टूटी उम्मीद

सिंगापुर ओपन में हिंदुस्थानी उम्मीदों को एक बार फिर झटका लगा है। शुक्रवार को क्वार्टर फाइनल के सिंगल्स मुकबालों में सायना नेहवाल, किदांबी श्रीकांत और समीर वर्मा तथा मिक्स्ड डबल्स में प्रणव जेरी चोपड़ा और एन सिक्की रेड्डी की हार के बाद देश को एकमात्र पदक की उम्मीद रियो ओलंपिक की रजत पदक विजेता हिंदुस्थानी शटलर पीवी सिंधु से ही थी लेकिन कल सिंगापुर ओपन के सेमीफाइनल में सिंधु भी हार गर्इं और देश की आखिरी उम्मीद भी टूट गर्इं। विश्व की नंबर-३ जापान की नोजोमी ओकुहारा ने उन्हें २१-७, २१-११ से हराया। सिंधु के हारने के साथ ही टूर्नामेंट में हिंदुस्थानी चुनौती खत्म हो गई। इस नतीजे के साथ ओकुहारा ने सिंधु के खिलाफ अपनी जीत-हार का हिसाब ७-७ से बराबर कर लिया। इस साल यह चौथी बार है, जब सिंधु किसी टूर्नामेंट के खिताबी मुकाबले में जगह बनाने में असफल रही हैं। २२ से २७ जनवरी तक चले इंडोनेशिया मास्टर्स में वे क्वार्टर फाइनल में स्पेन की कैरोलिना मारिन से ११-२१, १२-२१ से हार गर्इं थीं। ६ से १० मार्च तक चले ऑल इंग्लैंड ओपन बैडमिंटन चैम्पियशिप में वे पहले दौर में ही बाहर हो गर्इं थीं। तब उन्हें कोरिया की सुंग जी ह्यून के खिलाफ १६-२१, २२-२०, १८-२१ से हार का सामना करना पड़ा था। नई दिल्ली में २६ से ३१ मार्च तक चले इंडिया ओपन में उनका सफर सेमीफाइनल में खत्म हो गया था। उन्हें चीन की ही बिंगजियाओ ने २३-२१, २१-१८ से हराया था। इस महीने मलेशिया ओपन में भी वे दूसरे दौर तक पहुंचने में ही सफल रहीं। उन्हें प्री क्वार्टर फाइनल में वर्ल्ड नंबर-१० सुंग जी ह्यून के खिलाफ १८-२१, ७-२१ हार का सामना करना पड़ा था।