" /> २ रुपए में जंगल का सौदा?, सूरमा भोपाली का अंदाज उन्हें अनोखा बना गया

२ रुपए में जंगल का सौदा?, सूरमा भोपाली का अंदाज उन्हें अनोखा बना गया

यह साल हिंदी सिनेमा के लिए अच्छा नहीं है। एक के बाद एक हस्तियां हमसे बिछड़ती जा रही हैं। इरफान खान, ऋषि कपूर, वाजिद, सुशांत सिंह राजपूत, सरोज खान….और अब जगदीप का जाना। जी हां, २०२० ने एक और दिग्गज हस्ती को हमसे छीन लिया है। सूरमा भोपाली के नाम से मशहूर एक्टर जगदीप ने परसों शाम इस दुनिया को अलविदा कह दिया। कोरोना काल में लगी पाबंदी के कारण चंद लोगों की उपस्थिति में कल जगदीप को सुपुर्द- ए-खाक किया गया। जगदीप ने अपने लगभग ६० साल के करियर में कलाकारों की कई पीढ़ियों के साथ काम किया। उनकी सबसे चर्चित फिल्म शोले थी जिसमें सूरमा भोपाली के किरदार ने उन्हें एक अलग ही पहचान दी। ‘तो २ रुपए में क्या सारा जंगल खरीदोगे?’ शोले का उनका यह संवाद लोग भूले नहीं हैं। यह सूरमा भोपाली के किरदार का ही असर था कि बाद में जगदीप ने इसी नाम से एक फिल्म भी बनाई थी। हालांकि बॉक्स ऑफिस पर उस फिल्म का प्रदर्शन कुछ खास नहीं रहा था। जगदीप के निधन से बॉलीवुड में शोक की लहर है। अमिताभ बच्चन के साथ भी उन्होंने हिंदी सिनेमा की कुछ शानदार फिल्मों में स्क्रीन स्पेस शेयर किया। बिग बी ने अपने ब्लॉग में जगदीप को याद करते हुए उन्हें श्रद्धांजलि दी।
अमिताभ ने लिखा, ‘बीती रात हमने एक और नगीना खो दिया। जगदीप… कॉमेडी में अद्भुत काबिलियत रखने वाले, गुजर गए। अदाकारी का उनका विलक्षण अंदाज था। मुझे कई फिल्मों में उनके साथ काम करने का सम्मान हासिल हुआ।’ दर्शकों की नजरों में जो प्रमुख हैं, उनमें शोले और शहंशाह शामिल हैं। अमिताभ आगे लिखते हैं कि ‘वो एक विनम्र शख्सियत थे, जिन्हें लाखों लोगों का प्यार मिला। मेरी दुआएं और प्रार्थनाएं उनके लिए।’
जगदीप का असली नाम सैयद इश्तियाक जाफरी था। अमिताभ इस बारे में लिखते हैं, ‘जगदीप, स्क्रीन नाम अपनाना बेहद गरिमाशाली बात थी, जो इस देश की विभिन्नता में एकता की भावना को जाहिर करता है। उस दौर में कई लोगों ने ऐसा किया था… विशेष शख्सियत दिलीप कुमार, मधुबाला, मीना कुमारी, जयंत (अमजद खान के पिता) और भी बहुत सारे…अमिताभ बच्चन ने १९८८ में आई जगदीप की डायरेक्टोरियल फिल्म सूरमा भोपामी में गेस्ट अपीयरेंस भी किया था।
फिल्म शोले में जगदीप के साथ काम कर चुके एक्टर धर्मेंद्र भी उनके निधन पर भावुक हो गए। धर्मेंद्र ने उनके निधन को सदमा बताया और लिखा कि तुम भी चले गए। उनके इस ट्वीट पर यूजर्स ने खूब रिएक्शन भी दिए। उनके जनाजे में उनके परिवार सहित कुछ करीबी लोग ही शामिल हो सके। फिल्म इंडस्ट्री से कॉमेडियन जॉनी लीवर उनको अंतिम विदाई देने कब्रिस्तान पहुंचे थे। वहां उन्होंने मीडिया से बातचीत के दौरान जगदीप को याद किया और बताया कि कैसे जगदीप की कॉपी करके वो खुद फेमस हो गए। जॉनी लीवर ने बताया, उनकी मिमिक्री करता था, उनको कॉपी करता था। लोग बोलते, एक लड़का है जगदीप साहब की कॉपी करता है। उनकी कॉपी करते-करते मेरा नाम हुआ। मुझे उनके साथ काम करने का मौका मिला। वह अच्छी बातें बताते थे। मैंने उनसे बहुत कुछ सीखा। वह बहुत बड़े आर्टिस्ट थे। फिल्म में जगदीप साहब होते तो लोग थिअटर से उनके डायलॉग्स बोलते हुए बाहर निकलते थे।
गौरतलब है कि जगदीप ने अपने करियर में ४०० से अधिक फिल्में कीं। उन्होंने बीआर चोपड़ा की फिल्म अफसाना से बतौर बाल कलाकार अपना करियर शुरू किया था। इनमें दो बीघा जमीन, आर पार, खिलौना और तीन बहूरानियां जैसी फिल्में शामिल हैं। जगदीप को सिनेमा के कॉमिक आइकॉन्स की परंपरा में जॉनी वॉकर और महमूद के बाद आखिरी माना जाता है। जगदीप ने ९० के दशक में भी अंदाज अपना अपना जैसी फिल्मों में बेहतरीन रोल निभाए। जगदीप के दोनों बेटे नावेद और जावेद जाफरी भी फिल्मी दुनिया में सक्रिय हैं। कुछ साल पहले जावेद की एक हल्की-फुल्की फिल्म वॉर छोड़ न यार को दर्शकों ने काफी पसंद किया था। वैसे जावेद और नावेद दोनों ने छोटे पर्दे पर काफी काम किया है। जगदीप अब हमारे बीच नहीं हैं पर उन्होंने पर्दे पर बोलने का जो खास अंदाज विकसित किया था, वो उन्हें मनोरंजन जगत में हमेशा जीवित रखेगा।