच्छी-खासी फिल्में, बेहतरीन स्टार्स और को स्टार्स के साथ काम किया है। मेरे परफॉर्मेंस की भूरि-भूरि प्रशंसा भी हुई। परंतु मुझे ऐसे किरदार नहीं मिले जो यादगार हों। मैं दिग्गज कमल हासन की बेटी हूं, जो भी फिल्म या किरदार उचित लगा मैंने किया। लेकिन जब मैं अपने किरदारों का मूल्यांकन करती हूं तो लगता है जैसे कुछ मिस हुआ है।

क्या साउथ की फिल्में आपके लिए बेहतर विकल्प हैं?’
मेरी राय में साउथ की फिल्मों में मुझे अर्थपूर्ण भूमिकाएं सौंपी गई हैं, जिन्हें निभाकर मेरा मन संतुष्ट हुआ। मैं हिंदी फिल्में करूंगी लेकिन सिलेक्टिव।

क्या फिल्मों के सिलेक्शन में आप अपने माता-पिता से उनकी राय या मार्गदर्शन नहीं लेतीं?
अगर मेरे पास ५ फिल्मों की ऑफर्स आती है तो एक महीने उन सभी पर डिस्कशन पापा या मम्मी से करना आसान नहीं है। दोनों अपने काम में व्यस्त रहते हैं। हालांकि, मेरे पूछने पर उनकी राय जरूर मिलेगी।

क्या महेश मांजरेकर की फिल्म ‘पावर’ में आपकी भूमिका सशक्त है?
मेरी सोच के अनुसार मुझे ये भूमिका सशक्त लगी। विद्युत जमवाल मेरे साथ हैं तो जाहिर-सी बात है, ये एक्शन फिल्म होगी। यह कहानी गैंगस्टर ड्रामा है। महेश मांजरेकर का निर्देशन मुझे अच्छा लगता है। मैंने इस फिल्म में खुद एक्शन सीक्वेंस किए हैं। मुझे हमेशा लगता है कि क्यों साउथ या हिंदी की फिल्मों की लीड एक्ट्रेसेस को उनकी उम्र के ३०-३५ वर्ष तक ही नायिका के किरदार मिलते हैं? उन्हें मेन लीड में ताउम्र क्यों नहीं स्वीकारते?

क्या अपने पिता के निर्देशन में आप कोई साउथ की फिल्म कर रही हैं?
मैंने अपने डैड के साथ उनके प्रोडक्शन हाउस में म्यूजिक डायरेक्शन की शुरुआत की थी। मुझे उन्होंने ही ब्रेक दिया था। उनके साथ काम करते हुए बड़ा मजा आता है।

आपकी क्या महत्वकांक्षा है?
मैं चाहती हूं मुझे कोई लेडी म्यूजिक डायरेक्टर का किरदार मिले। लेकिन फिल्म ऐसी फिल्म न हो जिसमें मुझे म्यूजिक रूम में हाथों में गिटार लिए गाते दिखाया जाए। फिल्म में ऐसी संगीत प्रधान कहानी भी हो जो अंतरात्मा को छू जाए। एक महिला संगीतकार की म्यूजिक जर्नी हो। मुझे इंतजार रहेगा ऐसी फिल्म और कहानी का।