" /> सिंधुदुर्ग को मिलेगा मेडिकल कॉलेज व आधुनिक अस्पताल!

सिंधुदुर्ग को मिलेगा मेडिकल कॉलेज व आधुनिक अस्पताल!

मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे का आश्वासन
आरटीपीसीआर लैब का ऑनलाइन उद्घाटन

सिंधुदुर्ग के मॉलिक्युलर व आरटीपीसीआर कोविड लैब से सिंधुदुर्ग जिले की स्वास्थ्य सुविधा में बढ़ोतरी हुई है। कोरोना की जांच के साथ साथ माकड़ (बंदर) बुखार की जांच व अन्य बीमारियों की जांच जिले में होगी। इसलिए पूरे जिलावासियों को इसका लाभ मिलेगा। सिंधुदुर्ग जिले में सरकारी मेडिकल कॉलेज व आधुनिक अस्पताल की मांग को अवश्य पूरा करेंगे। ऐसा आश्वासन मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने दिया।

कल सिंधुदुर्ग जिला अस्पताल में स्थापित आधुनिक ​​आरटीपीसीआर लैब का ऑनलाइन उद्घाटन मुख्यमंत्री के हाथों किया गया। इस लैब की लागत ३ करोड़ २१ लाख ८३ हजार रुपए है। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि प्राकृतिक सौंदर्य से सुशोभित कोंकण से मुझे हमेशा प्यार रहा है। सरकार कोंकण के समग्र विकास के लिए मजबूती के साथ खड़ी रहेगी। यह कहते हुए मुख्यमंत्री ने जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग द्वारा बहुत कम समय में इन प्रयोगशालाओं को स्थापित करने के लिए अभिनंदन किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि जिला प्रशासन और जनप्रतिनिधियों के लिए सिंधुदुर्ग में एक प्रयोगशाला स्थापित करना बहुत जरूरी था। मुख्यमंत्री ने कहा कि महाराष्ट्र प्राण है, तो कोंकण हमारे लिए रीढ़ है। यही वजह है कि कोंकण हमेशा सरकार की रीढ़ रहा है। मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने आगे कहा कि पहली मॉलिक्युलर प्रयोगशाला २००७ में मुंबई के कस्तूरबा अस्पताल में शुरू की गई थी। उसके बाद पुणे में एक और प्रयोगशाला स्थापित की गई। उस समय राज्य में केवल दो प्रयोगशालाएं चल रही थीं। आज मैं एक बात से संतुष्ट हूं कि राज्य में लगभग सौ प्रयोगशालाएं शुरू की गई हैं। इस तरह की प्रयोगशाला हर जिले, हर शहर, हर तालुका में होनी चाहिए।

राज्य में स्वास्थ्य सुविधाओं को बढ़ाना है
महाराष्ट्र में हर जगह स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध होनी ही चाहिए। कोरोना परीक्षण सुविधा सिंधुदुर्ग में उपलब्ध कराई गई है, यह बड़ा काम हुआ है। कोरोना के परिवर्तन के बारे में पता होना चाहिए और उससे हमेशा सचेत रहना होगा। कोंकण को ​​सुंदर और प्रदूषण मुक्त रखने के लिए जो करना है, वह सब करो। राज्य सरकार कोंकणवासियों के साथ खड़ी रहेगी, ऐसा मुख्यमंत्री ने कहा। इस अवसर पर पालक मंत्री उदय सामंत, स्वास्थ्य मंत्री राजेश टोपे, सांसद विनायक राऊत आदि ने अपने विचार व्यक्त किए।