" /> स्मार्ट हेल्मेट, स्मार्ट स्क्रीनिंग १ मिनट में २०० लोगों की जांच

स्मार्ट हेल्मेट, स्मार्ट स्क्रीनिंग १ मिनट में २०० लोगों की जांच

कोरोना की रोकथाम के लिए निरीक्षण, जांच का प्रमाण बढ़ाने के लिए मनपा अब स्मार्ट हेल्मेट की सहायता से थर्मल स्क्रीनिंग कर रही है। दहिसर में शुरू इस उपक्रम में ६ हजार ५०० लोगों की जांच की गई। इसमें बुखारवालों को तुरंत अलग कर आवश्यक सावधानी बरती जा रही है।
कोरोना के लक्षणों में बुखार का आना ये महत्वपूर्ण संकेत है इसलिए बुखार की पहचान के लिए स्क्रीनिंग मशीन का उपयोग किया जा रहा है। हालांकि इस मशीन से एक बार में सिर्फ एक ही व्यक्ति की जांच हो पाती है। इसलिए यह संख्या बढ़ाने के लिए अब स्मार्ट हेल्मेट का उपयोग किया जा रहा है। इससे एक समय में दो कतार में २०० लोग खड़े किए गए तब भी स्मार्ट हेल्मेट पहने हुए स्वास्थ्य कर्मचारी द्वारा एक मिनट में २०० लोगों का तापमान चेक किया जा सकता है। हेल्मेट के दायीं और बायीं तरफ थर्मल स्क्रीनिंग मशीन होने की वजह से बुखारवाले व्यक्ति की तुरंत पहचान होती है और उसे अलग कर दिया जाता है, ऐसी जानकारी जोन-७ के उपायुक्त विश्वास शंकरवार ने दी। इस अवसर पर विधि समिति की अध्यक्षा शीतल म्हात्रे, ‘आर उत्तर’ की सहायक आयुक्त संध्या नांदेडकर भी उपस्थित रहीं। भारतीय जैन संगठन द्वारा उपलब्ध कराए गए इस हेल्मेट की सहायता से मनपा यह जांच कर रही है। फिलहाल इस स्मार्ट हेल्मेट की सहायता से घर-घर जाकर, फल विक्रेताओं, दुकानदारों आदि की बड़ी संख्या में जांच की जा रही है।
सुरक्षित तरीका, तेजी से जांच
स्मार्ट हेल्मेट स्क्रीनिंग के कारण जांच करनेवाले स्वास्थ्य कर्मचारी व परीक्षण किए जा रहे व्यक्ति के बीच करीब ४ से ५ फुट की दूरी होती है, इससे सोशल डिस्टेंसिंग का पालन होता है। इस वजह से स्क्रीनिंग का यह सुरक्षित तरीका होने के साथ ही इससे तेजी से जांच किए जाने की बात विधि समिति की अध्यक्षा शीतल म्हात्रे ने बताई। झोपड़पट्टियों के साथ ही फिलहाल कोरोना से ज्यादा प्रमाण में संक्रमित बड़ी सोसायटियों में भी यह तरीका अपनाए जाने की आवश्यकता है, ऐसा भी उन्होंने कहा।

डबलिंग रेट हुई ५९ दिन
मुंबई में कोरोना को कंट्रोल करने में मनपा हरसंभव प्रयास कर रही है। मनपा के इन प्रयासों का असर भी अब दिखाई देने लगा है। इसी क्रम में एक बार फिर मुंबई की डबलिंग रेट में सुधार आया और इसकी अवधि बढ़कर अब ५९ दिन हो गई है। इसी के साथ वृद्धि दर में भी कमी आई है और अब यह घटकर १.१८ प्रतिशत हो गई है, जिससे यह साफ- साफ दिखाई दे रहा है कि मुंबई में कोरोना वायरस अब नहीं टिक पाएगा।